Haryana Electricity Regulatory Commission : चंडीगढ़, 17 जनवरी। हरियाणा में बिजली क्षेत्र से जुड़े अहम फैसलों को लेकर Haryana Electricity Regulatory Commission (एचईआरसी) की 33वीं राज्य सलाहकार समिति (SAC) की बैठक 22 जनवरी को सुबह 11:30 बजे पंचकूला स्थित आयोग के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष Nand Lal Sharma करेंगे। इस अहम बैठक में उपभोक्ता हितों, पावर यूटिलिटीज़ की वैश्विक पहचान और पूर्व निर्णयों की समीक्षा पर चर्चा होगी।
बैठक में आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार के साथ-साथ प्रदेश की सभी पावर यूटिलिटीज़ के प्रबंध निदेशक और राज्य सलाहकार समिति के अन्य सदस्य शामिल होंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
क्या है राज्य सलाहकार समिति की भूमिका
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, राज्य सलाहकार समिति में अधिकतम 21 सदस्य होते हैं। इनमें उद्योग, कृषि, उपभोक्ता संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व शामिल रहता है। यह समिति Electricity Act 2003 के तहत गठित एक सलाहकारी मंच है, जो बिजली क्षेत्र की नीतियों और उपभोक्ता हितों से जुड़े मुद्दों पर आयोग को सुझाव देता है।
पावर यूटिलिटीज़ को वैश्विक पहचान दिलाने की रणनीति
33वीं SAC बैठक का एक बड़ा एजेंडा हरियाणा की पावर यूटिलिटीज़ को केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है। बैठक में इस पर मंथन होगा कि दक्षता, तकनीकी उन्नयन और पारदर्शी संचालन के जरिए बिजली कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को कैसे मजबूत कर सकती हैं।
उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली
बैठक का एक अहम फोकस बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर रहेगा। आयोग इस बात पर चर्चा करेगा कि वितरण निगमों की कार्यप्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
शिकायत निवारण और जवाबदेही पर जोर
एचईआरसी बैठक में उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी गहन विचार-विमर्श करेगा। उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता, समयबद्ध समाधान और जवाबदेही तय करने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पूर्व निर्णयों की होगी समीक्षा
बैठक में पिछली SAC बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा भी की जाएगी। यह आकलन किया जाएगा कि कौन-से फैसले ज़मीन पर उतरे, कहां प्रगति हुई और किन क्षेत्रों में अब भी सुधार की जरूरत है। आयोग का स्पष्ट उद्देश्य है कि सलाह केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक क्रियान्वयन हो।
विश्लेषण (Analysis): क्यों अहम है यह बैठक
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हरियाणा का पावर सेक्टर तेजी से बदलते तकनीकी और उपभोक्ता अपेक्षाओं के दौर से गुजर रहा है। यदि SAC के सुझावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे न सिर्फ बिजली आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा। वहीं, वैश्विक मानकों की ओर कदम बढ़ाना राज्य की पावर यूटिलिटीज़ को भविष्य के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकता है।
जानें पूरा मामला
22 जनवरी को होने वाली एचईआरसी की 33वीं राज्य सलाहकार समिति बैठक में उपभोक्ता हित, पावर यूटिलिटीज़ की कार्यक्षमता, शिकायत निवारण और पूर्व निर्णयों की समीक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर हरियाणा के बिजली क्षेत्र की आगे की दिशा तय की जाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- 22 जनवरी को पंचकूला में होगी HERC की 33वीं SAC बैठक
- उपभोक्ता हित और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर रहेगा फोकस
- पावर यूटिलिटीज़ को वैश्विक पहचान दिलाने की रणनीति पर चर्चा
- पूर्व SAC निर्णयों की प्रगति की होगी समीक्षा








