North India Weather Update New Year Forecast. नए साल का जश्न अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि उत्तर भारत में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। North India के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक, मौसम का मिजाज पूरी तरह सख्त हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के चलते आने वाले दिनों में ठंड का ‘टॉर्चर’ और बढ़ने वाला है।
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का कहर
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ), ऊपरी हवाओं में बने दबाव और तेज Jet Stream के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और बारिश के आसार बन गए हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठिठुरन
Jammu Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे वहां से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों को कंपा रही हैं।
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पहाड़ी राज्य: 2 जनवरी को उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी है। हिमाचल के Manali, Dalhousie और Lahaul Valley में बर्फ गिरने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड के Dehradun, Nainital और Almora में बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी में ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट
राजधानी Delhi और एनसीआर में सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहेगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री और अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी। कुछ इलाकों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बन सकती है।
Uttar Pradesh के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में भी कोहरे का प्रकोप रहेगा। मौसम विभाग ने Deoria, Gorakhpur, Lucknow, Kanpur, Agra, Mainpuri और Rampur समेत कई जिलों में घने कोहरे और कम दृश्यता (Visibility) की चेतावनी जारी की है।
पंजाब, हरियाणा और बिहार का हाल
Punjab और Haryana के Amritsar, Ludhiana, Gurugram और Sonipat जैसे शहरों में सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, Bihar में भी अगले 2-3 दिनों में पारा और लुढ़कने की संभावना है।
संपादकीय विश्लेषण: मौसम की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
यह ठंड सामान्य नहीं है। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का एक साथ सक्रिय होना मौसम की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसा है। इसका सबसे बुरा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ेगा। दृश्यता शून्य होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, अचानक तापमान गिरने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। प्रशासन को रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत है।
जानें पूरा मामला (Context)
हर साल जनवरी की शुरुआत में उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में आता है। लेकिन इस बार ‘एल नीनो’ और अन्य वैश्विक कारकों के साथ स्थानीय मौसमी तंत्रों के मिलन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। 2 जनवरी का दिन उत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज से भारी साबित हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
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North India में पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के कारण ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ा।
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2 जनवरी को Uttarakhand, Himachal Pradesh और J&K में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट।
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Delhi, UP, Bihar, Punjab और Haryana में घने कोहरे और ‘कोल्ड डे’ की चेतावनी।
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मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और फॉग लाइट इस्तेमाल करने की सलाह दी है।








