Pakistan Nuclear Arsenal : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस सनसनीखेज दावे ने तनाव बढ़ा दिया है कि पाकिस्तान गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहा है। यह दावा मई 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आया है, जिसने पाकिस्तान को झकझोर दिया था। इस दावे के बाद पाकिस्तान के 170 परमाणु हथियारों और भारत के डिफेंस सिस्टम पर बहस तेज हो गई है।
पाकिस्तान के पास कई परमाणु-सक्षम मिसाइलें हैं, जो भारत के अलग-अलग शहरों तक पहुंच सकती हैं। 2025 की अमेरिकी और SIPRI रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु हथियार हैं।
छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलें
पाकिस्तान की छोटी दूरी की मिसाइलें ‘नसर’ (70 किमी) और ‘ग़ज़नवी’ (290 किमी) भारतीय सीमा और पंजाब के शहरों को निशाना बना सकती हैं। वहीं, ‘शाहीन-I’ (900 किमी) और ‘गौरी’ (1,300 किमी) की रेंज में दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और मध्य भारत के बड़े हिस्से आते हैं।
लंबी दूरी: पूरा भारत रेंज में
भारत के लिए असली खतरा इसकी लंबी दूरी की मिसाइलें हैं। ‘शाहीन-II’ (2,000 किमी) और ‘अबाबील’ (2,200 किमी) मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई तक पहुंच सकती हैं। वहीं, ‘शाहीन-III’ (2,750 किमी) भारत के दक्षिणतम कोने और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक मार कर सकती है।
भारत का ‘अभेद’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम
भारत ने पाकिस्तान के इन्हीं खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत, बहु-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम और एयर डिफेंस नेटवर्क तैयार किया है। इस कार्यक्रम को DRDO के नेतृत्व में 1999 में शुरू किया गया था।
BMD फेज I और II: 5000 किमी तक सुरक्षा
भारत का BMD प्रोग्राम दो फेज में काम करता है। फेज I (जो चालू है) 2,000 किमी तक की मिसाइलों (जैसे शाहीन-II) को 80 से 100 किमी की ऊंचाई पर (PAD/PDV इंटरसेप्टर से) और 40 किमी की ऊंचाई पर (AAD इंटरसेप्टर से) नष्ट कर सकता है। यह दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को सुरक्षा देता है।
फेज II (जो 2027 तक पूरी तरह तैनात होगा) 5,000 किमी तक की मिसाइलों (जैसे शाहीन-III) और हाइपरसोनिक खतरों को AD-1 और AD-2 इंटरसेप्टर से रोकेगा।
S-400 और आकाश का सुरक्षा कवच
BMD के अलावा, भारत के पास सरफेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) सिस्टम का एक घातक नेटवर्क है। इसमें सबसे प्रमुख S-400 ट्रायम्फ (सुदर्शन चक्र) है, जो 400 किमी दूर से ही 36 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और नष्ट कर सकता है। इसकी 3 रेजिमेंट पाकिस्तान सीमा पर तैनात हैं।
इसके अलावा, भारत-इजरायल का बराक-8 (100 किमी) और स्वदेशी आकाश (70 किमी) व स्पाइडर मिसाइलें, क्रूज मिसाइलों और विमानों से बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रदान करती हैं।
‘स्वॉर्डफिश’ रडार से निगरानी
यह पूरी ढाल एडवांस रडार सिस्टम पर काम करती है। स्वदेशी ‘स्वॉर्डफिश’ रडार 1500 किमी दूर से ही क्रिकेट बॉल के आकार के लक्ष्य को ट्रैक कर सकता है। वहीं, ‘नेत्र’ और ‘फाल्कन’ AWACS विमान हवा से ही निगरानी रखते हैं। ये सभी सिस्टम ‘आकाशतीर’ नेटवर्क से जुड़े हैं, जो ऑटोमैटिक रिएक्शन के लिए 10-15 मिनट का समय देते हैं। परीक्षणों में इस ढाल ने 80-90% की सफलता दर दिखाई है।
जानें पाकिस्तान की परमाणु नीति
भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ (पहले इस्तेमाल न करने) की नीति के विपरीत, पाकिस्तान की परमाणु नीति अस्पष्ट और खतरनाक है। वह ‘फुल स्पेक्ट्रम डिटरेंस’ पर जोर देता है और ‘नो फर्स्ट यूज’ को नहीं मानता। उसका फोकस छोटी दूरी के टैक्टिकल (Tactical) परमाणु हथियारों पर है, जिन्हें वह युद्ध के मैदान में भी इस्तेमाल कर सकता है।
मुख्य बातें (Key Points):
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान और चीन गुप्त परमाणु परीक्षण कर रहे हैं।
- पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं और ‘शाहीन-III’ (2750 किमी) मिसाइल पूरे भारत तक पहुंच सकती है।
- भारत के पास S-400, बराक-8, आकाश और दो-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम है।
- भारत का ‘स्वॉर्डफिश’ रडार 1500 किमी दूर से दुश्मनों की मिसाइलों को ट्रैक कर सकता है।








