Cyber Fraud Ahmedabad : अहमदाबाद में साइबर ठगों ने एक 82 साल के बुजुर्ग को तीन हफ्तों तक डर और धमकी के जाल में फंसाकर 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया, खुद को फर्जी अफसर बताकर अश्लील वीडियो का डर दिखाया और लगातार दबाव बनाया। जब मामला पुलिस तक पहुंचा, तब तक रकम ठगों तक पहुंच चुकी थी और पुलिस केवल 10 लाख रुपये ही रोक सकी।
यह वारदात बताती है कि साइबर अपराधी किस तरह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ ठगी का जाल
ठगों ने बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया और खुद को अफसर बताकर बातचीत शुरू की। इसके बाद अश्लील वीडियो के नाम पर डराया गया और गंभीर नतीजों की धमकी दी गई। लगातार कॉल और चेतावनियों से बुजुर्ग मानसिक दबाव में आ गए।
तीन हफ्ते चला डर का खेल
तीन हफ्तों तक ठगों ने अलग-अलग तरीकों से डराया-धमकाया। हर बार कहा गया कि अगर पैसे नहीं भेजे गए तो कार्रवाई होगी। इसी डर के चलते बुजुर्ग ने बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
पुलिस तक पहुंचने में हुई देर
जब परिजनों या पीड़ित को शक हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा, तब तक देर हो चुकी थी। जांच के दौरान पुलिस सिर्फ 10 लाख रुपये ही रोक पाई, जबकि बाकी रकम ठगों तक पहुंच चुकी थी।
साइबर ठगी का बदलता तरीका
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब सिर्फ लिंक या ओटीपी तक सीमित नहीं हैं। वे वीडियो कॉल, फर्जी पहचान और सामाजिक बदनामी के डर का इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है।
आम लोगों पर असर
इस तरह की घटनाएं आम लोगों, खासकर बुजुर्गों में डर पैदा करती हैं। परिवार के लिए यह चेतावनी है कि बुजुर्गों को डिजिटल ठगी के नए तरीकों के बारे में समय-समय पर सतर्क किया जाए।
क्या है पृष्ठभूमि
अहमदाबाद में सामने आई इस घटना में साइबर ठगों ने वीडियो कॉल और फर्जी अफसरों की धमकी के जरिए 82 वर्षीय बुजुर्ग से 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठग ली। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अधिकांश पैसा वापस नहीं आ सका।
मुख्य बातें (Key Points)
- अहमदाबाद में 82 वर्षीय बुजुर्ग से 7 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी
- वीडियो कॉल और अश्लील वीडियो की धमकी का इस्तेमाल
- तीन हफ्तों तक लगातार डराया गया
- पुलिस सिर्फ 10 लाख रुपये ही रोक सकी








