Lucknow Government School Books Scam. उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के मोहनलालगंज से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलने वाली मुफ्त किताबें कबाड़ी की दुकान पर बिकती पाई गईं, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
बच्चों के भविष्य का ‘सौदा’
मोहनलालगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय (नेवाजखेड़ा) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। सरकार जो किताबें गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए मुफ्त भेजती है, उन्हें रद्दी के भाव कबाड़ी को बेच दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने इस भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ज्ञान के भंडार को चंद पैसों के लिए कबाड़ी के हवाले कर दिया गया। जब यह वीडियो अधिकारियों तक पहुंचा, तो पूरे महकमे में अफरातफरी मच गई।
मौके पर एक्शन, हेडमास्टर निलंबित
वीडियो वायरल होते ही Basic Education Officer (BSA) हरकत में आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई। जांच के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक (Headmaster) को जिम्मेदार मानते हुए निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बच्चों के हक़ पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सवाल सिस्टम पर
यह घटना केवल किताबों के बेचे जाने की नहीं है, बल्कि उस सिस्टम पर भी सवाल उठाती है जो बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने का दावा करता है। जहां एक ओर सरकार ‘सब पढ़े सब बढ़े’ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही शिक्षा के संसाधनों को दीमक की तरह चाट रहे हैं।
आम आदमी पर असर: गरीब परिवारों के बच्चे, जो महंगी किताबें नहीं खरीद सकते, वे पूरी तरह से सरकारी किताबों पर निर्भर होते हैं। जब ये किताबें कबाड़ी को बेच दी जाती हैं, तो सीधे तौर पर एक गरीब बच्चे से उसका शिक्षा का अधिकार छीना जाता है।
जानें पूरा मामला
Mohanlalganj के प्राथमिक विद्यालय में नई किताबें कबाड़ी को बेचे जाने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में किताबों के गट्ठर कबाड़ी के पास दिख रहे थे। इसके बाद BSA ने मामले का संज्ञान लिया और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक पर गाज गिरी।
मुख्य बातें (Key Points)
-
Lucknow के मोहनलालगंज में प्राथमिक विद्यालय की किताबें कबाड़ी को बेची गईं।
-
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप।
-
Basic Education Officer ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित किया।
-
यह घटना सरकारी स्कूलों में भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल खोलती है।








