• About
  • Privacy & Policy
  • Contact
  • Disclaimer & DMCA Policy
🔆 बुधवार, 7 जनवरी 2026 🌙✨
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

India Venezuela Stand: वेनेजुएला हमले पर भारत ने क्यों नहीं लिया कोई पक्ष?

ब्रिक्स देशों में अकेला भारत जिसने किसी साइड को नहीं चुना, जानें क्या है भारत की विदेश नीति की असली चुनौती

The News Air Team by The News Air Team
रविवार, 4 जनवरी 2026
A A
0
India Venezuela Stand
105
SHARES
702
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

India Venezuela Stand 2026: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद पूरी दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है। एक तरफ रूस, चीन और ब्राजील ने खुलकर अमेरिकी कारवाई का विरोध किया तो दूसरी तरफ ब्रिटेन और फ्रांस अमेरिका के साथ खड़े हैं। लेकिन इस पूरी उथल-पुथल में भारत ने सिर्फ 10 लाइनों का एक पर्चा जारी किया जिसमें चिंता जताई गई और वेनेजुएला में रहने वाले भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। सवाल यह है कि जो भारत कभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सबसे प्रभावशाली और सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर देखा जाता था वो आज किसी एक पक्ष में खड़ा क्यों नहीं है?


भारत की प्रतिक्रिया: सिर्फ चिंता जताई

वेनेजुएला में अमेरिकी हमले के बाद भारत सरकार ने जो प्रतिक्रिया दी उसमें कहा गया कि भारत की पैनी नजर इस मामले पर है। वेनेजुएला में रहने वाले भारतीयों को वहां के भारतीय दूतावास से संपर्क में रहना चाहिए। वेनेजुएला की यात्रा बहुत जरूरी हो तभी करें। और वेनेजुएला में जो हुआ वह एक गंभीर मामला है।

लेकिन बात इसके आगे गई नहीं। भारत ने न तो अमेरिका की आलोचना की और न ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति के पक्ष में कुछ कहा। यह एक ऐसी स्थिति है जहां भारत ने खुद को सारे सवालों से दरकिनार कर लिया।


ब्रिक्स देशों में अकेला भारत

ब्रिक्स देशों में भारत अकेला ऐसा देश है जिसने किसी साइड को नहीं लिया। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिकी कारवाई पूरी तरह से अनएक्सेप्टेबल है और अमेरिका ने लक्ष्मण रेखा पार कर ली है।

चीन ने खुले तौर पर मांग की कि हर हाल में वेनेजुएला के राष्ट्रपति को छोड़ना होगा। रूस ने इसे एकतरफा कारवाई करार दिया। लेकिन भारत ने सिर्फ चिंता जताई और चुप हो गया।


भारत की विदेश नीति का बड़ा सवाल

सवाल यह है कि भारत आखिर कहां खड़ा है? अमेरिका के साथ भारत का कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है बल्कि भारत एक स्ट्रेटेजिक पार्टनर के तौर पर है। तो क्या भारत रूस के साथ भी स्ट्रेटेजिक पार्टनर है? क्या चीन के साथ भी यही रिश्ता है? ब्रिक्स, एससीओ, क्वाड और G20 सभी जगह भारत की मौजूदगी एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तौर पर ही है।

लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद से भारत की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जो प्रभावशाली उपस्थिति थी वो थमती नजर आ रही है। जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बड़ी हलचल मची और भारत कहां खड़ा है यह सवाल बड़ा होता चला गया।


ऑपरेशन सिंदूर में भारत अकेला था

जब पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ तो उस वक्त भारत के साथ कौन खड़ा था यह एक बड़ा सवाल था। पूरी दुनिया के देशों को परखें तो उस दौर में कोई भारत के साथ नहीं था।

यूनाइटेड नेशन के भीतर भी टेररिज्म और पाकिस्तान को लेकर भारत को बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ी। फिर भी भारत पाकिस्तान पर टेररिज्म का तमगा नहीं लगा सका क्योंकि चीन साथ में खड़ा था और रूस ने खामोशी बरती हुई थी।

