Fake IAS Officer Gaurav Kumar Singh: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे नटवरलाल को गिरफ्तार किया है जो खुद को आईएएस अधिकारी (Fake IAS Officer) बताकर न सिर्फ लोगों को ठगता था, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर धौंस भी जमाता था। ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह नामक यह शख्स लाल-नीली बत्ती वाली गाड़ी और सुरक्षा गार्डों के साथ घूमता था। इसका जाल उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड तक फैला हुआ था।
SDM को जड़ा थप्पड़, शर्मिंदगी में साधी चुप्पी
गौरव की हिम्मत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहार के भागलपुर में उसने खुद को उच्च अधिकारी बताकर औचक निरीक्षण करना शुरू कर दिया। जब वहां तैनात एक एसडीएम (SDM) ने उससे बैच, रैंक और पोस्टिंग की जानकारी मांगी, तो गौरव ने उन्हें दो थप्पड़ जड़ दिए। एसडीएम ने शर्मिंदगी के चलते पुलिस में शिकायत नहीं की, जिसका फायदा उठाकर गौरव और बेखौफ हो गया। उसे लगा कि जब असली अधिकारी कुछ नहीं कर पाया, तो बाकी उसका क्या बिगाड़ लेंगे।
हाईटेक तरीके से करता था फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में पता चला है कि गौरव और उसका साला अभिषेक कुमार एआई (AI) और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर मिनटों में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर लेते थे। वे गृह मंत्रालय का लेटर पैड, टेंडर स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और यहां तक कि फर्जी अखबार की कटिंग्स भी साथ लेकर चलते थे। निरीक्षण रिपोर्ट भी एआई से जनरेट की जाती थी, जिससे किसी को शक न हो।
5 करोड़ की ठगी और गोरखपुर में पनाह
गौरव ने अपने जाल में फंसाकर कई लोगों को चूना लगाया। बिहार के मोकामा के एक ठेकेदार मुकुंद माधव से उसने 5 करोड़ रुपये ठग लिए थे। जब ठेका नहीं मिला और मुकुंद ने पैसे वापस मांगे, तो गौरव डरकर लखनऊ से भागकर गोरखपुर आ गया। यहां गुलहरिया थाना क्षेत्र में वह किराए के मकान में रह रहा था और घर के बाहर ‘आईएएस गौरव कुमार, भारत सरकार’ का बोर्ड लगा रखा था।
पड़ोसी भी थे धोखे में
पड़ोसियों के मुताबिक, गौरव के घर पर अक्सर चार-पांच गाड़ियां खड़ी रहती थीं। उसके सुरक्षा गार्ड असम और कोलकाता के थे। उसकी चाल-ढाल और रहन-सहन बिल्कुल असली अधिकारियों जैसा था, जिससे मोहल्ले में किसी को कभी शक नहीं हुआ।
जानें पूरा मामला
गोरखपुर पुलिस ने गौरव कुमार सिंह, उसके साले अभिषेक कुमार और साथी परमानंद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। परमानंद स्थानीय व्यापारियों को गौरव तक पहुंचाता था और बदले में कमीशन लेता था। पुलिस अब इनके डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने और कितने लोगों को ठगा है। बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बिहार के भागलपुर में एसडीएम को थप्पड़ मारने का आरोप।
एआई और सॉफ्टवेयर से फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाता था गैंग।
4 राज्यों में फैला था नेटवर्क, 5 करोड़ की ठगी का मामला भी सामने आया।








