बुधवार, 1 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Election Commission पर कब्ज़ा? राहुल गांधी ने संसद में किया खुलासा

Election Commission पर कब्ज़ा? राहुल गांधी ने संसद में किया खुलासा

लोकसभा में राहुल गांधी का सीधा आरोप – आरएसएस से लेकर चुनाव आयोग तक संस्थाओं पर कब्ज़, हरियाणा में ‘वोट चोरी’ का दावा, सीसीटीवी फुटेज और ईवीएम को लेकर कड़े सवाल

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 9 दिसम्बर 2025
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
Rahul Gandhi Lok Sabha speech
106
SHARES
709
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Election Commission पर आरएसएस और मोदी सरकार की मिलीभगत से कब्ज़े का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने लोकसभा में ऐसा भाषण दिया, जिसमें लोकतंत्र की जड़ तक हिलाने वाले कई सवाल छिपे थे। 28 मिनट की इस बहस में उन्होंने सीधे गृह मंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि वोट चोरी सबसे बड़ा एंटी-नेशनल काम है और यह काम सत्ता पक्ष के लोग कर रहे हैं।

उनका तर्क साफ था – जब संस्थाओं पर ‘अपना आदमी’ बैठा दिया जाता है, जब सबूतों के बावजूद चुनाव आयोग चुप रहता है, जब कानून बदलकर चुनाव आयुक्तों को इम्यूनिटी दे दी जाती है, तब लोकतंत्र सिर्फ कागज़ पर बचता है, असल ज़िंदगी में नहीं।


राहुल की पहली मांग: एक महीने पहले मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट

राहुल गांधी ने शुरुआत ही इस बात से की कि वोट चोरी एंटीनेशनल है और हरियाणा में वोट चोरी हुई है। उन्होंने लोकसभा से मांग रखी कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से एक महीने पहले ऐसी वोटर लिस्ट दी जाए, जिसे मशीन के ज़रिए पढ़ा जा सके।

उनका कहना था कि अगर चुनाव आयोग अपनी मर्यादा और गरिमा की फिक्र करता है, तो उसे सांसदों की बात ध्यान से सुननी चाहिए और अपनी भूमिका का ईमानदार विश्लेषण करना चाहिए – क्या उसके ज़रिए भारत के लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है या नहीं?


‘लोकतंत्र का गला घोंट रहा है चुनाव आयोग’

राहुल ने आरोप लगाया कि आज़ाद भारत ने चुनाव आयोग से लोकतंत्र के भविष्य के जो सपने देखे थे, वे बिखर गए हैं। सड़क से लेकर संसद तक आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग पर आरोप तो लगातार लग रहे हैं, लेकिन आयोग जवाब नहीं दे रहा। यह चुप्पी ही सबसे बड़ा संकेत है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी गहरी है। आम मतदाता के लिए इसका मतलब साफ है – अगर चुनाव कराने वाली संस्था पर भरोसा डगमगा जाए, तो उसकी एक वोट की ताकत भी संदिग्ध हो जाती है।


आरएसएस पर संस्थाओं पर कब्ज़े का आरोप

राहुल गांधी ने गांधी की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी हत्या के बाद उनके सपनों के भारत को कुचलने की प्रक्रिया शुरू हुई।

उनका आरोप था कि आरएसएस का प्रोजेक्ट आज़ाद भारत की सभी प्रमुख संस्थाओं पर कब्ज़ करना था – ताकि सत्ता और निर्णय लेने की पूरी मशीनरी एक विचारधारा के आगे झुक जाए। जब वे आरएसएस पर बोलने लगे तो विरोध की आवाज़ें भी उठीं, मगर उन्होंने साफ कहा कि वे यही दिखाना चाहते हैं कि इस कब्ज़ की शुरुआत कहां से हुई और आज कहां तक पहुंच चुकी है।


यूनिवर्सिटी से Election Commission तक ‘अपना आदमी’ की बहस

राहुल ने शिक्षा व्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कहा कि देशभर की यूनिवर्सिटियों में वाइस चांसलर से लेकर प्रोफेसर तक नियुक्तियां इस आधार पर हो रही हैं कि वे एक खास संगठन से ताल्लुक रखते हों।

उनके मुताबिक, न योग्यता देखी जा रही है, न वैज्ञानिक सोच; सिर्फ निष्ठा और विचारधारा देखी जा रही है। यही पैटर्न आगे बढ़ते-बढ़ते चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंच गया है, जहां “अपना आदमी” बैठाना प्राथमिक लक्ष्य बन गया है – न कि योग्यता और निष्पक्षता।


चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सीजेआई को क्यों हटाया गया?