यह भी पढे़ं 👇

CM Mann

Drug-Free Punjab: ‘बड़े मगरमच्छों’ की खैर नहीं! केजरीवाल-मान ने शुरू किया नशे के खिलाफ दूसरा युद्ध

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Lal Chand

Forest Workers News: पंजाब वन विभाग में 1000 कर्मचारी पक्के, 519 और की तैयारी

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Baljit Kaur

Mission Poshan Punjab: आंगनवाड़ी केंद्रों का बदलेगा कायाकल्प, 6000 नई भर्तियाँ

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Drugs

Punjab Drugs Crackdown: War Against Drugs के 312वें दिन 107 गिरफ्तार

बुधवार, 7 जनवरी 2026

सिर्फ मौखिक तौर पर इजराइल ने ही भारत का साथ दिया था। अमेरिका तो लगातार पाकिस्तान के हक में था।


1971 से आज तक का सफर

याद कीजिए 1971 में जब बांग्लादेश का मुद्दा था। उस वक्त अमेरिका की सेवेंथ फ्लीट भारत की दिशा में बढ़ चुकी थी। हथियारों से संपन्न अमेरिका भारत को रोकना चाहता था। लेकिन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नहीं रुकीं और वो जो चाहती थीं वही हुआ।

उस वक्त रूस का साथ था। लेकिन आज का सवाल यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त रूस का साथ क्या था? चीन के साथ जो आर्थिक समझौतों की कड़ी है वो क्यों नहीं टूटी जबकि चीन खुले तौर पर पाकिस्तान के साथ था?


पड़ोसी देशों से बिगड़ते रिश्ते

इस दौर में पहली बार बांग्लादेश भारत के हाथ से निकल चुका है। नेपाल भी भारत के हाथ से निकल चुका है। दोनों जगहों पर इसी साल चुनाव होने हैं जो क्षेत्रीय संतुलन और भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में ढाका पहुंचे थे। वहां उन्होंने पाकिस्तान के संसद के स्पीकर से हाथ मिलाया। लेकिन एक ऐसी स्थिति आ गई है जहां भारत की आंतरिक राजनीति का दबाव अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेश नीति के सामने बिल्कुल उलट नजर आता है।

बांग्लादेश ने T20 भारत के साथ नहीं खेलने का फैसला लिया क्योंकि उसके खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर कर दिया गया। लेकिन बांग्लादेश के साथ जो आर्थिक समझौते हैं चाहे वो पावर सेक्टर हो या जूट का व्यापार वो बंद नहीं हुए हैं।


टेरिफ पर अभी भी समझौता नहीं

अमेरिका के साथ टेरिफ पर कोई समझौता अभी तक हुआ नहीं है। अमेरिका भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर में घुसना चाहता है। डेयरी सेक्टर में घुसना चाहता है। भारत के भीतर वो एक सामरिक क्षेत्र चाहता है जहां अपने हथियारों और सेना की मौजूदगी रख सके।

भारत के व्यापारी जो एक्सपोर्ट और इंपोर्ट से जुड़े हैं वो इस दौर में किस परिस्थिति में हैं यह चौंकाने वाला है। कॉमर्स मिनिस्ट्री में व्यापारियों ने अपनी जरूरतों का जो कच्चा चिट्ठा भेजा है उसमें ऑटो इंडस्ट्री, कम्युनिकेशन, आईटी सेक्टर और चावल के एक्सपोर्ट सब शामिल हैं। लेकिन रास्ता नहीं निकल पा रहा है।

दूसरी तरफ भारत रूस से उतना तेल नहीं खरीद रहा है। जो तेल 30% छूट के साथ खरीदा जा रहा था वो 32% से घटकर 21% और फिर 15% पर आ गया। यह सब अमेरिकी दबाव के कारण हुआ।


