Fake Nihang Incident – आस्था के सबसे बड़े केंद्र Amritsar स्थित श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में नए साल के पहले ही दिन एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना घटी। यहां पवित्र बाणा पहनकर एक युवक निहंग के भेष में दाखिल हुआ और एक महिला श्रद्धालु को तलवार (किरपान) के जोर पर डराकर उसका फोन छीनने की कोशिश की। लेकिन, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और परिसर में मौजूद असली निहंग सिंहों ने उसे दबोच लिया।
पवित्र बाणे की आड़ में नापाक मंसूबे
नए साल के मौके पर Golden Temple में भारी संगत मौजूद थी। इसी भीड़ का फायदा उठाने के लिए एक युवक निहंग सिंहों जैसी वेशभूषा धारण कर वहां पहुंचा। उसने सिर पर दुमाला और शरीर पर बाणा तो पहन रखा था, और हाथ में एक लंबी तलवार भी ले रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने एक लड़की को अकेला पाकर उसे अपनी तलवार दिखाई और डरा-धमकाकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वह खुद को किसी ‘बाबाओं के दल’ से जुड़ा बताकर लोगों पर रोब झाड़ने की कोशिश कर रहा था।
मर्यादा के सवाल पर खुली पोल
युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर वहां मौजूद असली निहंग सिंहों की नजर उस पर पड़ी। जब उन्होंने उसे रोका और निहंग मर्यादा के बारे में सवाल किए, तो वह बगले झांकने लगा। हैरानी की बात यह थी कि उसके पास ‘श्री साहिब’ (छोटी कृपाण, जो निहंगों का अनिवार्य अंग है) नहीं थी और न ही उसे गुरसिख परंपराओं की कोई जानकारी थी। जब उससे सख्ती से पूछा गया, तो उसकी पोल खुल गई।
असली निहंगों ने की ‘सेवा’
धर्म और पवित्र वेशभूषा को बदनाम होता देख असली निहंग सिंहों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही उस बहरूपिए की जमकर क्लास लगाई और उसकी पिटाई भी की। निहंगों ने स्पष्ट किया कि बाणा पहनना सम्मान और जिम्मेदारी की बात है, लेकिन ऐसे अपराधी तत्व इस पवित्र पहनावे का इस्तेमाल चोरी और अपराध के लिए कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में मामले की जानकारी गुरुद्वारा प्रबंधन को दी गई।
विश्लेषण: आस्था के केंद्रों पर सुरक्षा की चुनौती (Expert Analysis)
Punjab में धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग करने या पवित्र वेशभूषा का दुरुपयोग करने के मामले पहले भी सामने आए हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। यह घटना सिर्फ एक मोबाइल चोरी का प्रयास नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा तंत्र में मौजूद खामियों की ओर भी इशारा करती है। एक व्यक्ति लंबी तलवार लेकर परिसर में लोगों को डरा रहा है, यह स्थिति गुरु घर की मर्यादा और संगत की सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है। एसजीपीसी (SGPC) और पुलिस प्रशासन को ऐसे बहरूपियों की पहचान के लिए और अधिक सख्त निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि आस्था के नाम पर अपराध करने वालों को रोका जा सके।
आम संगत पर असर (Human Impact)
ऐसी घटनाएं दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में भय पैदा करती हैं। गोल्डन टेंपल जैसी जगह पर, जहां लोग शांति और सुकून की तलाश में आते हैं, वहां किसी के साथ लूटपाट की कोशिश होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे संगत का विश्वास आहत होता है और वे खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।
जानें पूरा मामला (Background)
1 जनवरी को नए साल के मौके पर भीड़भाड़ के बीच यह युवक निहंग के भेष में आया था। आरोप है कि यह अपने साथियों के साथ मिलकर संगत के बीच चोरी की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। लड़की का फोन छीनते वक्त इसे रंगे हाथों पकड़ा गया।
मुख्य बातें (Key Points)
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Amritsar के गोल्डन टेंपल में निहंग के भेष में युवक ने लड़की को धमकाया।
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आरोपी ने Religious Attire (बाणा) पहन रखा था, लेकिन मर्यादा का ज्ञान नहीं था।
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असली निहंगों ने आरोपी को पकड़कर उसकी Thrashing (पिटाई) की।
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आरोपी के पास से Stolen Phone बरामद करने का दावा किया गया।
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घटना की जानकारी Gurdwara Management को दे दी गई है।