राहुल गांधी ने सबसे तीखा सवाल यह उठाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को क्यों हटा दिया गया।

उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं, दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष – लेकिन उस कमरे में उनकी कोई आवाज़ नहीं होती, जो वे तय कर लें वही होता है। सवाल उन्होंने दोहराया – अगर हमें सीजेआई पर भरोसा है, तो वे उस कमरे में क्यों नहीं हैं? आखिर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इतने उत्सुक क्यों हैं कि वही तय करें कि चुनाव आयुक्त कौन होगा?


सीबीआई–इंटेलिजेंस–इनकम टैक्स के ‘कंट्रोल’ की तस्वीर

अमित शाह की मौजूदगी में राहुल गांधी ने दावा किया कि आज सीबीआई, इंटेलिजेंस एजेंसी और इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं पर भी कब्ज़ हो चुका है।

उनका कहना था कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है। वे समझा रहे थे कि बात सिर्फ चुनाव आयोग की नहीं, बल्कि पूरे फ्रेमवर्क की है – जहां हर संस्था में योग्यता से ज़्यादा ‘वफादारी’ का मूल्य हो गया है।


कानून बदलकर चुनाव आयुक्तों को ‘इम्यूनिटी’ क्यों दी गई?

राहुल ने दिसंबर 2023 में हुए एक अहम बदलाव का ज़िक्र किया। उनके मुताबिक, सरकार ने कानून बदलकर यह सुनिश्चित कर दिया कि चुनाव आयुक्त रहते हुए वे जो भी करें, उसके लिए उन्हें सज़ा न दी जा सके – उन्हें पूरी इम्यूनिटी मिल गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि यह “गिफ्ट ऑफ इम्यूनिटी” चुनाव आयुक्तों को क्यों दिया गया? ऐसा उपहार किसी भी प्रधानमंत्री ने पहले कभी नहीं दिया। उन्होंने सीधे पूछा – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ऐसी इम्यूनिटी देने की ज़रूरत क्यों पड़ी?


सीसीटीवी फुटेज 45 दिन में नष्ट करने पर सवाल

राहुल गांधी ने मतगणना और मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज पर बनी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून बदलकर चुनाव आयोग को यह अधिकार दे दिया गया कि वह चुनाव के 45 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर सकता है।

सरकार की ओर से इसे “डाटा” का मामला बताया गया, लेकिन राहुल का आरोप था कि यह असल में “इलेक्शन चोरी” का मामला है। उन्होंने पूछा – आखिर इतनी जल्दी सीसीटीवी सबूत नष्ट करने की क्या जरूरत है? अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो फुटेज सुरक्षित रखने में दिक्कत क्या है?


ईवीएम की आर्किटेक्चर दिखाने और एक्सेस देने की मांग

जहां कांग्रेस नेता मनीष तिवारी और अखिलेश यादव बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कर रहे थे, वहीं राहुल गांधी ने फोकस ईवीएम पर रखा।

उन्होंने मांग की कि ईवीएम की “आर्किटेक्चर” दिखाई जाए – यानी मशीन के भीतर लगा सॉफ्टवेयर, उसकी बनावट, उससे क्या-क्या हो सकता है और क्या नहीं हो सकता, यह सब साफ किया जाए। उनकी मांग थी कि विपक्ष के एक्सपर्ट्स को ईवीएम तक भौतिक पहुंच दी जाए, ताकि वे खुद देख सकें कि मशीन के भीतर क्या है। उन्होंने कहा कि आज तक विपक्ष को न तो आर्किटेक्चर दिखाई गई, न ही मशीन को जांचने दिया गया है।


हरियाणा में ‘वोट चोरी’ का दावा और ब्राज़ील की महिला की फोटो

राहुल गांधी ने लोकसभा में यह दावा भी दोहराया कि हरियाणा का चुनाव चोरी किया गया था और इस चोरी को चुनाव आयोग ने “इंश्योर” किया।

