Stray Dog Menace को लेकर देश की Supreme Court ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है। अदालत के सामने आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाएं और रेबीज के मामलों का गंभीर मुद्दा रखा गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि सड़कों का साफ और सुरक्षित होना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि “कुत्ता कब काट ले, इसका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता।”

बढ़ती घटनाओं पर अदालत की सख्त टिप्पणी
शीर्ष अदालत ने बताया कि इस मामले में बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। कोर्ट की टिप्पणी थी कि इतनी अर्ज़ियां तो कई बार इंसानों के मामलों में भी नहीं आतीं। यह संकेत है कि आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्या आम नागरिकों के लिए कितनी गंभीर और रोज़मर्रा की बन चुकी है।
सड़क सुरक्षा पर सीधा सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़कों की सुरक्षा को केंद्र में रखा। कोर्ट का कहना था कि आम लोग सड़कों पर चलते समय खुद को सुरक्षित महसूस करें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। आवारा कुत्तों की अनियंत्रित मौजूदगी से यह सुरक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
न्यायपालिका तक पहुंचा खतरा
मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि Rajasthan High Court के दो जज भी आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। यह उदाहरण बताता है कि समस्या किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए खतरा बन चुकी है।

आम आदमी पर असर
आवारा कुत्तों के काटने का डर लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है। सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुज़ुर्गों का बाहर निकलना—हर जगह एक अनकहा डर मौजूद है, जो सीधे सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है।
अदालत की सुनवाई क्यों अहम
शीर्ष अदालत का स्वतः संज्ञान इस बात का संकेत है कि मामला केवल स्थानीय नहीं रहा। यह देशव्यापी चिंता का विषय बन चुका है, जिस पर ठोस और संतुलित समाधान की ज़रूरत है, ताकि सड़कों पर इंसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जानें पूरा मामला
आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज के बढ़ते मामलों को लेकर शीर्ष अदालत सुनवाई कर रही है। बड़ी संख्या में आए आवेदनों ने अदालत का ध्यान खींचा, जिसके बाद सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर गंभीर टिप्पणियां सामने आईं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Supreme Court ने आवारा कुत्तों के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की
- कुत्तों के काटने और रेबीज के बढ़ते मामलों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- सड़कों को साफ और सुरक्षित रखने पर ज़ोर
- Rajasthan High Court के दो जज भी कुत्तों के हमले का शिकार








