Punjab Health Seminar : ‘सही आहार ही पहली दवा है’ – इस मूल मंत्र को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए पंजाब में एक बड़े सेमिनार का आयोजन किया गया। पंजाब राज्य खाद्य आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे हम सिर्फ अपनी खाने-पीने की आदतें सुधारकर एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
‘न्यूट्रिशन हट्स’ से गांव-गांव पहुंचेगा संदेश
सेमिनार में लुधियाना से आए डॉ. विपन भार्गव ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पौष्टिक भोजन का संदेश जमीनी स्तर तक ले जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने घर, स्कूल और ग्राम पंचायत के स्तर पर ‘न्यूट्रिशन हट्स’ (Nutrition Huts) और ‘न्यूट्रिशन पॉइंट्स’ स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने समझाया कि हमारे शरीर में खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता होती है, बस उसे सही मात्रा में सही आहार देने की जरूरत है। डॉ. भार्गव ने पौधों पर आधारित और घर में उगी सब्जियों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए सबसे अहम बताया।
दुनिया मान रही आयुर्वेद और मोटे अनाज का लोहा
इस मौके पर आयुर्वेद की अहमियत पर भी चर्चा हुई। आईआरए चैम्बर ऑफ आयुर्वेद के चेयरमैन एस.के. बातीश ने बताया कि आज दुनिया के 170 देश आयुर्वेद की उपयोगिता को मान चुके हैं और 23 देशों ने इसे अपनी स्वास्थ्य नीति का हिस्सा भी बना लिया है। उन्होंने भोजन में मोटे अनाज (Millets) को फिर से शामिल करने की महत्ता पर जोर दिया।
बॉडी डिटॉक्स और संतुलित आहार जरूरी
सेमिनार में शामिल हेल्थ और लाइफ कोच हरकंवल पी. सिंह धालीवाल ने शरीर को समय-समय पर डिटॉक्स (Detox) करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बारे में जागरूक होना चाहिए कि विभिन्न प्रकार के भोजन को किस तरह संतुलित (Balance) करके ग्रहण किया जाए, ताकि शरीर स्वस्थ रहे।
क्यों आयोजित हुआ यह सेमिनार?
इस सेमिनार का आयोजन पंजाब राज्य खाद्य आयोग द्वारा चंडीगढ़ के मगसीपा में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश खाद्य आयोग के चेयरमैन डॉ. एस.पी. कटियाल भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जिन्होंने पंजाब आयोग के इन प्रयासों की सराहना की। आयोग के चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने कहा कि आयोग का लक्ष्य हर नागरिक तक सही पोषण पहुंचाना है।
मुख्य बातें (Key Points):
चंडीगढ़ में ‘भोजन ही दवा है’ (Food is Medicine) विषय पर एक अहम सेमिनार आयोजित किया गया।
विशेषज्ञों ने स्कूल और पंचायत स्तर पर ‘न्यूट्रिशन हट्स’ बनाने का क्रांतिकारी सुझाव दिया।
आयुर्वेद और मोटे अनाज (Millets) को स्वस्थ जीवन के लिए दोबारा अपनाने पर जोर दिया गया।
शरीर को डिटॉक्स करने और संतुलित आहार लेने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।








