North India Weather Update Today : साल 2026 का आगाज हाड़ कंपाने वाली सर्दी और घने कोहरे के साथ हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान किया है। दिल्ली में जहां 6 साल का रिकॉर्ड टूट गया है, वहीं मुंबई में बेमौसम बारिश ने सबको चौंका दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर प्रशासन को स्कूल बंद करने का फैसला लेना पड़ा है।
नए साल पर मौसम की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
नए साल के जश्न के बीच कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। 1 जनवरी 2026 की सुबह जब लोग सोकर उठे, तो उत्तर भारत घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था। लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी मुंबई के लोगों को हुई, जहां साल के पहले दिन ही आसमान से पानी बरसने लगा। मायानगरी में हुई इस हल्की बारिश ने प्रदूषण को तो धो डाला, लेकिन हवा में सिहरन पैदा कर दी।
दिल्ली में टूटा 6 साल का रिकॉर्ड
देश की राजधानी दिल्ली में ठंड ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 की शाम पिछले 6 सालों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में आई भारी गिरावट ने ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) के हालात पैदा कर दिए हैं। कोहरे की धुंध इतनी गहरी थी कि विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में अभी और बारिश हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
बच्चों की सुरक्षा: गुवाहाटी में स्कूल बंद
ठंड का सितम सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, पूर्वोत्तर में भी इसका असर दिख रहा है। असम के गुवाहाटी में तापमान में अचानक आई गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने एक हफ्ते के लिए सभी स्कूल बंद करने का आदेश दे दिया है। यह फैसला माता-पिता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
राजस्थान और झारखंड में ‘कोहरा कर्फ्यू’
राजस्थान के जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में रातें सामान्य से ज्यादा ठंडी हो रही हैं। उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने 1 से 3 जनवरी के बीच यहां ‘घना से बहुत घना कोहरा’ छाने की भविष्यवाणी की है। वहीं, झारखंड में तो पारा 4 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
संपादकीय विश्लेषण: जलवायु परिवर्तन या पश्चिमी विक्षोभ?
एक वरिष्ठ संपादक के नजरिए से देखें तो यह मौसमी उथल-पुथल सामान्य नहीं है। मुंबई में जनवरी में बारिश और दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, यह सब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और जलवायु परिवर्तन के मिले-जुले असर की ओर इशारा करता है। यह बदलता पैटर्न न केवल हमारी सेहत के लिए चुनौती है, बल्कि रबी की फसलों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। प्रशासन की तैयारी और आम आदमी की सतर्कता ही इस मौसम से निपटने का एकमात्र उपाय है।
आम आदमी पर असर
घने कोहरे और ठंड की वजह से ट्रेनें और फ्लाइट्स लेट हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
जानें पूरा मामला
क्या है पृष्ठभूमि: मौसम विभाग के अनुसार, जब दिन और रात का तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है, तो उसे ‘कोल्ड डे’ कहा जाता है। इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व कोहरे का ‘ट्रिपल अटैक’ देखने को मिल रहा है। यह स्थिति जनवरी के पहले हफ्ते तक बनी रहने की संभावना है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
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North India में नए साल पर कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे का प्रकोप।
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Mumbai में 1 जनवरी को हुई बारिश, दिल्ली में भी बारिश का अलर्ट।
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Delhi में 31 दिसंबर रहा पिछले 6 सालों का सबसे ठंडा दिन।
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Guwahati में ठंड के कारण एक हफ्ते के लिए स्कूल बंद।
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Rajasthan & Jharkhand में विजिबिलिटी कम, यातायात प्रभावित।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








