Trump Secret Nuclear Weapon : अमेरिका का एक नया और बेहद घातक गुप्त न्यूक्लियर हथियार दुनिया के सामने आ गया है। इसे ‘AGM-181 LRSO’ (लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ) मिसाइल कहा जाता है, जो दुश्मन की नजरों से बचकर 2500 किमी दूर से ही चुपके से हमला कर सकती है। हाल ही में इसे कैलिफोर्निया में एक B-52 बॉम्बर के नीचे देखा गया, जिसके बाद पेंटागन का यह राज खुल गया।
क्या है LRSO मिसाइल?
LRSO एक स्टेल्थ (अदृश्य) क्रूज मिसाइल है, जो हवा से दागी जाती है और न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इसका मतलब है कि यह बिना किसी लड़ाकू विमान को खतरे में डाले, दूर से ही दुश्मन के इलाके में घुसकर तबाही मचा सकती है। यह 1982 से इस्तेमाल हो रही पुरानी AGM-86B मिसाइल की जगह लेगी।
ट्रंप के समय हुआ था विकास तेज
इस मिसाइल का विकास डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल (2017-2021) में तेज हुआ था। रेथियन कंपनी द्वारा बनाई गई यह मिसाइल अभी टेस्टिंग फेज में है और 2030 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसे B-52 और अमेरिका के नए स्टेल्थ बॉम्बर B-21 रेडर पर तैनात किया जाएगा। यह रूस और चीन के लिए एक साफ चेतावनी मानी जा रही है।
LRSO की ताकत और खासियतें
- रेंज: 2,500 किलोमीटर से ज्यादा।
- गति: सबसोनिक (लगभग 850 किमी/घंटा), जो इसे रडार की पकड़ में आने से बचाती है।
- वॉरहेड: W80-4 न्यूक्लियर वॉरहेड, जिसकी ताकत हिरोशिमा बम से 10 गुना ज्यादा (150 किलोटन तक) हो सकती है।
- स्टेल्थ फीचर्स: कम रडार सिग्नल, फोल्डिंग विंग्स और नीचे की तरफ वर्टिकल टेल इसे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम (IADS) से अदृश्य बनाते हैं।
कैसे करती है काम?
यह मिसाइल B-52 या B-21 बॉम्बर से छूटने के बाद कम ऊंचाई पर उड़ती है और GPS व TERCOM गाइडेंस सिस्टम की मदद से अपना रास्ता खुद चुनती है। यह दुश्मन को भनक लगे बिना टारगेट पर सटीक हमला कर सकती है।

मुख्य बातें (Key Points):
- अमेरिका की नई गुप्त न्यूक्लियर मिसाइल AGM-181 LRSO सामने आई है।
- यह 2500 किमी दूर से दुश्मन पर चुपके से (स्टेल्थ मोड में) हमला कर सकती है।
- इसमें हिरोशिमा से 10 गुना ज्यादा ताकतवर न्यूक्लियर वॉरहेड लग सकता है।
- यह 2030 तक अमेरिकी वायुसेना में शामिल होगी और B-52/B-21 बॉम्बर पर तैनात होगी।








