Grok AI को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक्स प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स महिलाओं और वैश्विक नेताओं की तस्वीरें अपलोड कर ऐसे प्रॉम्प्ट दे रहे हैं, जिनसे कपड़े बदलने, हटाने या किसी व्यक्ति को तस्वीर से “हटाने” जैसे एडिट हो रहे हैं। इस ट्रेंड ने निजता, सहमति और डिजिटल सुरक्षा पर गहरी चिंता खड़ी कर दी है।
पहली ही नज़र में तस्वीरों के साथ हो रहा यह खेल एआई की सीमाओं पर सवाल उठाता है। मामला तब और बढ़ा जब राजनीतिक स्तर पर औपचारिक शिकायत हुई और सरकार ने कार्रवाई के संकेत दिए।

क्या है ‘ग्रोक बिकिनी/रिमूव’ ट्रेंड
एक्स के एआई चैटबॉट ग्रोक पर यूज़र्स “remove clothes”, “change outfit” या “remove this person” जैसे निर्देश देकर तस्वीरें एडिट करा रहे हैं। यह केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रहा देश-दुनिया के बड़े नेताओं की तस्वीरें भी इस ट्रेंड की चपेट में आईं।
किन-किन की तस्वीरें बनीं निशाना
प्रधानमंत्री Narendra Modi, नेता विपक्ष Rahul Gandhi, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu तक की तस्वीरें एडिट की गईं। यहां तक कि Elon Musk की तस्वीरें भी इसी तरह बदली गईं।
ग्रोक और एक्स की सफाई
आपत्तियां बढ़ने पर ग्रोक की ओर से कहा गया कि वह यूज़र इनपुट पर काम करता है और दुरुपयोग की जिम्मेदारी यूज़र्स की है। इस जवाब के बाद कई यूज़र्स ने सीधे एलन मस्क और एक्स टीम से शिकायत की।
राजनीति में गूंजा मामला
राज्यसभा सांसद Priyanka Chaturvedi ने इसे गंभीर बताते हुए केंद्रीय आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw को औपचारिक पत्र लिखा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एआई प्लेटफॉर्म्स को महिलाओं की गरिमा, निजता और सहमति जैसे मुद्दों पर इतनी खुली छूट दी जानी चाहिए।
महिलाओं को कैसे बनाया जा रहा निशाना
शिकायत में कहा गया कि फर्जी अकाउंट्स के ज़रिये महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर उन्हें यौन रूप से आपत्तिजनक ढंग से पेश कराया जा रहा है। यह समस्या सिर्फ फेक अकाउंट्स तक सीमित नहीं, बल्कि वे महिलाएं भी निशाने पर हैं जो अपनी तस्वीरें खुद सोशल मीडिया पर साझा करती हैं।

सरकार की सख्त कार्रवाई
केंद्र सरकार ने संज्ञान लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जरिए एक्स को नोटिस जारी किया। नोटिस में आईटी एक्ट और आईटी रूल्स के उल्लंघन की बात कही गई। मंत्रालय ने 72 घंटे के भीतर गैर-कानूनी कंटेंट हटाने, दुरुपयोग करने वाले यूज़र्स पर कार्रवाई और एक्शन-टेकन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ कपड़े नहीं, तस्वीर से ‘गायब’ भी
यह ट्रेंड केवल कपड़े बदलने तक सीमित नहीं रहा। कुछ मामलों में तस्वीरों से लोगों को पूरी तरह हटाने के निर्देश दिए गए, जिससे गलत आरोप, मानहानि और गुमराह करने वाले विजुअल बनने का खतरा बढ़ गया।
आम लोगों पर असर
इस तरह का दुरुपयोग आम यूज़र्स खासतौर पर महिलाओं के लिए ऑनलाइन असुरक्षा बढ़ाता है। भरोसा टूटता है और डिजिटल स्पेस में भागीदारी पर डर का साया पड़ता है।

क्या है पृष्ठभूमि
एआई टूल्स की तेज़ रफ्तार के साथ गवर्नेंस और एथिक्स का सवाल पुराना है। मौजूदा विवाद ने साफ कर दिया है कि बिना सख्त नियम और जवाबदेही के एआई नवाचार शोषण का रास्ता खोल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ग्रोक एआई पर तस्वीरों का आपत्तिजनक एडिट ट्रेंड
- महिलाओं की गरिमा और निजता पर गंभीर खतरा
- प्रियंका चतुर्वेदी की शिकायत के बाद सरकारी नोटिस
- 72 घंटे में कंटेंट हटाने और रिपोर्ट देने के निर्देश
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








