Punjab election duty accident teachers पंजाब में चुनाव ड्यूटी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को लेकर शिक्षक संगठनों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा है। मोगा में रविवार को शिक्षक यूनियनों ने “इंसाफ रैली” निकालकर उस शिक्षक दंपती के परिजनों के लिए 4 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की, जिनकी दिसंबर में पोल ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
पंजाब के मोगा में एक महीने बाद भी शिक्षक दंपती की मौत का मामला ठंडा नहीं पड़ा है। 14 दिसंबर को ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनाव ड्यूटी पर जाते समय हुए हादसे में Jaskaran Singh और उनकी पत्नी Kamaljit Kaur की मौत हो गई थी। इसी को लेकर रविवार को मोगा ग्रेन मंडी में शिक्षक यूनियनों ने “इंसाफ रैली” आयोजित की।
मोगा ग्रेन मंडी में उबाल
रैली के दौरान शिक्षकों ने पंजाब सरकार पर “खराब चुनाव प्रबंधन” का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने फिरोजपुर–मोगा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। शिक्षकों का कहना था कि सरकार की ओर से घोषित 10-10 लाख रुपये का मुआवजा मृत शिक्षकों के सम्मान और परिवार की जरूरतों के सामने “क्रूर मज़ाक” है।
4 करोड़ मुआवजे की मांग
शिक्षक संगठनों ने साफ मांग रखी कि मृत शिक्षक दंपती के परिवार को 4 करोड़ रुपये, यानी 2-2 करोड़ रुपये का मुआवजा तुरंत दिया जाए। साथ ही, दोनों बच्चों—एक बेटे और एक बेटी—की पढ़ाई से लेकर पोस्टग्रेजुएशन तक का पूरा खर्च सरकार उठाए और पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया जाए।
AAP सरकार पर सीधा हमला
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि बार-बार आग्रह के बावजूद राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर ड्यूटी नहीं दी, बल्कि दूर-दराज इलाकों में तैनाती कर दी, जिससे कोहरे और खराब मौसम में जान जोखिम में पड़ी।
हाईवे जाम, फिर प्रशासन का आश्वासन
करीब कुछ समय तक हाईवे जाम रहने के बाद मोगा प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains 27 जनवरी को चंडीगढ़ में शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।
DTF नेताओं का ऐलान
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के दोनों धड़ों के नेता Democratic Teachers Front से जुड़े Vikram Dev और Digvijay Pal Sharma ने कहा कि जब तक मृत शिक्षक दंपती को न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
एक और हादसे का जिक्र
शिक्षक नेता Jasvir Talwara ने बताया कि उसी दिन संगरूर जिले की एक शिक्षिका Rajvir Kaur भी चुनाव ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई थीं और अभी इलाज चल रहा है। इससे साफ है कि यह एक अकेला मामला नहीं है।
आम शिक्षकों पर असर
इस घटना के बाद शिक्षकों में डर और गुस्सा दोनों है। उनका कहना है कि गैर-शैक्षणिक काम, खासकर चुनाव ड्यूटी, शिक्षकों पर थोपना उनकी और उनके परिवार की जान से खिलवाड़ है।
विश्लेषण
यह मामला सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि चुनावी व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल है। शिक्षक संगठनों की मांगें मान ली जाती हैं या नहीं, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन इस आंदोलन ने पंजाब सरकार पर नैतिक और राजनीतिक दबाव जरूर बढ़ा दिया है।
जानें पूरा मामला
दिसंबर 2025 में मोगा जिले के शिक्षक दंपती चुनाव ड्यूटी पर जाते वक्त सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। सरकार ने 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवजा घोषित किया, जिसे शिक्षक संगठन नाकाफी बता रहे हैं। इसी के विरोध में मोगा में “इंसाफ रैली” निकाली गई।
मुख्य बातें (Key Points)
- चुनाव ड्यूटी पर जाते समय शिक्षक दंपती की मौत
- मोगा में शिक्षक यूनियनों की “इंसाफ रैली”
- 4 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
- AAP सरकार पर खराब चुनाव प्रबंधन का आरोप
- 27 जनवरी को शिक्षा मंत्री से बैठक का आश्वासन