उन्होंने उदाहरण दिया कि हरियाणा की मतदाता सूची में ब्राज़ील की एक महिला की तस्वीर 22 बार इस्तेमाल की गई। एक दूसरी महिला, जिनका नाम उसी बूथ की वोटर लिस्ट में करीब 200 बार दर्ज था। उन्होंने कहा कि उन्होंने ये सारे सबूत देश के सामने रखे, लेकिन आज तक चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया कि यह कैसे हुआ, क्यों हुआ, और किसकी जिम्मेदारी तय हुई।


‘वोट चोरी सबसे बड़ा एंटीनेशनल एक्ट’

राहुल गांधी ने वोट चोरी को “सबसे बड़ा एंटीनेशनल एक्ट” बताया। सामने अमित शाह बैठे थे और वे साफ-साफ कह रहे थे कि “उस तरफ बैठे हुए लोग वोट चोरी से चुनाव जीत रहे हैं”।

उनका तर्क था कि जब आप वोट को नष्ट करते हैं, तो आप भारत के ताने-बाने को नष्ट करते हैं, मॉडर्न इंडिया की बुनियाद को तोड़ते हैं, “आईडिया ऑफ इंडिया” को खत्म करते हैं। आम मतदाता के लिए यह सीधा संदेश था – अगर आपकी वोट से खिलवाड़ हो रहा है, तो यह सिर्फ राजनीतिक हेराफेरी नहीं, बल्कि देश के खिलाफ़ काम है।


खादी, गमछा और ‘लोकतंत्र के धागों’ की मिसाल

राहुल ने अपने भाषण में खादी, असम के गमछे और साड़ियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हर कपड़े में हजारों धागे होते हैं, कोई भी कपड़ा किसी एक धागे पर निर्भर नहीं होता।

हर धागा बराबर होता है, तभी कपड़ा सुंदर बनता है। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र भी एक फैब्रिक की तरह है – 1.4–1.5 अरब लोगों से मिलकर बना हुआ कपड़ा, जिसे वोट एक साथ बुनता है। लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, पंचायत – सब कुछ वोट से ही अस्तित्व में है; वोट न हो तो कुछ भी नहीं बचेगा।

उनका आरोप था कि आरएसएस इस विचार पर यकीन नहीं करती कि हर धागा बराबर है। वे बराबरी नहीं, पदानुक्रम (हायरार्की) में विश्वास रखते हैं और मानते हैं कि वे खुद उस हायरार्की के सबसे ऊपर होने चाहिए।

यह भी पढे़ं 👇

Iran Attack US

Iran Attack US: Apple-Google पर हमले की धमकी, Trump ने उड़ाया मजाक

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Rule Change 1 April 2026

Rule Change 1 April 2026: LPG से ATF तक सब महंगा, बड़ा झटका

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
RBSE 12th Result

RBSE 12th Result: 93.88% लाई बेटी, पर खुशियां बन गईं मातम

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Live-In Relationship

Live-In Relationship: Allahabad High Court के दो अलग फैसले, शादीशुदा कपल पर बड़ा आदेश

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से सीधे सवाल

राहुल गांधी ने बार-बार पूछा कि क्या लोकसभा में उठे इन गंभीर सवालों के बाद भी चुनाव आयोग चुप रहेगा?

उन्होंने पूछा कि हरियाणा की मतदाता सूची में ब्राज़ील की महिला की तस्वीर 22 बार क्यों आई, लाखों डुप्लीकेट वोटर कैसे मौजूद हैं, उत्तर प्रदेश का बीजेपी नेता हरियाणा आकर वोट कैसे डालता है – इन सीधा-सीधे सवालों का कोई जवाब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार क्यों नहीं देते?


कानून बदलने और रेट्रोस्पेक्टिव एक्शन की चेतावनी

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें शायद लगता होगा कि नया कानून उन्हें बचा लेगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि जब सत्ता बदलेगी, तो यह कानून बदला जाएगा और “रेट्रोएक्टिवली” बदला जाएगा – यानी पुराने कामों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उनका संदेश साफ था – जो लोग आज खुद को कानून के कवच में सुरक्षित मान रहे हैं, वे भविष्य में जांच के दायरे से बाहर नहीं रहेंगे।


आखिर किसके इतिहास में दर्ज होगा ज्ञानेश कुमार का नाम?

