🔆 रविवार, 11 जनवरी 2026 🌙✨
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

Mamata vs ED: ममता बनर्जी का ‘खेला’, ED के चंगुल से छीन लाईं गोपनीय दस्तावेज़!

कोलकाता में IPAC दफ्तर पर छापे के दौरान मुख्यमंत्री सीधे पहुंचीं, अमित शाह को बताया 'Nasty Home Minister'

The News Air Team by The News Air Team
गुरूवार, 8 जनवरी 2026
A A
0
Mamta Banrjee
105
SHARES
702
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Mamata Banerjee ED Raid: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में ED (प्रवर्तन निदेशालय) को खुली चुनौती दे दी। जहां छापा पड़ रहा था, वहीं ममता ने धावा बोल दिया और अपनी पार्टी के दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर बाहर निकल आईं। चुनावी सर्वे और रणनीति बनाने वाली कंपनी IPAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ED का सर्च ऑपरेशन चल रहा था, तभी ममता बनर्जी सीधे वहां पहुंच गईं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को “Nasty Home Minister” और “Naughty Home Minister” तक कह दिया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि अपने गृह मंत्री को संभालिए।


ममता ने ED के सामने किया धावा, हार्ड डिस्क लेकर निकलीं

ममता बनर्जी सबसे पहले प्रतीक जैन के घर पहुंचीं जहां ED की टीम सर्च कर रही थी। वहां से वे पार्टी से जुड़े दस्तावेज और हार्ड डिस्क लेकर बाहर आ गईं। इसके बाद वे IPAC के दफ्तर भी गईं जहां उनकी पार्टी का आईटी सेल काम करता है। ममता काफी गुस्से में नजर आ रही थीं और उन्होंने खुलकर हमला बोला।

ममता ने कहा कि ED ने उनकी पार्टी का हार्ड डिस्क ले लिया, फाइनेंशियल पेपर ले लिए, पॉलिटिकल पेपर ले लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी के कैंडिडेट लिस्ट, पार्टी स्ट्रेटजी और पार्टी प्लान जब्त करना ED का काम है?

यह भी पढे़ं 👇

Donald Trump

Trump की ‘Unlimited Power’ का दावा, दुनिया के नेता हैरान-परेशान

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Typhoid Antibiotic Resistance

Typhoid News: दवाएं फेल, Antibiotic Resistance से बढ़ता खतरा

शनिवार, 10 जनवरी 2026
US-Bangladesh Trade Deal

US-Bangladesh Trade Deal: Tariff Relief से India को झटका?

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Farmers Protest Haryana

Farmers Protest Haryana: MSP Law को लेकर 26 Jan Tractor Parade

शनिवार, 10 जनवरी 2026

अमित शाह पर जमकर बरसीं ममता

ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो गृह मंत्री देश की सुरक्षा नहीं कर सकता, वह उनकी पार्टी के दस्तावेज छीन रहा है। ममता ने सवाल उठाया कि अगर वे भी बीजेपी के दफ्तरों पर इसी तरह छापे मारें तो क्या होगा?

ममता ने कहा कि बीजेपी को “डाकू” बोलने लगीं और कहा कि जिस बीजेपी के पास पहले एक भी पैसा नहीं था, अब हजारों-लाखों करोड़ की संपत्ति हो गई है। लेकिन उस पर न CBI ने कार्रवाई की न ED ने।


प्रतीक जैन कौन हैं और IPAC क्या है?

