Gold-Silver Price Alert: दुनिया की अर्थव्यवस्था और कमोडिटी मार्केट में बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के लिए अब सीधी नजर मेटल्स और मिनरल्स की ग्लोबल सप्लाई चेन पर टिका दी है। अमेरिका की यह रणनीति वेनेजुएला, क्यूबा, चिली, पेरू और मैक्सिको जैसे देशों से जुड़ी हुई है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिख सकता है।
असल मुद्दा राजनीति नहीं बल्कि संसाधन हैं। आधुनिक अर्थव्यवस्था इलेक्ट्रिक कार, सोलर पैनल, मोबाइल फोन और सेमीकंडक्टर पर टिकी है और इन सबकी रीढ़ हैं सिल्वर, कॉपर, लिथियम और रेयर अर्थ मिनरल्स। इन्हीं संसाधनों पर इस वक्त China की पकड़ सबसे मजबूत मानी जाती है।
चीन की मेटल्स पर मजबूत पकड़
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिल्वर, कॉपर और रेयर अर्थ जैसे कई अहम संसाधनों पर 60 से 90 प्रतिशत तक चीन का सीधा या परोक्ष नियंत्रण है। मैक्सिको दुनिया का सबसे बड़ा सिल्वर उत्पादक है, लेकिन इसकी प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा चीन में होता है। इसका मतलब यह है कि कच्चा माल कहीं से भी आए, कंट्रोल अंत में चीन के हाथ में ही रहता है।
सिल्वर एक्सपोर्ट पर चीन की सख्ती
1 जनवरी से चीन ने सिल्वर एक्सपोर्ट पर सख्ती और साइड रिस्ट्रिक्शन लागू करना शुरू कर दिया है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि चीन इस धातु को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। बिना सिल्वर के आधुनिक इंडस्ट्री चल ही नहीं सकती, और यही बात अमेरिका के लिए सबसे बड़ा अलार्म बन गई है।
कॉपर और लिथियम भी रणनीति का हिस्सा
यही स्थिति कॉपर और लिथियम में भी दिखती है। चिली और पेरू तांबे के बड़े उत्पादक हैं, जबकि बोलीविया लिथियम के विशाल भंडार के लिए जाना जाता है। इन सभी देशों में चीनी कंपनियों का भारी निवेश है। अमेरिका को डर है कि अगर भविष्य की टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री के लिए जरूरी मेटल्स पर चीन का कंट्रोल और बढ़ा, तो वैश्विक संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।
सोना-चांदी की कीमतों पर असर
इसी रणनीतिक खींचतान का असर सीधे कमोडिटी मार्केट पर पड़ रहा है। जब भी चीन मेटल्स को लेकर कोई बड़ा फैसला लेता है, उसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखता है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि चांदी की कीमतें आने वाले समय में 3 लाख के स्तर को पार कर सकती हैं, और इसकी बड़ी वजह यही वैश्विक सप्लाई चेन का खेल है।
विश्लेषण: संसाधन ही नई जियोपॉलिटिक्स
यह साफ हो चुका है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति से ज्यादा अहम रोल संसाधनों का होगा। अमेरिका और चीन की यह खींचतान सिर्फ दो देशों की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों और आम लोगों के लिए यह संकेत है कि गोल्ड और सिल्वर सिर्फ गहने नहीं, बल्कि रणनीतिक एसेट बन चुके हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका की नजर अब मेटल्स और मिनरल्स की सप्लाई चेन पर
- सिल्वर, कॉपर और लिथियम पर चीन की मजबूत पकड़
- सिल्वर एक्सपोर्ट पर चीन की सख्ती से बाजार में हलचल
- सोने-चांदी की कीमतों में बड़े उछाल की आशंका
- संसाधन बन रहे हैं नई वैश्विक राजनीति का केंद्र








