Singapore military training : सिंगापुर में Aditya इन दिनों दो साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग से गुजर रहे हैं। यह ट्रेनिंग सिंगापुर के कानून के तहत अनिवार्य है और किसी भी देश की सेना में स्वैच्छिक भर्ती या भारतीय सेना में चयन से इसका कोई संबंध नहीं है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
इस उपलब्धि पर उनकी मां Rohini Acharya ने गर्व जताया है।
अनिवार्य प्रशिक्षण, कोई भर्ती नहीं
जानकारी के अनुसार, यह ट्रेनिंग Singapore के कानून के तहत हर पात्र युवा के लिए जरूरी है। इसे किसी विदेशी सेना में भर्ती या किसी अन्य देश की सैन्य सेवा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। Aditya की भागीदारी भी इसी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
अनुशासन, फिटनेस और लीडरशिप पर फोकस
इस बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाना, अनुशासन की आदत विकसित करना और नेतृत्व कौशल को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नियमित दिनचर्या, टीमवर्क और जिम्मेदारी की समझ दी जाती है।
मां ने जताया गर्व
Aditya की मां Rohini Acharya ने इस प्रशिक्षण पर संतोष और गर्व व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह अनुभव उनके बेटे के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भविष्य में उसे अधिक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगा।
विश्लेषण
अक्सर अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण को गलत संदर्भों में देखा जाता है। सिंगापुर जैसे देशों में यह प्रक्रिया नागरिक अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का माध्यम है, न कि युद्ध या किसी दूसरी सेना में भर्ती का रास्ता। Aditya का प्रशिक्षण भी इसी व्यापक नागरिक उद्देश्य से जुड़ा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Aditya सिंगापुर में दो साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग कर रहे हैं
- यह सिंगापुर कानून के तहत अनिवार्य प्रक्रिया है
- किसी विदेशी या भारतीय सेना में भर्ती से कोई संबंध नहीं
- प्रशिक्षण का लक्ष्य अनुशासन, फिटनेस और नेतृत्व विकास
- मां Rohini Acharya ने बेटे पर गर्व जताया








