US Bangladesh Trade Deal : अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक नई ट्रेड डील आकार लेती दिख रही है। बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Dr. Khalilur Rahman वाशिंगटन डीसी के दौरे पर हैं, जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत Jamison Greer से हुई। बातचीत का केंद्र बांग्लादेश पर लगने वाले मौजूदा 20% पारस्परिक टैरिफ को घटाने की संभावना रही, जिस पर अमेरिका ने चर्चा के लिए सहमति जताई है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों अटकी?
दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका और बांग्लादेश के बीच ट्रेड डील आगे बढ़ती दिख रही है, वहीं भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अब भी अटका हुआ है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और Donald Trump के बीच कई बार बातचीत होने के बावजूद दोनों देशों के बीच ठोस डील नहीं बन सकी।
टैरिफ में फर्क, असर सीधा कारोबार पर
मौजूदा स्थिति में बांग्लादेश पर अमेरिका का टैरिफ 20% है, जबकि भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया गया है। इसमें 25% पारस्परिक और 25% पेनल्टी के तौर पर शामिल बताया गया है। ऐसे में अगर बांग्लादेश को टैरिफ में राहत मिलती है, तो इसका सीधा फायदा उसके निर्यात सेक्टर को होगा और भारत को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
टेक्सटाइल सेक्टर बना सबसे बड़ा फैक्टर
बांग्लादेश और भारत दोनों ही टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग में वैश्विक बाजार के बड़े खिलाड़ी हैं। यदि समान गुणवत्ता वाले उत्पाद में बांग्लादेश का रेट कम होता है, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदार स्वाभाविक रूप से उसी की ओर झुकेंगे। इससे भारतीय टेक्सटाइल उद्योग पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका का भरोसा, बांग्लादेश को निर्यात बढ़ाने की छूट
बातचीत में दोनों देशों ने बांग्लादेश के निर्यात प्राथमिकताओं का समर्थन किया। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि बांग्लादेश को अमेरिकी बाजार में टेक्सटाइल और कपड़ों के निर्यात के लिए टैरिफ मुक्त या रियायती पहुंच मिल सकती है। यह सुविधा अमेरिकी निर्मित कपास और मानव-निर्मित फाइबर के आयात के बराबर मानी जाएगी, जिसे स्क्वायर मीटर के आधार पर आंका जाएगा।
Human Impact: क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर असर
अगर यह डील लागू होती है, तो बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है, निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं भारत के लिए यह चेतावनी है कि वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा और कड़ी होने वाली है।
मजबूत विश्लेषण (Analysis)
अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील सिर्फ आर्थिक समझौता नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में भी बदलाव का संकेत है। टैरिफ राहत के जरिए अमेरिका जहां बांग्लादेश को रणनीतिक साझेदार के रूप में मजबूत कर रहा है, वहीं भारत पर अप्रत्यक्ष दबाव भी बढ़ता दिख रहा है। आने वाले समय में यह डील भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
-
अमेरिका और बांग्लादेश के बीच ट्रेड डील पर सहमति के संकेत
-
बांग्लादेश के 20% टैरिफ को घटाने पर चर्चा
-
भारत पर 50% टैरिफ, प्रतिस्पर्धा में नुकसान की आशंका
-
टेक्सटाइल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है
-
क्षेत्रीय राजनीति और व्यापार संतुलन पर असर








