Punjab Moga Nestle Employee Murder. पंजाब (Punjab) के मोगा जिले में शनिवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। घने कोहरे की आड़ में अज्ञात हमलावरों ने Nestle के एक कर्मचारी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक अपनी कार से ड्यूटी पर जा रहा था, तभी भिंडर कलां गांव के पास उस पर ताबड़तोड़ 15 राउंड फायरिंग की गई। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोहरे में मौत का तांडव
घटना शनिवार तड़के की है, जब मृतक Umarseer Singh (उम्र 30-40 वर्ष) अपनी मारुति स्विफ्ट कार में सवार होकर नेस्ले प्लांट (Nestle Plant) में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार भिंडर कलां गांव (Bhinder Kalan Village) के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे एक कार में आए हमलावरों ने उन पर गोलियों की बरसात कर दी।
धर्मकोट (Dharamkot) के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) Jaswarinder Singh ने बताया कि घटना के समय घना कोहरा (Heavy Fog) था, जिसका फायदा उठाकर हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, मौके से कम से कम 15 गोलियों के खोल बरामद हुए हैं, जिससे यह साफ है कि हमलावरों का मकसद सिर्फ डराना नहीं, बल्कि जान लेना था।
सियासी रंजिश या गैंगवार?
जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक उमरसीर सिंह केवल एक फैक्ट्री कर्मचारी ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय Congress कार्यकर्ता और स्थानीय लेबर यूनियन (Labour Union) के नेता भी थे। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि इस हत्या के पीछे गांव स्तर की राजनीतिक रंजिश (Political Rivalry) हो सकती है।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और समर्थकों ने मृतक के शव को धर्मकोट पुलिस स्टेशन के बाहर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
सियासत गरमाई: ‘मान सरकार फेल’
इस हत्याकांड ने पंजाब की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक Sukhjeet Singh Kaka Lohgarh भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने सत्ताधारी Aam Aadmi Party (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सीएम Bhagwant Mann को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वे सरकार चलाने में विफल रहे हैं। पुलिस की प्रतिक्रिया बहुत धीमी थी और वे मौके पर बहुत देर से पहुंचे।”
विश्लेषण: पंजाब में कानून का ‘कोहरा’
पंजाब में दिनदहाड़े 15 राउंड फायरिंग होना अब आम बात होती जा रही है। चाहे वह गैंगवार हो या राजनीतिक रंजिश, अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। नेस्ले कर्मचारी की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह उस डर का प्रतीक है जो आम आदमी के मन में घर कर गया है। जब एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी का कर्मचारी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? पुलिस को कोहरे को बहाना बनाने के बजाय अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा।
जानें पूरा मामला
शनिवार (3 जनवरी, 2026) की सुबह नेस्ले कर्मचारी उमरसीर सिंह अपनी कार से काम पर जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कोहरे के कारण सीसीटीवी फुटेज खंगालने में दिक्कत आ रही है, लेकिन जांच जारी है।
मुख्य बातें (Key Points)
Punjab के मोगा में Nestle कर्मचारी Umarseer Singh की गोली मारकर हत्या।
हमलावरों ने कार पर करीब 15 राउंड फायरिंग की।
मृतक कांग्रेस कार्यकर्ता और लेबर यूनियन का नेता था।
परिजनों ने पुलिस स्टेशन के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया।








