Iran Protests के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर पहली दो वाणिज्यिक उड़ानें बीती रात दिल्ली पहुंच गईं। ये फ्लाइट्स नियमित थीं और किसी विशेष निकासी अभियान का हिस्सा नहीं थीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान में शासन विरोधी हिंसक प्रदर्शन, इंटरनेट बंदी और तनावपूर्ण हालात की खबरें लगातार आ रही हैं।
दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने बताया कि बीते दो हफ्तों के दौरान ईरान के कई हिस्सों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। 15 जनवरी को ईरानी हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद रहा, जिसके चलते भारत से आने-जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुईं। हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है, लेकिन एहतियातन कई भारतीयों ने स्वदेश लौटना ही बेहतर समझा।
इंटरनेट बंद, परिवार से संपर्क टूटा
भारत लौटे यात्रियों ने बताया कि सबसे बड़ी परेशानी इंटरनेट बंद होने की रही। कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और डेटा सेवाएं पूरी तरह ठप थीं, जिससे परिवार से संपर्क करना लगभग नामुमकिन हो गया। एक भारतीय नागरिक ने बताया कि बाहर निकलते ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर गाड़ियों को रोक लेते थे और हल्की झड़पें भी देखने को मिलती थीं।
छात्रों और तीर्थयात्रियों ने साझा किया अनुभव
ईरान से लौटी एक एमबीबीएस छात्रा ने बताया कि उसने विरोध प्रदर्शनों की खबरें तो सुनीं, लेकिन खुद किसी हिंसक प्रदर्शन का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, काम के सिलसिले में ईरान गए एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी समस्या सिर्फ नेटवर्क की कमी रही।
कुछ तीर्थयात्रियों ने बताया कि वे जियारत के लिए ईरान गए थे और हालात बिगड़ने के बाद भारत लौट आए।
तेहरान और अन्य शहरों में दिखा तनाव
यात्रियों के अनुसार, Tehran, मशहद और कुम जैसे शहरों में प्रदर्शन हुए। कई जगह आगजनी की घटनाएं भी देखी गईं। हालांकि कुछ यात्रियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की संख्या शासन समर्थकों के मुकाबले कम थी और अब राजधानी में स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर नजर आ रही है।
भारतीय दूतावास की अहम भूमिका
दिल्ली पहुंचे भारतीयों ने बताया कि Indian Embassy Tehran लगातार संपर्क में रहा और यात्रियों को जरूरी सलाह व सहायता उपलब्ध कराता रहा। दूतावास छात्रों, पर्यटकों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों से लगातार जुड़ा हुआ था, हालांकि इंटरनेट बंदी के कारण कई बार संपर्क करना मुश्किल हो गया।
सरकार ने दी गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह
भारत सरकार ने हालात को देखते हुए अपने नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। Ministry of External Affairs India लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता के लिए तैयार है। फिलहाल ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक अभी भी मौजूद हैं।
अंतरराष्ट्रीय तनाव की भी रही छाया
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में ईरान में तनाव तब और बढ़ गया, जब Ayatollah Ali Khamenei के शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भड़के। इसी दौरान Donald Trump और ईरान सरकार के बीच तीखी बयानबाजी से सैन्य टकराव की आशंका भी जताई गई। हालांकि यात्रियों के मुताबिक अब हालात कुछ हद तक शांत हो रहे हैं।
आम लोगों पर असर
इंटरनेट बंदी, सड़कों पर प्रदर्शन और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता ने वहां रह रहे भारतीयों में डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। परिवार से संपर्क टूटने के कारण मानसिक तनाव बढ़ा, जिसकी वजह से कई लोगों ने हालात सामान्य होने से पहले ही भारत लौटना सुरक्षित समझा।
जानें पूरा मामला
ईरान में हालिया सप्ताहों के दौरान शासन विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था। हवाई क्षेत्र के अस्थायी रूप से बंद होने से उड़ानें प्रभावित हुईं। इसी बीच भारत लौटने वाले यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें इंटरनेट बंदी, प्रदर्शन, आगजनी और तनावपूर्ण माहौल का जिक्र प्रमुख रहा। अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन भारतीय अधिकारी सतर्क बने हुए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान से भारतीय नागरिकों को लेकर पहली दो नियमित फ्लाइट्स दिल्ली पहुंचीं
- यात्रियों ने इंटरनेट बंदी और प्रदर्शनों के अनुभव साझा किए
- भारतीय दूतावास ने लगातार सहायता और सलाह उपलब्ध कराई
- ईरान में अभी भी करीब 9,000 भारतीय मौजूद








