Punjab One Time Settlement Scheme 2026 – नए साल की शुरुआत के साथ ही पंजाब के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann की सरकार ने राज्य के व्यापारी समुदाय को नए साल का तोहफा देते हुए ‘एकमुश्त निपटारा योजना’ (OTS) की समय सीमा बढ़ा दी है। अब व्यापारी अपने पुराने कर बकाये का निपटारा 31 मार्च 2026 तक कर सकेंगे। वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने इस विस्तार को मंजूरी देते हुए इसे सरकार की ‘व्यापारी-अनुकूल’ नीति का हिस्सा बताया है।
क्यों बढ़ाई गई समय सीमा?
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि यह फैसला जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (GSTPA) और विभिन्न व्यापारिक संगठनों की मांग पर लिया गया है। दरअसल, साल 2025 के आखिरी महीनों में कई तरह के टैक्स रिटर्न भरने की तारीखें एक साथ आ गई थीं, जिससे व्यापारियों पर काम का भारी बोझ था। इसके अलावा, वैट असेसमेंट ऑर्डर्स की डिलीवरी में देरी जैसी समस्याओं के कारण कई व्यापारी दिसंबर की डेडलाइन तक अपनी देनदारियों का हिसाब नहीं लगा पाए थे। इसे देखते हुए सरकार ने उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत दी है।
क्या है OTS स्कीम और इसका फायदा?
1 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई यह योजना पंजाब की अब तक की सबसे बड़ी करदाता-हितैषी पहल मानी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य जीएसटी (GST) लागू होने से पहले के पुराने विवादों को खत्म करना है।
-
ब्याज और जुर्माने पर 100% छूट: इस योजना के तहत करदाता अपनी बकाया राशि के आधार पर ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक की छूट पा सकते हैं।
-
मूल टैक्स पर राहत: कुछ मामलों में मूल टैक्स (Principal Tax Amount) पर भी बड़ी राहत का प्रावधान है।
-
अब तक इस योजना के तहत कर विभाग को 6,348 आवेदन मिल चुके हैं, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।
‘आखिरी मौका’ है, वरना होगी सख्त कार्रवाई
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि यह समय विस्तार एक ‘सुनहरा मौका’ है। उन्होंने सभी योग्य व्यापारियों और राइस मिलर्स से अपील की है कि वे 31 मार्च 2026 तक अपने पुराने बकाये क्लियर कर लें और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत बिना किसी बोझ के करें। साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी कि इस तारीख के बाद जो लोग डिफॉल्टर पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभाग सख्त वसूली की कार्रवाई शुरू करेगा।
विश्लेषण: ‘विवाद से विश्वास’ की ओर बढ़ता कदम (Expert Analysis)
पंजाब सरकार का यह निर्णय केवल एक तारीख का विस्तार नहीं है, बल्कि यह सरकार और व्यापारियों के बीच विश्वास बहाली का प्रयास है। अक्सर सरकारें टैक्स वसूली के लिए डंडे का जोर दिखाती हैं, लेकिन ‘एकमुश्त निपटारा योजना’ जैसे कदम बताते हैं कि सरकार व्यापारियों को साझेदार मानती है। इससे न केवल सरकारी खजाने में रुका हुआ राजस्व आएगा, बल्कि हजारों कोर्ट केस और कानूनी पचड़े भी खत्म होंगे। यह ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे राज्य में निवेश का माहौल सुधरेगा।
आम व्यापारी पर असर (Human Impact)
एक छोटे व्यापारी या फैक्ट्री मालिक के लिए, जिसके सिर पर सालों पुराना टैक्स का विवाद और ब्याज की तलवार लटक रही हो, यह योजना किसी संजीवनी से कम नहीं है। अब वे बिना किसी मानसिक तनाव के, कम पैसे चुकाकर अपनी फाइलों को बंद करवा सकते हैं और अपना पूरा ध्यान अपने बिजनेस को बढ़ाने में लगा सकते हैं।
जानें पूरा मामला (Background)
पंजाब में जीएसटी लागू होने से पहले के वैट (VAT) और केंद्रीय बिक्री कर (CST) से जुड़े हजारों मामले लंबित हैं। सरकार ने इन पुराने गड़े मुर्दों को उखाड़ने के बजाय, उन्हें निपटाने के लिए OTS स्कीम लॉन्च की थी, जिसकी समय सीमा अब मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
-
Punjab Government ने OTS स्कीम की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई।
-
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने दी जानकारी, 6300 से अधिक आवेदन प्राप्त।
-
योजना के तहत Interest and Penalty पर 100% तक की छूट मिलेगी।
-
यह विस्तार वैट (VAT) और सीएसटी (CST) के पुराने बकायों के लिए है।
-
31 मार्च के बाद डिफॉल्टरों पर Strict Action लिया जाएगा।








