India On Terrorism. भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने चेन्नई स्थित IIT Madras में छात्रों को संबोधित करते हुए Pakistan को अब तक की सबसे कड़ी और स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने भरे मंच से साफ लहजे में कहा कि अगर पड़ोसी मुल्क जानबूझकर आतंकवाद को अपनी नीति बनाएगा, तो India अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से गुरेज नहीं करेगा और इस अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा।
‘दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी बुरे हैं’
आईआईटी मद्रास के छात्रों के बीच विदेश मंत्री ने कूटनीतिक मर्यादाओं के भीतर रहते हुए भी बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे ‘बुरा पड़ोसी’ करार दिया। जयशंकर ने कहा, “दुर्भाग्य से भारत के हिस्से में ऐसे पड़ोसी आए हैं जो लगातार और जानबूझकर आतंकवाद को बढ़ावा देते रहे हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया में कई देशों को कठिन पड़ोसियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत की स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि पश्चिम में स्थित हमारा एक पड़ोसी देश लंबे समय से आतंकवाद को राजनीति के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
‘हमें कोई न सिखाए क्या करना है’
विदेश मंत्री ने वैश्विक मंचों और पश्चिमी देशों को भी परोक्ष रूप से संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा नीति पर अब कोई बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। जयशंकर ने गरजते हुए कहा, “कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें अपनी रक्षा कैसे करनी चाहिए। भारत क्या करेगा, कब करेगा और कैसे करेगा, यह भारत ही तय करेगा।” यह किसी भी संप्रभु देश का अधिकार है कि वह अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए सीमाओं की परवाह न करे।
ऑपरेशन सिंदूर और आतंकियों पर प्रहार
अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने पिछले साल अप्रैल में Jammu and Kashmir के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारत की जवाबी कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया था। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया था और भविष्य में भी ऐसे फैसले लेने में भारत संकोच नहीं करेगा।
संपादकीय विश्लेषण: रक्षात्मक नहीं, अब आक्रामक है भारत
विदेश मंत्री का यह बयान भारत की बदलती विदेश और रक्षा नीति का परिचायक है। अब भारत ‘डिफेंसिव’ (बचाव) की मुद्रा में नहीं, बल्कि ‘ऑफेंसिव डिफेंस’ (आक्रामक बचाव) की रणनीति पर चल रहा है। ‘बुरा पड़ोसी’ जैसा शब्द प्रयोग करना यह दर्शाता है कि भारत ने अब कूटनीतिक लिहाज छोड़ दिया है और वह ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए मानसिक और सैन्य रूप से तैयार है। यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए, बल्कि उन वैश्विक ताकतों के लिए भी संदेश है जो मानवाधिकार की आड़ में आतंकवाद पर भारत के हाथ बांधने की कोशिश करते हैं।
अच्छे पड़ोसियों का दिया उदाहरण
एक तरफ जहां पाकिस्तान को लताड़ लगाई गई, वहीं दूसरी तरफ जयशंकर ने Bangladesh और Sri Lanka का उदाहरण देते हुए अच्छे रिश्तों की अहमियत समझाई। उन्होंने बताया कि भारत अच्छे पड़ोसियों के साथ सहयोग और मदद की नीति पर चलता है। श्रीलंका के आर्थिक संकट और कोविड महामारी के दौरान भारत ने वित्तीय सहायता, ईंधन और वैक्सीन देकर यह साबित किया कि भारत की तरक्की में ही पूरे क्षेत्र का भला है।
मुख्य बातें (Key Points)
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S. Jaishankar ने पाकिस्तान को ‘बुरा पड़ोसी’ बताते हुए आतंकवाद पर कड़ी चेतावनी दी।
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भारत ने साफ किया कि अपनी सुरक्षा के लिए वह किसी के उपदेश या दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात दोहराई गई।
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अच्छे पड़ोसियों (श्रीलंका, बांग्लादेश) के साथ भारत ने हमेशा सहयोग की नीति अपनाई है।








