Haryana Welfare Schemes : चंडीगढ़, 17 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री Naib Singh Saini ने शनिवार को राज्य में कल्याणकारी योजनाओं को नई गति देते हुए लाभार्थियों को 858 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा किसानों के नाम रहा, जहां पांच कृषि-संबंधी योजनाओं के तहत 659 करोड़ रुपये सीधे जारी किए गए। यह राशि महिला सशक्तिकरण, किसान समृद्धि और गरीब कल्याण की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व से प्रेरित होकर हरियाणा सरकार समावेशी और जन-केंद्रित शासन की नीति पर काम कर रही है, ताकि समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।
कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि को भविष्य के लिए तैयार और लाभकारी बनाना है, ताकि किसान परिवारों की अगली पीढ़ी भी खेती से जुड़ी रहे। इसी सोच के तहत “बीज से बाजार तक” किसानों को सहयोग देने की नीति अपनाई गई है। शनिवार को पांच कृषि योजनाओं के अंतर्गत कुल 659 करोड़ रुपये अनुदान और प्रोत्साहन के रूप में जारी किए गए।
फसल अवशेष प्रबंधन और डीएसआर को बढ़ावा
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पराली न जलाने वाले 5,54,405 किसानों को 461.75 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। इसके अलावा 9,885 फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर 85.10 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई। धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपनाने वाले 31,605 किसानों को 75.54 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया।
मेरी पानी–मेरी विरासत और भावांतर भरपाई
खरीफ सीजन 2025-26 के लिए “मेरी पानी–मेरी विरासत” योजना के तहत 13,500 किसानों को 15.75 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं, भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत आलू और फूलगोभी उगाने वाले 4,073 किसानों को 20 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से महिलाओं को सीधा लाभ
महिला सशक्तिकरण के तहत सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की तीसरी किस्त जारी की। इसके अंतर्गत 8,63,918 पात्र महिलाओं के खातों में 181 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। अब तक तीन किस्तों में कुल 441 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
योजना का दायरा बढ़ा, ज्यादा महिलाएं होंगी शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 से इस योजना की आय सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है। इससे अधिक बेटियां और महिलाएं योजना से जुड़ सकेंगी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी बच्चों की माताओं और कुपोषण से उबर चुके बच्चों की माताओं को भी इसमें शामिल किया गया है।
₹2100 मासिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा
योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 2,100 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाती है। फरवरी 2026 से 1,100 रुपये सीधे खाते में और 1,000 रुपये आरडी या एफडी में जमा होंगे, जिससे महिलाओं को तत्काल सहायता के साथ दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।
हर घर–हर गृहिणी योजना से रसोई को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि “हर घर–हर गृहिणी” योजना के तहत 6,08,842 लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 18.56 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस योजना में योग्य महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है।
विश्लेषण (Analysis): क्यों अहम है यह फैसला
858 करोड़ रुपये का यह सीधा वितरण केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने का प्रयास है। किसानों को प्रोत्साहन देकर पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं को नियमित आय देकर आत्मनिर्भरता और गरीब परिवारों को रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधा देकर जीवन स्तर सुधारने की रणनीति साफ दिखाई देती है। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक नीतिगत उदाहरण बन सकता है।
जानें पूरा मामला
हरियाणा सरकार ने एक ही दिन में कृषि, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के तहत 858 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर यह संदेश दिया है कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतर रही हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुख्यमंत्री ने 858 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की
- किसानों को पांच योजनाओं के तहत 659 करोड़ रुपये का लाभ
- 8.63 लाख महिलाओं को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की किस्त
- गैस सिलेंडर सब्सिडी से 6 लाख से अधिक परिवारों को राहत