तेल की लड़ाई और भारत

ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बनाने के बाद खुले तौर पर कहा कि तेल हमारी जरूरत है। अगर चीन चाहता है तो उसे भी तेल मिलेगा लेकिन तय हम करेंगे। वेनेजुएला में दुनिया का सबसे ज्यादा कच्चा तेल है और बड़ी तादाद में मिनरल्स भी मौजूद हैं।

तो क्या भारत इस स्थिति में नहीं आ सकता कि वो तय करे? अगर भारत एक बड़ा बाजार है तो दुनिया को उसकी जरूरत है। भारत सामरिक तौर पर मजबूत है और परमाणु हथियारों से संपन्न देश है। बावजूद इसके पाकिस्तान को लेकर चीन और अमेरिका का रुख भारत के खिलाफ है।


दुनिया में क्या हो रहा है?

इजराइल और ईरान का युद्ध, रूस और यूक्रेन का युद्ध, फ्रांस और सीरिया के बीच का संघर्ष, अमेरिका और वेनेजुएला की मौजूदा घटना। इन सबके बीच भारत के पड़ोसी देशों पहले पाकिस्तान, फिर श्रीलंका, फिर नेपाल, अब बांग्लादेश और उसके बीच में मालदीव इन सभी के साथ जो भारत स्ट्रेटेजिकली चलता था कहीं वो बड़ी चूक तो नहीं हो गई?

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनई खुले तौर पर कह रहे हैं कि हम दुश्मनों को उनके घुटनों पर ला देंगे। इसका खुला समर्थन चीन कर रहा है, रूस कर रहा है और मिडिल ईस्ट के देश कर रहे हैं। लेकिन भारत कहां है?


न्यूयॉर्क और पेरिस में विरोध प्रदर्शन

वेनेजुएला मामले पर न्यूयॉर्क की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। डेमोक्रेट्स ने खुले तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति का विरोध किया। फ्रांस ने ट्रंप का साथ दिया लेकिन पेरिस में लोग सड़कों पर उतर आए।

दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है। कौन किसे तानाशाह मान रहा है? कौन कह रहा है कि कोई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अपनी चाहत के हिसाब से तय करना चाहता है? लेकिन भारत ने इन तमाम सवालों से खुद को दरकिनार किया है।


विश्लेषण: भारत किस मोड़ का इंतजार कर रहा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर खुलकर कहते हैं कि भारत किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा और अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा। यह अच्छी बात है कि भारत मजबूती के साथ खड़ा है। लेकिन भारत मजबूती के साथ हर जगह सिर्फ खड़ा है।

एक राष्ट्रपति ने दूसरे राष्ट्रपति को उठवा लिया। खुले तौर पर तेल का बिजनेस अमेरिकी कंपनियों के हक में हो रहा है। इससे बड़ी घटना और क्या होगी? तो क्या भारत को वाकई किसी और बड़े मोड़ का इंतजार है या भारत यह मानकर चल रहा है कि नई विश्व व्यवस्था में अलग-अलग देश ताकतवर होकर उभरेंगे?

यह सवाल तो है लेकिन इससे बड़ा जवाब शायद दुनिया के सामने भारत दे सकता है। फिर किस बात का इंतजार है? शायद यह उससे भी बड़ा सवाल है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • ब्रिक्स देशों में भारत अकेला ऐसा देश है जिसने वेनेजुएला मामले में किसी पक्ष को नहीं चुना जबकि ब्राजील, रूस और चीन ने खुलकर अमेरिका का विरोध किया।
  • भारत ने सिर्फ 10 लाइनों का बयान जारी कर चिंता जताई और वेनेजुएला में भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी लेकिन किसी पक्ष में खड़ा नहीं हुआ।
  • ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत अकेला था और यूनाइटेड नेशन में भी पाकिस्तान पर टेररिज्म का तमगा नहीं लगा सका क्योंकि चीन और रूस ने साथ नहीं दिया।
  • अमेरिका के साथ टेरिफ पर समझौता अभी तक नहीं हुआ है और भारत के व्यापारी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
  • बांग्लादेश और नेपाल भारत के हाथ से निकल गए हैं और पाकिस्तान, बांग्लादेश के बीच सैनिक पहल कदमियां हो रही हैं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: वेनेजुएला हमले पर भारत का क्या रुख है?

