Land for Jobs Scam : शुक्रवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में बिहार की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया। आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री Lalu Prasad Yadav और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ रेलवे जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आपराधिक आरोप तय कर दिए गए। अदालत ने साफ कहा कि यह मामला अलग-अलग लेनदेन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक साजिश का है, जिसमें सभी आरोपियों ने साझा उद्देश्य के तहत काम किया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने एक “आपराधिक सिंडिकेट” की तरह काम किया। अदालत ने यह भी कहा कि नियुक्तियों के पीछे एक व्यापक साजिश थी, जिसे संगठित तरीके से अंजाम दिया गया।
परिवार के किन-किन सदस्यों पर आरोप
इस मामले में लालू यादव के साथ-साथ Rabri Devi, Tejashwi Yadav, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने साफ किया कि इन सभी की भूमिकाएं आपस में जुड़ी हुई थीं।
किन धाराओं में चलेगा मुकदमा
कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धारा 13(1)(d) और 13(2) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में भी मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। अदालत के अनुसार, सरकारी संवैधानिक अधिकारों और विवेक का दुरुपयोग इस पूरे मामले में साफ नजर आता है।
CBI की साजिश वाली दलील को मंजूरी
इस केस में Central Bureau of Investigation की उस दलील को अदालत ने स्वीकार कर लिया, जिसमें कहा गया था कि रेलवे में हुई नियुक्तियों के पीछे एक ओवरऑल आपराधिक साजिश थी। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपियों को इस स्तर पर बरी करने की मांग सही नहीं है।

कुछ आरोपियों को राहत
जहां एक तरफ लालू परिवार पर शिकंजा कसा है, वहीं कोर्ट ने 52 आरोपियों को बरी करने का आदेश भी दिया। चार्जशीट के मुताबिक, इन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। हालांकि, कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।
अब आगे क्या होगा
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले को 29 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया है। अगली तारीख पर आरोपियों से आरोपों की स्वीकारोक्ति या इनकार दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद मुकदमे का नियमित ट्रायल शुरू होगा।
आम जनता और राजनीति पर असर
यह फैसला न सिर्फ लालू परिवार के लिए बड़ा झटका है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ाने वाला है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बता रहा है, जबकि समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे सकते हैं।
विश्लेषण (Analysis)
कोर्ट द्वारा “आपराधिक सिंडिकेट” जैसी कड़ी टिप्पणी अपने-आप में बेहद गंभीर है। यह संकेत देता है कि मामला सिर्फ प्रशासनिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि सत्ता और पद के दुरुपयोग से जुड़े एक संगठित ढांचे का है। अगर ट्रायल में आरोप साबित होते हैं, तो इसका असर लालू यादव की राजनीतिक विरासत और आरजेडी की भविष्य की रणनीति पर गहरा पड़ सकता है।
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जानें पूरा मामला
रेलवे जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरोप है कि रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन ली गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक तय साजिश के तहत हुआ, जिसमें परिवार के कई सदस्यों की भूमिका रही।
मुख्य बातें (Key Points)
- राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार पर आरोप तय किए।
- कोर्ट ने कहा– एक संगठित आपराधिक साजिश का मामला।
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धाराओं में ट्रायल होगा।
- 29 जनवरी से नियमित अदालती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।








