Nitin Gadkari : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक और सीधे बयानों के लिए जाने जाते हैं। एक बार फिर उन्होंने सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली पर अपने चिर-परिचित अंदाज में तंज कसा है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने मजाकिया लहजे में कहा कि सरकारी अफसर अपनी पत्नी से ज्यादा ‘फाइलों’ से प्यार करते हैं, इसीलिए उन्हें महीनों तक दबाकर बैठे रहते हैं और फैसला नहीं लेते।
‘फाइलों को दबाकर क्यों रखते हो?’
नागपुर में राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी के स्थापना दिवस पर गडकरी ने अधिकारियों से अपील की कि वे फाइलों को बेवजह रोककर न रखें। उन्होंने एक पुराना किस्सा साझा करते हुए कहा, “मैंने एक बार एक अधिकारी से पूछा था- आप अपनी पत्नी से प्यार करते हैं, यह ठीक है, लेकिन फाइलों से उससे भी ज्यादा प्यार क्यों करते हैं?”
गडकरी ने कहा कि फाइल आते ही उसे दबाकर रख दिया जाता है। उन्होंने नसीहत दी, “अगर मंजूर करनी है तो करें, नामंजूर करनी है तो करें, लेकिन कुछ तो निर्णय लें। फाइलों को यूं ही रोककर रखने से क्या फायदा?”
‘अमर प्रेम’ का दिया उदाहरण
गडकरी ने चुटकी लेते हुए बताया कि उन्होंने एक बड़े अधिकारी से यहां तक कह दिया था कि वह ‘अमर प्रेम’ के साक्षात उदाहरण हैं, क्योंकि वह अपनी पत्नी से भी कई गुना ज्यादा फाइलों से प्यार करते हैं। उनके इस तंज के बाद उस अधिकारी को अपनी गलती का अहसास हुआ था।
‘फैसले में देरी से उद्यमियों का नुकसान’
मजाक से इतर, केंद्रीय मंत्री ने एक गंभीर मुद्दे की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि सरकारी कर्मचारियों को तो हर महीने की 1 तारीख को वेतन मिल जाता है, लेकिन ठेकेदार और उद्यमी कर्ज लेकर काम करते हैं। अधिकारियों को उन उद्यमियों का दर्द समझना चाहिए जो भुगतान या मंजूरी के लिए सालों तक दफ्तरों के चक्कर काटते हैं।
‘टैक्स वसूलें, लेकिन निर्णय जरूर लें’
गडकरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई काम नियमों में फिट नहीं बैठता, तो सीधे ‘ना’ कह दें, लेकिन फाइल को लटकाएं नहीं। उन्होंने कहा, “टैक्स वसूलिए, छापे मारिए, लेकिन निर्णय लेना मत भूलिए।” उनका यह बयान सरकारी कामकाज में लालफीताशाही (Red Tapism) को कम करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points):
- नितिन गडकरी ने अधिकारियों पर तंज कसा कि वे पत्नी से ज्यादा फाइलों से प्यार करते हैं।
- उन्होंने अफसरों से फाइलों को बेवजह दबाकर न रखने और तुरंत निर्णय लेने की अपील की।
- गडकरी ने कहा कि फैसले में देरी से कर्ज लेकर काम करने वाले उद्यमियों को भारी नुकसान होता है।
- उन्होंने साफ कहा- काम नियम में नहीं है तो सीधे मना करें, पर लटकाएं नहीं।