भारत ने वेनेजुएला में हुई घटना पर चिंता जताई है और वहां रहने वाले भारतीयों को भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी है। लेकिन भारत ने न तो अमेरिका की आलोचना की और न ही वेनेजुएला का पक्ष लिया। ब्रिक्स देशों में भारत अकेला है जिसने किसी साइड को नहीं चुना।

प्रश्न 2: ऑपरेशन सिंदूर में भारत का साथ किसने दिया?

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत लगभग अकेला था। सिर्फ इजराइल ने मौखिक तौर पर भारत का साथ दिया। अमेरिका पाकिस्तान के हक में था। चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा था और रूस ने खामोशी बरती। यूनाइटेड नेशन में भी भारत पाकिस्तान पर टेररिज्म का तमगा नहीं लगा सका।

प्रश्न 3: भारत-अमेरिका टेरिफ डील क्यों नहीं हो रही?

अमेरिका भारत के एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर में घुसना चाहता है और भारत में सामरिक मौजूदगी चाहता है। भारत इन शर्तों पर समझौता नहीं कर रहा। भारत के व्यापारी ऑटो इंडस्ट्री, आईटी सेक्टर और एक्सपोर्ट में परेशानियों का सामना कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई रास्ता नहीं निकला।

प्रश्न 4: भारत के पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते कैसे हैं?

इस समय बांग्लादेश और नेपाल भारत के हाथ से निकल गए हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सैनिक पहल कदमियां हो रही हैं। श्रीलंका और मालदीव के साथ भी रिश्ते जटिल हैं। अमेरिका पाकिस्तान को आगे बढ़ा रहा है और चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है।

प्रश्न 5: 1971 और आज की स्थिति में क्या अंतर है?

1971 में जब अमेरिका की सेवेंथ फ्लीट भारत की तरफ बढ़ रही थी तब भी इंदिरा गांधी नहीं रुकीं और रूस का साथ लेकर बांग्लादेश को आजाद कराया। उस समय भारत ने निर्णायक कदम उठाया। लेकिन आज भारत हर मंच पर खड़ा तो है लेकिन किसी एक पक्ष में नहीं है और किसी निर्णायक मोड़ का इंतजार कर रहा है।

Previous Post

Aaj Ka Rashifal 5 January 2026: इन 4 राशियों को मिलेगा 100% भाग्य का साथ

Next Post

Delhi Riots Bail Hearing: SC में Umar Khalid–Sharjeel Imam पर फैसला तय

Related Posts

CM Mann

Drug-Free Punjab: ‘बड़े मगरमच्छों’ की खैर नहीं! केजरीवाल-मान ने शुरू किया नशे के खिलाफ दूसरा युद्ध

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Lal Chand

Forest Workers News: पंजाब वन विभाग में 1000 कर्मचारी पक्के, 519 और की तैयारी

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Baljit Kaur

Mission Poshan Punjab: आंगनवाड़ी केंद्रों का बदलेगा कायाकल्प, 6000 नई भर्तियाँ

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Drugs

Punjab Drugs Crackdown: War Against Drugs के 312वें दिन 107 गिरफ्तार

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Raipur Medical Case

Raipur Medical Case Shock: Brush करते वक्त फटी गर्दन की नस

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Nirmala Sitharaman budget

Union Budget 2026 Countdown: इस बार Sunday को पेश होगा Budget?

बुधवार, 7 जनवरी 2026
Next Post
Delhi Riots Bail Hearing

Delhi Riots Bail Hearing: SC में Umar Khalid–Sharjeel Imam पर फैसला तय

Breaking News

Latest Today Headlines: आज की बड़ी खबरें, जानें हर पल का सच और बड़ी हलचल

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Privacy & Policy
  • Contact
  • Disclaimer & DMCA Policy

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।