Budget 2026 Tax Relief : बजट 2026 को लेकर देशभर के टैक्सपेयर्स की निगाहें टिकी हैं। फरवरी में पेश होने वाले इस आम बजट से यह साफ होगा कि सरकार महंगाई से राहत देगी या नहीं और इनकम टैक्स में कोई नई छूट मिलेगी या नहीं। हर बार की तरह इस बार भी लोगों की उम्मीदें निर्मला सीतारमण से जुड़ी हैं, जिनके बजट फैसलों ने पहले भी टैक्सपेयर्स को राहत दी है।

टैक्सपेयर्स को क्यों है खास इंतजार
जब-जब वित्त मंत्री ने बजट पेश किया है, तब-तब टैक्सपेयर्स को कुछ न कुछ राहत मिली है। खासतौर पर सरकार का फोकस इनकम टैक्स की नई रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाने पर रहा है। यही वजह है कि इस बार भी टैक्स को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं।
नई टैक्स रिजीम पर सरकार का फोकस
इनकम टैक्स की नई रिजीम की शुरुआत साल 2020 में की गई थी। इसके बाद से लगातार इसमें बदलाव किए जाते रहे हैं। Union Budget 2025 में नई रिजीम के तहत टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाई गई और टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया। सबसे बड़ा ऐलान सालाना 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स-फ्री करने का था, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली।
क्या Budget 2026 में दोहराया जाएगा बड़ा ऐलान
पिछले बजट की बड़ी राहत के बाद इस बार भी लोग उसी तरह के ऐलान की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार शायद पिछले साल जैसा कोई बड़ा टैक्स-बॉम्ब न फूटे। इसके बजाय सरकार टैक्स सिस्टम को आसान बनाने, कंप्लायंस बढ़ाने और कम आय वाले टैक्सपेयर्स को राहत देने पर ध्यान दे सकती है।
कम रिटर्न फाइलिंग सरकार की चिंता
देश की कुल आबादी में अब भी बहुत कम लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। इससे सरकारी खजाने पर असर पड़ता है। इसी वजह से सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स सिस्टम से जुड़ें। बजट 2026 में इसी दिशा में कुछ अहम कदम देखने को मिल सकते हैं।

होम लोन और इंश्योरेंस पर भी उम्मीदें
टैक्स के साथ-साथ होम लोन पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स बढ़ाने की भी मांग उठ रही है। फिलहाल होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की कटौती का प्रावधान है। इसके अलावा सरकार महिलाओं और ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष इंश्योरेंस उत्पाद की घोषणा कर सकती है, जिसे जनधन खातों से जोड़ा जा सकता है।
महिलाओं और इंश्योरेंस पर संभावित राहत
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अब तक 55 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खुल चुके हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत से अधिक महिलाओं के हैं। यदि इंश्योरेंस को जनधन खाते से जोड़ा गया, तो करोड़ों महिलाएं सुरक्षा कवच के दायरे में आ सकती हैं। हाल ही में इंश्योरेंस प्रीमियम और जीएसटी में कमी के बावजूद एजेंटों की मनमानी की शिकायतें सामने आई हैं, ऐसे में बजट में सख्ती के संकेत भी मिल सकते हैं।
Human Impact
यदि टैक्स छूट, होम लोन बेनिफिट और इंश्योरेंस योजनाओं में सुधार होता है, तो इसका सीधा असर मध्यम वर्ग, महिलाओं और कम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा। इससे उनकी बचत बढ़ेगी और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
Analysis
बजट 2026 से बहुत बड़ी घोषणाओं की उम्मीद भले ही कम हो, लेकिन टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को सरल बनाने और ज्यादा लोगों को टैक्स सिस्टम से जोड़ने की रणनीति सरकार के लिए अहम साबित हो सकती है। यह कदम दीर्घकाल में राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ टैक्सपेयर्स का भरोसा भी मजबूत करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
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बजट 2026 से टैक्सपेयर्स को फिर राहत की उम्मीद
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नई टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाने पर फोकस
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2025 में 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री की गई थी
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होम लोन टैक्स बेनिफिट बढ़ने की संभावना
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महिलाओं के लिए इंश्योरेंस योजना पर नजर








