India US Tariff : अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 500% टैरिफ लगाने की धमकी के बाद भारत ने कड़े शब्दों में जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि जिस बिल की बात की जा रही है, वह प्रस्तावित है और भारत उससे जुड़ी गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है। साथ ही यह भी दोहराया गया कि ऊर्जा स्रोतों को लेकर भारत का रुख वैश्विक बाजार परिस्थितियों और अपने नागरिकों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने पर आधारित है।

कौन, कब, कहाँ और क्या
भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव के बीच अमेरिका की ओर से 500% टैरिफ का बयान आया। इसके जवाब में Ministry of External Affairs के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने भारत का आधिकारिक पक्ष सामने रखा और अमेरिकी दावों को खारिज किया।
‘यह प्रस्तावित बिल है’—भारत की दो टूक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जिस बिल की चर्चा हो रही है, वह अभी प्रस्तावित है। भारत को इसकी जानकारी है और इससे जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारत किसी भी दबाव में आकर फैसला नहीं करता, बल्कि परिस्थितियों का आकलन कर रणनीति तय करता है।
ऊर्जा नीति पर भारत का स्पष्ट रुख
भारत ने दोहराया कि ऊर्जा स्रोतों के मामले में उसका दृष्टिकोण वैश्विक बाजार की स्थिति और हालात पर निर्भर करता है। लक्ष्य साफ है—1.4 अरब लोगों को सस्ती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध कराना। इसी आधार पर नीति और फैसले लिए जाते हैं।
ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी दावे खारिज
अमेरिका की ओर से यह दावा किया गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति को फोन नहीं किया। भारत ने इस बयान को सिरे से नकार दिया। बताया गया कि 2025 में दोनों नेताओं के बीच आठ बार बातचीत हो चुकी है।
भारत का सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम में भारत का संदेश स्पष्ट है—धमकियों के आगे झुकने का सवाल नहीं। जब-जब ऐसे बयान आए हैं, भारत ने तथ्यों के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया है।
विश्लेषण (Analysis)
यह प्रतिक्रिया सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता का संकेत भी देती है। प्रस्तावित बिल पर नजर रखना और साथ ही ऊर्जा व व्यापार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित रुख अपनाना दिखाता है कि भारत भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक फैसले करता है। इससे यह भी संदेश जाता है कि द्विपक्षीय रिश्तों में संवाद अहम है, आरोप-प्रत्यारोप नहीं।
आम लोगों पर क्या असर
टैरिफ जैसे मुद्दों का सीधा असर कीमतों और आपूर्ति पर पड़ सकता है। भारत का यह रुख संकेत देता है कि घरेलू हितों—खासकर ऊर्जा की उपलब्धता और कीमत—को सर्वोपरि रखा जाएगा।
जानें पूरा मामला
अमेरिका की ओर से 500% टैरिफ की बात सामने आने के बाद भारत ने इसे प्रस्तावित बताते हुए स्थिति स्पष्ट की। साथ ही ट्रेड डील और नेताओं के संवाद को लेकर किए गए दावों को तथ्यात्मक रूप से खारिज किया गया।
मुख्य बातें (Key Points)
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500% टैरिफ पर भारत का सख्त जवाब
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MEA ने कहा—यह सिर्फ प्रस्तावित बिल
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ऊर्जा नीति वैश्विक बाजार व घरेलू जरूरतों पर आधारित
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ट्रेड डील पर फोन कॉल वाला दावा खारिज
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2025 में नेताओं के बीच 8 बार बातचीत का उल्लेख








