Shashi Tharoor Advani Tweet : कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों के कारण विवादों में हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई देते हुए थरूर ने उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से कर दी। यह तुलना न तो कांग्रेस को रास आई और न ही बीजेपी के गले उतरी।
थरूर ने 8 नवंबर को सोशल मीडिया पर आडवाणी को “सच्चा राजनेता” और “आधुनिक भारत की दिशा तय करने वाला” बताया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े ने तीखा विरोध जताया और रथ यात्रा को “नफरत के बीज बोने वाली” बताया।
‘नेहरू-इंदिरा से नहीं कर सकते एक घटना से तुलना’
संजय हेगड़े के विरोध का जवाब देते हुए थरूर ने तर्क दिया कि जैसे नेहरू के पूरे करियर को सिर्फ 1962 के चीन युद्ध की विफलता से नहीं आंका जा सकता, और न ही इंदिरा गांधी को केवल इमरजेंसी से परिभाषित किया जा सकता है, उसी तरह आडवाणी की दशकों की सेवा को सिर्फ रथ यात्रा जैसी एक घटना तक सीमित करना गलत होगा।
कांग्रेस ने पल्ला झाड़ा, बीजेपी भी असहज
थरूर की इस दलील पर कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “हमेशा की तरह, डॉ. थरूर अपनी बात कह रहे हैं, और कांग्रेस खुद को उनके बयान से अलग करती है।”
दूसरी तरफ, बीजेपी के लिए भी यह तुलना असहज करने वाली है। भले ही आडवाणी अब मार्गदर्शक मंडल तक सीमित हों, लेकिन नेहरू-इंदिरा से उनकी तुलना बीजेपी के वैचारिक एजेंडे के खिलाफ जाती है। थरूर इससे पहले भी पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने दोनों पक्षों को नाराज कर दिया है।
मुख्य बातें (Key Points):
- शशि थरूर ने लालकृष्ण आडवाणी की तुलना नेहरू और इंदिरा गांधी से की।
- थरूर ने कहा कि किसी नेता का मूल्यांकन सिर्फ एक घटना (रथ यात्रा, चीन युद्ध, इमरजेंसी) से नहीं होना चाहिए।
- कांग्रेस ने थरूर के बयान से आधिकारिक तौर पर किनारा कर लिया है।
- वकील संजय हेगड़े ने आडवाणी की रथ यात्रा को ‘नफरत के बीज’ बताया था।








