Eggoz Eggs Cancer Risk : अगर आप भी सुबह की शुरुआत अंडों से करते हैं और ऑनलाइन ऑर्डर पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है। ‘एगोज न्यूट्रिशन’ नाम की एक प्रसिद्ध कंपनी के अंडों को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर भारी बवाल मचा हुआ है। कंपनी, जो खुद को फ्रेश और एंटीबायोटिक-मुक्त अंडे बेचने का दावा करती है, उसकी पोल एक लैब टेस्ट ने खोल दी है, जिसके बाद अंडों से कैंसर के खतरे की आशंका ने उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है।
लैब टेस्ट में हुआ बड़ा खुलासा
‘ट्रस्टीफाइट’ नाम के एक YouTube Channel ने ‘एगोज’ के अंडों की छह लेवल पर लैब टेस्टिंग कराई। जब इन टेस्ट की रिपोर्ट सामने आई, तो हंगामा मच गया। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अंडों में AOZ नामक तत्व मौजूद है। AOZ दरअसल ‘नाइट्रोफ्यूरॉन’ नामक एंटीबायोटिक दवाओं का ‘मेटाबोलाइट’ है, जो शरीर में ‘फ्यूराडॉन’ के टूटने से बनता है।
दावे झूठे और इंसानों के लिए खतरा
इस खुलासे के दो बड़े कारण हैं, जो चिंता बढ़ा रहे हैं:
कंपनी का झूठा दावा: ‘एगोज’ दावा करती है कि उनके अंडों में कोई Added Antibiotics नहीं होता, लेकिन लैब रिपोर्ट ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया।
प्रतिबंधित एंटीबायोटिक: भारत समेत कई देशों में नाइट्रोफ्यूरॉन एंटीबायोटिक का इस्तेमाल ऐसे जानवरों पर पूरी तरह प्रतिबंधित है जो खाने-पीने की चीजें (जैसे मुर्गियां) पैदा करते हैं। इसके बावजूद कई पोल्ट्री फार्म मुर्गियों को यह एंटीबायोटिक देते हैं, क्योंकि यह बैक्टीरिया इंफेक्शन और बीमारियों को कंट्रोल करके अंडे देने की क्षमता को बनाए रखती है।
कैंसर और DNA को नुकसान का खतरा
डाइट्स एंड मोर की फाउंडर डाइटिशियन श्रेया कात्याल ने इस खतरे को और स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के शरीर में नाइट्रोफ्यूरॉन एंटीबायोटिक लंबे समय तक लगातार जाता रहे, तो इससे डीएनए को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यही नहीं, इससे कैंसर और रिप्रोडक्टिव व इम्यून सिस्टम को भी क्षति पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे अंडे लगातार खाने से कैंसर का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
कंपनी ने दी सफाई, लेकिन चिंता बरकरार
जब ‘लल्लनटॉप’ के पत्रकार विकास वर्मा ने ‘एगोज न्यूट्रिशन’ के को-फाउंडर अभिषेक नेगी से इस बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि उन्हें वीडियो की जानकारी है और वे सवालों को समझते हैं। नेगी ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनके अंडे Safe हैं और FSSAI द्वारा तय मानकों के अनुरूप हैं। उन्होंने ‘जीरो एंटीबायोटिक यूसेज’, बेहतरीन फीड, Safe Storage और सप्लाई चेन का ध्यान रखने का दावा किया। साथ ही, उन्होंने स्वतंत्र NABL मान्य लैब से एडिशनल टेस्ट शुरू कराने की बात भी कही। हालांकि, इस खबर के सामने आने के बाद से खासकर ‘एगोज’ ब्रांड के अंडे खरीदने वाले लोग खासे परेशान हैं।
अंडे खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
डाइटिशियन श्रेया कात्याल ने उपभोक्ताओं को अंडे खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
उन्हीं ब्रांड्स के अंडे खरीदें जो अपनी टेस्टिंग रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से साझा करते हैं।
लोकल मार्केट से अंडे खरीदते हैं, तो किसी भरोसेमंद फार्म के ही अंडे चुनें।
अंडे ताजा हों, साफ और बिना दाग-धब्बे वाले होने चाहिए।
अगर अंडे में गंदगी है या अजीब सी गंध आ रही है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें।
अंडों को इस्तेमाल करने से पहले गुनगुने पानी और थोड़ा सिरका मिलाकर 10-15 सेकंड भिगोएं, फिर हल्के हाथों से रगड़ कर धो लें।
अंडों को अच्छी तरह सुखाकर फ्रिज में रखें, क्योंकि गीले अंडों में बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
‘एगोज न्यूट्रिशन’ के अंडों में प्रतिबंधित नाइट्रोफ्यूरॉन एंटीबायोटिक का मेटाबोलाइट AOZ मिला।
यह एंटीबायोटिक इंसानों के डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
कंपनी ने अपने अंडों को सुरक्षित और FSSAI मानकों के अनुरूप बताया है।
अंडे खरीदते समय ब्रांड की टेस्टिंग रिपोर्ट, ताजगी और सफाई का विशेष ध्यान रखें।