ममता बनर्जी का कहना है कि प्रतीक जैन उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रभारी हैं। IPAC एक राजनीतिक सर्वे और रणनीति बनाने वाली कंपनी है जो कभी प्रशांत किशोर से जुड़ी थी। हालांकि अब प्रशांत किशोर का इससे कोई संबंध नहीं है।

ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव के नाम पर ED उनकी पार्टी की सारी जानकारी हथियाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का कैंडिडेट लिस्ट, बूथ प्रेसिडेंट का लिस्ट, आने वाली स्ट्रेटजी, SIR का डेटा – सब कुछ लैपटॉप से निकालकर ले लिया गया।


ED का जवाब और ममता का पलटवार

ED ने अपने बयान में कहा कि उनका सर्च सबूतों के आधार पर था और किसी राजनीतिक संस्थान को टारगेट करना मकसद नहीं था। ED ने कहा कि किसी पार्टी मुख्यालय को सर्च नहीं किया गया और सर्च का चुनाव से कोई संबंध नहीं।

लेकिन ममता बनर्जी ने इस जवाब को “बचकाना” करार दिया। उन्होंने कहा कि आज सबको पता है कि पार्टी से जुड़े दस्तावेज केवल पार्टी मुख्यालय में नहीं होते। जब प्रतीक जैन पार्टी के प्रभारी हैं तो उनके पास पार्टी के दस्तावेज होना स्वाभाविक है।


ममता ने लिया बड़ा रिस्क

ममता बनर्जी ने आज जिस तरह ED की कार्रवाई को चुनौती दी, वैसा पहले किसी ने नहीं किया। यह पूरी तरह से अप्रत्याशित था। ममता ने बड़ा रिस्क लिया है – पॉलिटिकल भी और लीगल भी। उन पर कानून के काम में बाधा डालने के आरोप लग सकते हैं।

ममता ने कहा कि अगर बीजेपी हिम्मत से चुनाव लड़ना चाहती है तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जीते। उन्होंने कहा – “करते लूट, बोलते झूठ। हमारा पेपर लूट करते हैं, हमारा स्ट्रेटजी लूट करते हैं, हमारा डेटा लूट करते हैं, हमारा वोटर लूट करते हैं, हमारा बंगाल को लूट करते हैं।”


बिहार में ED शांत, बंगाल में सक्रिय

सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का पूरा चुनाव निकल गया लेकिन वहां ED का कोई खेल नजर नहीं आया। बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही ED ने बैटिंग शुरू कर दी है। यह पैटर्न बार-बार दोहराया जा रहा है कि जब भी विपक्ष शासित राज्यों में चुनाव आता है, ED सक्रिय हो जाती है।

ED ने अपने बयान में बताया कि जिस मामले में आज सर्च हुआ, उसकी FIR 2020 में ही दर्ज हुई थी। ईस्टर्न कोल्ड फील्ड से अवैध कोयला निकालकर बंगाल की फैक्ट्रियों को बेचा जा रहा था और हवाला नेटवर्क से पैसे घुमाए जा रहे थे। लेकिन 2020 की FIR पर कार्रवाई 2026 में चुनाव से ठीक पहले क्यों?


राहुल गांधी ने उठाया कांग्रेस के फ्रीज अकाउंट का मुद्दा

राहुल गांधी ने कहा कि एक महीने पहले कांग्रेस पार्टी के सारे बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। अगर किसी परिवार का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दो तो वे भूखे मर जाते हैं। यही कांग्रेस के साथ हो रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि 20% हिंदुस्तान के लोग कांग्रेस को वोट देते हैं और आज वे रेलवे टिकट भी नहीं खरीद सकते, अपने नेता को एक शहर से दूसरे शहर नहीं भेज सकते, एडवर्टाइजमेंट नहीं लगा सकते। और यह सब सात साल पुराने एक लाख रुपए के इश्यू के लिए हो रहा है जिस पर 200 करोड़ का फाइन लगा दिया गया।


हेमंत सोरेन का उदाहरण

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले ED ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरना शुरू कर दिया था। गोदी मीडिया ने उन्हें भयंकर भ्रष्टाचारी बताना शुरू कर दिया। हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दिया और 5 महीने जेल में रहे।

सारा चुनाव बीत गया तब जाकर उन्हें जमानत मिली। हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की ठोस वजह नहीं थी और जो सबूत पेश किए गए वो ठोस नजर नहीं आते। जो संस्था बिना ठोस सबूत के किसी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लेती है, उसकी साख पर सवाल होना स्वाभाविक है।


