PM Awas Yojana Gramin Update: केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। अपने पक्के घर का सपना संजोए बैठे सैकड़ों गरीब परिवारों का इंतजार अब और लंबा हो गया है, क्योंकि विभाग ने आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी है।
इस विभागीय निर्देश के बाद उन परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्होंने सरकारी मदद की उम्मीद में अपने घर का निर्माण शुरू करवाया था।
‘घर के सपने पर लगा ग्रहण’
ताजा जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए जारी होने वाली राशि के भुगतान पर विभागीय निर्देशों के चलते रोक लगा दी गई है। इसका सीधा असर वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत प्राप्त लाभार्थियों पर पड़ा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस रोक के कारण कुल 935 लाभार्थियों का भुगतान अटक गया है। ये वो परिवार हैं जिनका नाम लिस्ट में तो है, लेकिन तकनीकी और विभागीय बदलावों के कारण पैसा उनके खाते तक नहीं पहुंच पा रहा है।
‘अधिकारी ने बताई असली वजह’
इस पूरे मामले पर एमआईएस (MIS) पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडे ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में मिलने वाली राशि के भुगतान की प्रक्रिया में विभाग द्वारा कुछ बदलाव किए गए हैं।
इन बदलावों के चलते फिलहाल राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि सभी प्रखंडों में कुल 935 लाभार्थियों को पैसा नहीं मिल सका है। अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि भुगतान प्रक्रिया में बदलाव होने के बाद, नए विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत जल्द ही राशि का भुगतान किया जाएगा।
‘किस किस्त के कितने लोग परेशान?’
भुगतान रुकने का असर हर चरण के लाभार्थियों पर पड़ा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
पहली किस्त: 40 लाभार्थियों को नहीं मिल पाई है।
दूसरी किस्त: 255 लाभार्थियों का भुगतान अटका है।
तीसरी किस्त: सबसे ज्यादा 634 लाभार्थियों को अंतिम किस्त का इंतजार है।
जिले में इन सभी 935 लाभुकों को अब नए दिशा-निर्देशों के आने और लागू होने का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही उनके अधूरे पड़े मकानों का काम पूरा हो सकेगा।
‘कितनी मिलती है मदद?’
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सरकार पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए कुल 1,20,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह राशि एक बार में नहीं, बल्कि तीन किस्तों में दी जाती है।
नियमों के मुताबिक, घर के निर्माण के अलग-अलग चरणों में 40-40 हजार रुपये की तीन किस्तें सीधे लाभुकों के बैंक खाते में भेजी जाती हैं। मौजूदा रोक के कारण ये तीनों ही चरण प्रभावित हुए हैं।
जानें पूरा मामला
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। इससे पहले इस योजना को ‘इंदिरा आवास योजना’ के नाम से जाना जाता था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और बेघर परिवारों को पक्की छत मुहैया कराना है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2029 तक देश में 2.95 करोड़ अतिरिक्त घरों का निर्माण पूरा कर लिया जाए, ताकि हर जरूरतमंद के पास अपना घर हो।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की राशि के भुगतान पर विभागीय निर्देश पर रोक लगाई गई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के 935 लाभार्थियों का पैसा अटक गया है।
भुगतान प्रक्रिया में बदलाव और नए दिशा-निर्देशों के कारण यह देरी हो रही है।
योजना के तहत घर बनाने के लिए तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये मिलते हैं।








