Russian Space Threat : धरती पर चल रही जंग अब अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। जर्मनी और ब्रिटेन ने रूस और चीन से अंतरिक्ष में पैदा हो रहे खतरों को लेकर पूरी दुनिया को आगाह किया है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस और चीन के सैटेलाइट चोरी-छिपे उनके उपग्रहों की जासूसी कर रहे हैं और उनके कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।
बीते कुछ हफ्तों में ब्रिटेन और जर्मनी ने जोर देकर कहा है कि रूस बार-बार उनके सैटेलाइट्स का पीछा (Stalking) कर रहा है और सिग्नल्स को जाम कर रहा है। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने इसे एक ऐसा ‘बुनियादी खतरा’ बताया है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जर्मन सैटेलाइट्स का पीछा कर रहा रूस
हालात इतने गंभीर हैं कि रूस अब खुलेआम पश्चिमी देशों के उपग्रहों के करीब अपने सैटेलाइट भेज रहा है। रक्षा मंत्री पिस्टोरियस ने खुलासा किया कि हाल ही में रूस के दो जासूसी सैटेलाइट्स को दो ‘इंटेलसैट’ (Intelsat) उपग्रहों का पीछा करते हुए देखा गया। ये वही उपग्रह हैं, जिनका इस्तेमाल जर्मन सेना और उसके सहयोगी देश करते हैं।
‘हर हफ्ते जाम किए जा रहे सिग्नल’
सिर्फ जर्मनी ही नहीं, ब्रिटेन भी इस खतरे को महसूस कर रहा है। यूके स्पेस कमांड के प्रमुख मेजर जनरल पॉल टेडमैन ने बताया कि रूसी उपग्रह नियमित रूप से ब्रिटिश सैटेलाइट्स का पीछा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रूस साप्ताहिक आधार पर सैटेलाइट्स को जाम कर रहा है। रूसी उपग्रहों पर ऐसे पेलोड लगे हैं, जो जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं।
अंतरिक्ष में परमाणु हथियार का डर
पश्चिमी देशों की चिंता सिर्फ जासूसी तक सीमित नहीं है। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने चेतावनी दी थी कि रूस अंतरिक्ष में ऐसे परमाणु हथियार विकसित कर सकता है, जो सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकें। भले ही राष्ट्रपति पुतिन ने इससे इनकार किया हो, लेकिन संयुक्त राष्ट्र में अंतरिक्ष-आधारित परमाणु हथियारों के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को रूस ने वीटो कर दिया था, जिससे संदेह और गहरा गया है।
मुख्य बातें (Key Points):
- जर्मनी और ब्रिटेन ने अंतरिक्ष में रूस और चीन की संदिग्ध गतिविधियों पर चेतावनी जारी की है।
- आरोप है कि रूसी सैटेलाइट पश्चिमी देशों के उपग्रहों का पीछा कर रहे हैं और सिग्नल जाम कर रहे हैं।
- जर्मनी ने बताया कि रूस के दो जासूसी उपग्रहों ने उनके सैन्य इस्तेमाल वाले ‘इंटेलसैट’ का पीछा किया।
- नाटो ने रूस द्वारा अंतरिक्ष में परमाणु हथियार विकसित करने की आशंका भी जताई है।