शरद पवार और अजीत पवार का मामला

2019 में महाराष्ट्र चुनाव के दौरान शरद पवार पर 25,000 करोड़ के को-ऑपरेटिव घोटाले का मामला दर्ज किया गया था। रोज उन्हें ललकारा जाता था कि ED बुलाएगी। शरद पवार ने कहा कि वे खुद ED के दफ्तर जाएंगे। तब पुलिस को कहना पड़ा कि आप मत जाइए, कानून व्यवस्था की समस्या हो जाएगी।

अजीत पवार पर 7,000 करोड़ के घोटाले का आरोप बीजेपी ने ही लगाया था। आज अजीत पवार उप मुख्यमंत्री हैं और बीजेपी के साथ सरकार में हैं। अजीत पवार ने खुद कहा था – “इससे बड़ी बेइज्जती क्या हो सकती है?”


ED की विश्वसनीयता पर सवाल

ED ने छापे को ही हथियार बना लिया है जबकि चार्जशीट दायर करने की दर 25% भी नहीं है। ट्रायल की शुरुआत तो 1% से भी कम मामलों में है। सवाल उठता है कि क्या ED का इस्तेमाल सिर्फ छापा मारने, पूछताछ के लिए बार-बार बुलाने और विपक्ष के नेताओं को तोड़ने के लिए हो रहा है?

अरविंद केजरीवाल के केस में क्या साबित हुआ? हेमंत सोरेन के केस में कुछ साबित हुआ? 10 साल से ED की विश्वसनीयता को लेकर देश में सवाल उठ रहे हैं।


तृणमूल ने किया राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

ममता बनर्जी की कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस ने पूरे राज्य में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया और पार्टी सड़क पर उतर गई। तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि “बीजेपी की डराओ-धमकाओ शाखा ED ने छापा मारकर पार्टी की रणनीति से जुड़े दस्तावेजों को हथियाने का प्रयास किया है। हम इसे ऐसे नहीं होने देंगे, लड़ेंगे और अमित शाह को इसका अफसोस भी होगा।”

राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा कि ED अपने आप को नरेंद्र मोदी-अमित शाह का इलेक्शन डिपार्टमेंट बना चुकी है।


विपक्षी दलों का समर्थन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के समर्थन में ट्वीट किया और कहा कि “हार की हताशा में यह सब किया जा रहा है।” आम आदमी पार्टी ने भी ममता के समर्थन में बयान दिया।

कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि “जब लोकतंत्र से दिक्कत होने लग जाती है तब एजेंसियों का इस्तेमाल होने लगता है। ED ने पॉलिटिकल कंसल्टेंट के यहां छापा मारा है। बीजेपी ने एक और बार दबाव डालने की कोशिश की है।”


बीजेपी का जवाब

बीजेपी ने भी जवाब दिया है। बीजेपी का कहना है कि ED सबूतों के आधार पर काम कर रही थी और उसे स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए था। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का कोई भी वक्तव्य, कोई भी प्रश्न, कोई भी आक्रमण, कोई भी अभियोग – पश्चिम बंगाल की जनता ग्रहण नहीं करेगी।


आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

यह मामला सिर्फ राजनीतिक लड़ाई का नहीं है। अगर केंद्रीय एजेंसियां चुनाव के समय विपक्षी दलों की रणनीति और दस्तावेज हथियाने लगेंगी तो लोकतंत्र में बराबरी का मैदान खत्म हो जाएगा। आम मतदाता के लिए यह जानना जरूरी है कि जिसे वे वोट दे रहे हैं, वह पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ पा रही है या नहीं।