अंत में सवाल सिर्फ इतना नहीं बचता कि चुनाव आयोग ने क्या किया, बल्कि यह भी कि इतिहास में उसकी भूमिका कैसे लिखी जाएगी।

ज्ञानेश कुमार का नाम किस किताब में दर्ज होगा – भारत के लोकतंत्र के स्वर्णिम इतिहास में या किसी पार्टी-विशेष के इतिहास में? राहुल गांधी के आरोपों ने यह बहस खड़ी कर दी कि अगर आयोग पर लगे सवालों का जवाब नहीं दिया गया, तो फिर संसद की बहसों की हैसियत क्या रह जाएगी और लोकतंत्र में जनता के भरोसे का क्या भविष्य बचेगा।


क्या है पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद उस वक्त उठा, जब लोकसभा में चुनाव सुधार, चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया, ईवीएम और मतदाता सूची जैसी संवेदनशील मुद्दों पर बहस चल रही थी। राहुल गांधी, बतौर नेता प्रतिपक्ष, वही सवाल दोहरा रहे थे जो बीते महीनों में विपक्षी दल सड़कों पर उठाते रहे हैं – लेकिन इस बार मंच संसद का था, सामने गृह मंत्री अमित शाह बैठे थे, और निशाने पर था चुनाव आयोग और उसके प्रमुख ज्ञानेश कुमार की चुप्पी।

इसी बहस के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बैलेट पेपर की वापसी और चुनाव आयुक्तों की चयन समिति में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष व चीफ जस्टिस को शामिल करने की बात भी रखी, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता दिख सके।


मुख्य बातें (Key Points)
  • राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि आरएसएस और सत्ता पक्ष ने यूनिवर्सिटियों से लेकर Election Commission तक संस्थाओं पर कब्ज़ कर लिया है।
  • उन्होंने दिसंबर 2023 में बदले गए कानूनों पर सवाल उठाए, जिनसे चुनाव आयुक्तों को इम्यूनिटी मिली और सीसीटीवी फुटेज 45 दिन बाद नष्ट करने की इजाजत दी गई।
  • हरियाणा चुनाव में “वोट चोरी” का दावा करते हुए उन्होंने डुप्लीकेट वोटर लिस्ट, फर्जी फोटो और ब्राज़ील की महिला की तस्वीर 22 बार इस्तेमाल होने के उदाहरण दिए।
  • राहुल ने वोट चोरी को “सबसे बड़ा एंटीनेशनल एक्ट” बताया और चेतावनी दी कि सत्ता बदलने पर कानून बदले जाएंगे और चुनाव आयोग के जिम्मेदार लोगों से रेट्रोस्पेक्टिव तरीके से जवाब लिया जाएगा।

 

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

10 December Ka Rashifal: इन 3 राशियों को मिलेगा 100% लाभ, जानें अपना भाग्य

Next Post

Election Commission Controversy पर संसद में संगीन आरोप, लोकतंत्र खतरे में

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Iran Attack US

Iran Attack US: Apple-Google पर हमले की धमकी, Trump ने उड़ाया मजाक

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Rule Change 1 April 2026

Rule Change 1 April 2026: LPG से ATF तक सब महंगा, बड़ा झटका

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
RBSE 12th Result

RBSE 12th Result: 93.88% लाई बेटी, पर खुशियां बन गईं मातम

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Live-In Relationship

Live-In Relationship: Allahabad High Court के दो अलग फैसले, शादीशुदा कपल पर बड़ा आदेश

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Gold Silver Rate Today

Gold Silver Rate Today: सोने में ₹439 की उछाल, चांदी ₹1989 धड़ाम

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
HS Phoolka Joins BJP

HS Phoolka Joins BJP: 1984 सिख नरसंहार के ‘मसीहा’ का भाजपा में प्रवेश, बड़ा सियासी भूचाल

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Next Post
Rahul Gandhi

Election Commission Controversy पर संसद में संगीन आरोप, लोकतंत्र खतरे में

Mulank 4 Horoscope 2026

Mulank 4 Horoscope 2026: इन 5 बड़ी बातों का रखें ध्यान! 4 और 13 तारीख वालों पर राहु का असर

Tula Rashi 2026

Tula Rashi 2026: केतु का 'धन लाभ', बृहस्पति की 'सफलता'! 5 बड़ी बातें जान लें

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।