Donald Trump News : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इन दिनों अपने अचानक और तीखे फैसलों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। कभी विदेशी नेताओं को धमकी, कभी 500% टैरिफ लगाने की चेतावनी, तो कभी अपने ही पुराने बयानों से पलटना—इन सबके बीच अब एक नया सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सिर्फ ट्रंप की राजनीतिक शैली है या इसके पीछे कोई दवा, खासकर एस्प्रिन का असर छिपा है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट से शुरू हुई बहस
एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि ट्रंप बीते कई वर्षों से रोजाना एस्प्रिन ले रहे हैं। The New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप पिछले करीब 20 सालों से रोजाना 325 मिलीग्राम एस्प्रिन ले रहे हैं, जो सामान्य तौर पर सुझाई गई मात्रा से लगभग चार गुना ज्यादा बताई जा रही है।
खुद ट्रंप ने क्या कहा था
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में The Wall Street Journal से कहा था कि उन्हें बताया गया है कि एस्प्रिन खून को पतला करती है और वह नहीं चाहते कि उनके दिल में गाढ़ा खून बहे। हालांकि उनकी मेडिकल टीम ने डोज कम करने की सलाह दी थी, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया।
उम्र और मेडिकल गाइडलाइंस का सवाल
डोनाल्ड ट्रंप की उम्र 79 साल बताई गई है। मेडिकल गाइडलाइंस के मुताबिक 60–70 साल से अधिक उम्र के लोगों को बिना ठोस कारण के नियमित एस्प्रिन लेने की सलाह नहीं दी जाती। American Heart Association समेत कई मेडिकल संस्थाएं इस पर सावधानी बरतने को कहती हैं।

2018 की रिसर्च ने बदली तस्वीर
एक समय माना जाता था कि एस्प्रिन हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाती है, लेकिन 2018 में सामने आई बड़ी मेडिकल स्टडीज़ में पाया गया कि जिन लोगों को दिल की बीमारी का कोई इतिहास नहीं है, उनमें इसका फायदा सीमित है। उल्टा, इससे खून बहने, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग और गंभीर मामलों में मौत का खतरा बढ़ सकता है।
दिमाग और व्यवहार पर असर की आशंका
रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादा मात्रा में एस्प्रिन लेने से बुजुर्गों में कंफ्यूजन, बेचैनी, नर्वसनेस और डिप्रेशन बढ़ सकता है। इसी कड़ी में सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप के हालिया आक्रामक और अस्थिर दिखने वाले व्यवहार का संबंध इसी से है।
डॉक्टरों की राय क्या कहती है
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी लॉस एंजेलस के प्राइमरी केयर फिजिशियन Dr. John Mafi के मुताबिक रोजाना एस्प्रिन सिर्फ उन्हीं लोगों को दी जानी चाहिए जिन्हें पहले हार्ट अटैक, स्ट्रोक या कार्डियोवस्कुलर बीमारी रही हो। बिना स्पष्ट मेडिकल वजह के इसका सेवन जोखिम भरा हो सकता है।
व्हाइट हाउस का पक्ष
व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक मेमो में कहा गया कि ट्रंप की हालिया कार्डियोवस्कुलर इमेजिंग रिपोर्ट सामान्य है। हालांकि पुराने स्कैन में धमनियों में हल्का ब्लॉकेज बताया गया था, जिसे उनकी उम्र के हिसाब से सामान्य माना गया।
Human Impact: दुनिया पर असर
यह मामला सिर्फ ट्रंप की सेहत तक सीमित नहीं है। दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर बैठे व्यक्ति के फैसलों का असर वैश्विक राजनीति, बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ता है। ऐसे में अगर उनका व्यवहार असंतुलित दिखे, तो चिंता सिर्फ अमेरिका की नहीं, पूरी दुनिया की बन जाती है।
मजबूत विश्लेषण (Analysis)
ट्रंप का बर्ताव उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, क्योंकि आक्रामक बयानबाजी हमेशा से उनकी पहचान रही है। लेकिन जब मेडिकल रिपोर्ट्स और दवाओं के संभावित साइड इफेक्ट सामने आते हैं, तो सवाल और गहरे हो जाते हैं। सच क्या है—यह आने वाली मेडिकल जांच और आधिकारिक बयानों से ही साफ होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
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डोनाल्ड ट्रंप के व्यवहार पर अमेरिकी मीडिया में नई बहस
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रिपोर्ट्स के अनुसार लंबे समय से ज्यादा मात्रा में एस्प्रिन सेवन
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मेडिकल गाइडलाइंस बुजुर्गों को नियमित एस्प्रिन से सावधान करती हैं
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ओवरडोज से दिमाग और व्यवहार पर असर की आशंका
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ट्रंप का बर्ताव राजनीति या दवा—सवाल अब भी खुला








