Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY) गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए चलाई जा रही एक क्रांतिकारी पहल है। सरकार ने अब इस योजना में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसके तहत इसका लाभ अब केवल पहले बच्चे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरी संतान के लिए भी यह उपलब्ध होगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि गर्भावस्था के दौरान वे अपनी और अपने आने वाले बच्चे की सेहत का बेहतर तरीके से खयाल रख सकें।
‘दूसरे बच्चे पर भी मिलेगा लाभ’
अब तक इस योजना का फायदा सिर्फ पहले बच्चे के जन्म पर मिलता था। लेकिन नए बदलावों के अनुसार, अब यह योजना दूसरे बच्चे, यानी लड़की के जन्म के लिए भी लागू कर दी गई है। सरकार के इस कदम से और भी ज्यादा महिलाओं को इस योजना का फायदा मिल सकेगा।
योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं को उनके गर्भधारण के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार द्वारा 5000 रुपये की राशि दी जाती है। यह आर्थिक मदद इसलिए दी जाती है ताकि महिलाओं की पोषण संबंधी समस्याओं को हल किया जा सके और उनके स्वास्थ्य पर समुचित ध्यान दिया जा सके।
‘कैसे उठाएं योजना का लाभ’
इस योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल रखा गया है। पात्र महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क कर सकती हैं। वहां मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस प्रक्रिया में उनकी पूरी मदद करेंगे।
‘संचालन में हुआ बड़ा बदलाव’
योजना की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसके संचालन के तरीके में भी बदलाव किया गया है। पहले यह योजना स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित होती थी, लेकिन अब इसका संचालन अन्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।
इसके अलावा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस योजना से संबंधित एक विशेष ऐप के जरिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीक के इस इस्तेमाल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को सही समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।
‘क्या है योजना का मुख्य ध्येय’
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य की देखभाल करना है, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य उत्तम बना रहे। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से सरकार की कोशिश महिलाओं की सेहत और पोषण के स्तर में सुधार करने की है, जिससे अंततः उनके जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अब पहले बच्चे के साथ-साथ दूसरे बच्चे (लड़की) के लिए भी मिलेगा।
गर्भवती महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के बाद पोषण के लिए 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
लाभ उठाने के लिए महिलाएं नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में संपर्क कर सकती हैं।
योजना का संचालन अब स्वास्थ्य विभाग के बजाय दूसरे विभाग द्वारा किया जा रहा है और इसमें ऐप का इस्तेमाल भी शामिल है।








