Karnataka Political Crisis कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। एक कार्यक्रम के दौरान शिवकुमार ने इशारों ही इशारों में ‘वादा निभाने’ की बात कहकर आलाकमान और सीएम सिद्धारमैया को बड़ा संदेश दे दिया है।
डीके शिवकुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में ढाई साल बाद सीएम बदलने की चर्चाएं जोरों पर हैं। उनके इस बयान को सीधे तौर पर शीर्ष नेतृत्व को पुराने वादे की याद दिलाने के तौर पर देखा जा रहा है।
‘शब्दों की ताकत ही दुनिया की ताकत है’
एक कार्यक्रम में बोलते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि एक पुरानी कहावत है कि शब्दों की ताकत के आगे सबको झुकना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारे लिए अपना वादा निभाना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। चाहे वह जज हो, भारत के राष्ट्रपति हों, मैं रहूं या आप में से कोई रहे, हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।”
उनके इस बयान के गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि शिवकुमार ‘रोटेशनल सीएम’ वाले फॉर्मूले की तरफ इशारा कर रहे हैं, जिसके तहत उन्हें भी मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलने की उम्मीद है।
‘कुर्सी की कीमत नहीं पता’
इसी कार्यक्रम में डीके शिवकुमार ने एक हल्का-फुल्का लेकिन कटाक्ष भरा किस्सा भी सुनाया, जिस पर वहां मौजूद लोग जोर-जोर से हंसने लगे। उन्होंने अपने पीछे खड़े लोगों को बैठने का इशारा करते हुए कहा, “जो लोग मेरे पीछे खड़े हैं, उन्हें कुर्सी की कीमत नहीं पता है। उन्हें जो भी कुर्सियां मिलती हैं, उन पर बैठने के बजाय वे बेवजह खड़े हो रहे हैं।”
हालांकि यह बात उन्होंने मजाक में कही, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे भी सीएम की कुर्सी के संघर्ष से जोड़कर देख रहे हैं।
‘दिल्ली दौड़ और सीएम बदलने की चर्चा’
पिछले कुछ हफ्तों से डीके शिवकुमार और उनके समर्थक कई विधायक लगातार दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार में बड़ा उलटफेर हो सकता है। शिवकुमार के खेमे का दावा है कि 2023 में जीत के बाद रोटेशनल मुख्यमंत्री पद पर सहमति बनी थी। हालांकि, सीएम सिद्धारमैया ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
इस बीच, एक विधायक ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि कांग्रेस जल्द ही सीएम बदलने वाली है और डीके शिवकुमार ही अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा, “मैं यह 100% लिखकर दे सकता हूं।”
‘आलाकमान की भूमिका’
विवाद बढ़ता देख कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व हरकत में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व सभी रुकावटों को दूर करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वह राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मिलकर इस मुद्दे पर फैसला लेंगे और झगड़े को जल्द सुलझाएंगे।
राहुल गांधी ने भी कर्नाटक के नेताओं को संदेश भेजा है और डीके शिवकुमार से साफ कहा है कि वह उन्हें फोन करेंगे और बात करेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान इस रस्साकशी को कैसे खत्म करता है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
कर्नाटक में 2023 में कांग्रेस की बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कड़ी टक्कर थी। उस वक्त आलाकमान ने किसी तरह मामला सुलझाकर सिद्धारमैया को सीएम और शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया था। शिवकुमार खेमे का मानना है कि ढाई साल बाद सत्ता हस्तांतरण का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा करने का वक्त आ गया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
डीके शिवकुमार ने ‘वादा निभाने’ को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बताया है।
उनके बयान को रोटेशनल सीएम पद के वादे की याद दिलाने के तौर पर देखा जा रहा है।
एक विधायक ने दावा किया है कि शिवकुमार का अगला सीएम बनना 100% तय है।
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मामले को सुलझाने के लिए सक्रिय हैं।