क्या है पृष्ठभूमि

ED ने बताया कि जिस मामले में आज सर्च हुआ, उसकी FIR 2020 में दर्ज हुई थी। ईस्टर्न कोल्ड फील्ड से अवैध कोयला निकालकर बंगाल की फैक्ट्रियों को बेचा जा रहा था और हवाला नेटवर्क से पैसे घुमाए जा रहे थे। ED का दावा है कि इसी तरह IPAC को भी कई हजार करोड़ रुपए मिले हैं। हालांकि 2020 की FIR पर कार्रवाई 2026 में बंगाल चुनाव से ठीक पहले होना सवाल खड़े करता है। ममता बनर्जी जिस तरह ED के सामने खड़ी हो गईं और अपनी पार्टी के दस्तावेज लेकर निकलीं, वह भारतीय राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा।


मुख्य बातें (Key Points)
  • ममता का धावा: ED के छापे के दौरान ममता बनर्जी सीधे प्रतीक जैन के घर और IPAC दफ्तर पहुंचीं, पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क लेकर निकलीं
  • गंभीर आरोप: ममता ने अमित शाह को “Nasty Home Minister” कहा, बीजेपी को “डाकू” बताया और कहा कि चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश हुई
  • ED का जवाब: ED ने कहा सर्च सबूतों के आधार पर था, किसी पार्टी को टारगेट नहीं किया गया
  • राज्यव्यापी प्रदर्शन: तृणमूल कांग्रेस ने पूरे बंगाल में प्रदर्शन का ऐलान किया, विपक्षी दलों ने समर्थन दिया

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: ममता बनर्जी ED के छापे वाली जगह क्यों गईं?

उत्तर: ममता बनर्जी का कहना है कि जहां छापा पड़ रहा था वहां उनकी पार्टी के प्रभारी प्रतीक जैन रहते हैं और ED उनकी पार्टी के दस्तावेज, कैंडिडेट लिस्ट और चुनावी रणनीति हथियाने की कोशिश कर रही थी।

प्रश्न: IPAC क्या है और इस पर छापा क्यों पड़ा?

उत्तर: IPAC एक राजनीतिक सर्वे और रणनीति बनाने वाली कंपनी है। ED का कहना है कि 2020 के कोयला घोटाले के मामले में सबूतों के आधार पर सर्च किया गया, जबकि ममता का आरोप है कि चुनाव से पहले पार्टी का डेटा चुराने की कोशिश की गई।

प्रश्न: क्या ममता बनर्जी पर कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

उत्तर: ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई के दौरान जिस तरह हस्तक्षेप किया, उस पर कानून के काम में बाधा डालने के आरोप लग सकते हैं। हालांकि अभी तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रश्न: ED की विश्वसनीयता पर क्या सवाल उठ रहे हैं?

उत्तर: ED की चार्जशीट दायर करने की दर 25% से भी कम है और ट्रायल 1% से भी कम मामलों में शुरू होता है। हेमंत सोरेन जैसे मामलों में कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के ठोस कारण नहीं थे।

Previous Post

JEE Main 2026 City Slip जारी, Admit Card का इंतजार तेज

Next Post

Corruption News: जालंधर नगर निगम का क्लर्क ₹2000 लेते गिरफ्तार, घर से मिले ₹2.72 Lakh कैश!

Related Posts

Donald Trump

Trump की ‘Unlimited Power’ का दावा, दुनिया के नेता हैरान-परेशान

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Typhoid Antibiotic Resistance

Typhoid News: दवाएं फेल, Antibiotic Resistance से बढ़ता खतरा

शनिवार, 10 जनवरी 2026
US-Bangladesh Trade Deal

US-Bangladesh Trade Deal: Tariff Relief से India को झटका?

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Farmers Protest Haryana

Farmers Protest Haryana: MSP Law को लेकर 26 Jan Tractor Parade

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Donald Trump News

Donald Trump News: Aspirin overdose या Political Style? दुनिया में मचा सवाल

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Budget 2026 Tax Relief

Budget 2026 Tax Relief: taxpayers की नजरें फिर Finance Minister पर

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Next Post
Corruption News

Corruption News: जालंधर नगर निगम का क्लर्क ₹2000 लेते गिरफ्तार, घर से मिले ₹2.72 Lakh कैश!

Action Alert:

Action Alert: रूपनगर के SP को एस.सी. आयोग का समन

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।