Missing Sacred Manuscripts Case : चंडीगढ़ और अमृतसर में शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुम हुए 328 पावन स्वरूपों के मामले में विशेष जांच टीम ने बड़ी कार्रवाई की। एसआईटी ने पंजाब और चंडीगढ़ में 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व वित्तीय दस्तावेज जब्त किए।
कौन, कब, कहाँ और क्या
4 जनवरी को विशेष जांच टीम ने चंडीगढ़, अमृतसर और अन्य जिलों में तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई अमृतसर के थाना सी-डिवीजन में दर्ज एफआईआर से जुड़ी है, जिसमें कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है।
किन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक सतिंदर सिंह कोहली और कंवलजीत सिंह उर्फ कवलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। कंवलजीत सिंह को 3 जनवरी 2026 को हिरासत में लिया गया। जांच के मुताबिक, वह सहायक के रूप में काम कर रहा था और पवित्र स्वरूपों की देखभाल, मर्यादा तथा अनधिकृत छपाई के दौरान हुई गंभीर लापरवाहियों में उसकी सीधी भूमिका बताई गई है।
14 जगहों पर एक साथ छापेमारी
एसआईटी ने चंडीगढ़ में दो, अमृतसर शहर में आठ और गुरदासपुर, रोपड़, तरनतारन और अमृतसर देहाती में एक-एक स्थान पर तलाशी ली। इस दौरान 7 मोबाइल फोन, 3 टैबलेट, 2 लैपटॉप, एक स्टोरेज डिवाइस और कई संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए।
फाइनेंशियल रिकॉर्ड और राजनीतिक कड़ियां
जांच एजेंसी के अनुसार, जब्त दस्तावेजों में कुछ ऐसी कंपनियों के भुगतान रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी कड़ियां राजनीतिज्ञों और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ी बताई जा रही हैं। इन रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज
एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप से मिले डेटा के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पावन स्वरूपों की अनधिकृत छपाई और उनके गुम होने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नामजद 16 आरोपियों में से दो की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 14 लोगों की जांच अभी जारी है। एसआईटी का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी जगहों पर छापेमारी हो सकती है और गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
आम लोगों और संगत पर असर
यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा हुआ है। पावन स्वरूपों के गुम होने की खबर ने सिख संगत में गहरी चिंता पैदा की है। यही वजह है कि इस जांच को बेहद संवेदनशील और प्राथमिकता वाला माना जा रहा है।
जानें पूरा मामला
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के गुम होने का मामला लंबे समय से चर्चा में है। आरोप है कि मर्यादा के खिलाफ जाकर अनधिकृत तरीके से छपाई हुई और बाद में स्वरूप लापता हो गए। इसी कड़ी में एसआईटी ने अब जांच को तेज करते हुए बड़े पैमाने पर छापेमारी और गिरफ्तारियां शुरू की हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 328 पावन स्वरूप गुम होने के मामले में दो गिरफ्तार
- पंजाब और चंडीगढ़ में 14 जगहों पर एसआईटी की छापेमारी
- मोबाइल, लैपटॉप और वित्तीय दस्तावेज जब्त
- राजनीतिक और प्रभावशाली कड़ियों की जांच जारी








