बुधवार, 28 जनवरी 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

Trump Misses Nobel Peace Prize! मारिया मचाडो ने छीना ट्रंप का सपना

Nobel Peace Prize 2025: डोनाल्ड ट्रंप का सपना टूटा, वेनेजुएला की मारिया मचाडो को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025
A A
0
Nobel Peace Prize 2025
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Nobel Peace Prize 2025 — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। ट्रंप खुद कई बार इस पुरस्कार के लिए सार्वजनिक रूप से दावे कर चुके थे, लेकिन नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इस बार का नोबेल पीस प्राइज वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो (Maria Corina Machado) को दिया गया है, जिन्होंने अपने देश में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बहाली के लिए लंबा संघर्ष किया है।


क्यों मिला मारिया मचाडो को नोबेल?

नोबेल कमेटी ने कहा कि वेनेजुएला जैसे देश में, जहां लंबे समय से अधिनायकवाद (dictatorship) हावी रहा है, वहां लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना किसी साहस से कम नहीं।

मारिया मचाडो ने राजनीतिक दमन, गिरफ्तारी और लगातार खतरों के बावजूद अपने देश में free and fair elections की मांग जारी रखी।

कमेटी के मुताबिक, उनका यह संघर्ष दुनिया को यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र कभी स्वतः नहीं मिलता, इसके लिए लगातार आवाज़ उठानी पड़ती है।


ट्रंप के दावे रह गए अधूरे

डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर कहा था कि उन्होंने “आठ युद्ध रुकवाए” और वैश्विक शांति के लिए अभूतपूर्व काम किए हैं। उन्होंने दावा किया था कि इजरायल और पाकिस्तान समेत करीब आठ देशों ने उन्हें नोबेल के लिए नामांकित किया था। इसके बावजूद, नोबेल कमेटी ने इस साल ट्रंप का नाम नकार दिया। पुरस्कार की घोषणा से पहले ही ट्रंप ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा था —

यह भी पढे़ं 👇

Aaj Ka Rashifal 28 January 2026

Aaj Ka Rashifal 28 January 2026: बुधवार को वृषभ और कर्क राशि की होगी चांदी

बुधवार, 28 जनवरी 2026
Yuddh Nashon Viruddh

Yuddh Nashon Viruddh: दूसरे चरण में नशे की जड़ पर होगा बड़ा प्रहार, 1.50 लाख VDC सदस्य बने गांवों के पहरेदार

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
NDA Selection

NDA Selection: पंजाब के 11 कैडेट्स का एनडीए और रक्षा अकादमियों में चयन, गुरनूर सिंह को देशभर में 15वीं रैंक

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
All India Civil Services Tournament

All India Civil Services Tournament: पंजाब टीमों के ट्रायल 29 जनवरी को, जानें कहां होगा चयन

मंगलवार, 27 जनवरी 2026

“मैंने दुनिया में शांति स्थापित की, लेकिन उन्हें (नोबेल कमेटी को) राजनीति करनी है।”

उन्होंने बराक ओबामा पर भी तंज कसते हुए कहा कि “ओबामा को नोबेल मिला, जबकि उन्होंने देश को बर्बाद किया।”


ट्रंप की दावेदारी क्यों कमजोर पड़ी?

नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के नियमों के अनुसार, 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2025 थी। जबकि ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। यानि जिन घटनाओं और निर्णयों को वह अपने उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे थे, वे नामांकन की अंतिम तिथि के बाद हुईं। ऐसे में नियमों के मुताबिक, उनकी दावेदारी स्वतः बाहर हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले वर्ष के लिए अगर उनका नाम फिर से भेजा गया, तो उनकी उम्मीदें कुछ बेहतर रह सकती हैं।


पुरस्कार और सम्मान

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया मचाडो को एक सोने का मेडल, एक सर्टिफिकेट, और 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 8 करोड़ रुपये) की राशि दी जाएगी। यह पुरस्कार 10 दिसंबर 2025 को ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।


डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में कई विवादास्पद लेकिन कूटनीतिक कदम उठाए — जैसे मध्यपूर्व में इजरायल-अरब संबंधों को सामान्य करने की दिशा में समझौते, उत्तर कोरिया के साथ संवाद, और अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी। इन्हीं कारणों से उनके समर्थकों ने उन्हें “peace broker” कहकर नोबेल के योग्य बताया था। हालांकि आलोचकों का कहना था कि ट्रंप की विदेश नीति ने कई क्षेत्रों में तनाव बढ़ाया, न कि घटाया। वहीं, मारिया मचाडो का संघर्ष तानाशाही के खिलाफ जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा रहा, जो कमेटी की दृष्टि में “शांति के मूल सिद्धांतों” के अनुरूप था।


मुख्य बातें (Key Points Summary)
  • मारिया कोरिना मचाडो को मिला नोबेल शांति पुरस्कार 2025।

  • डोनाल्ड ट्रंप को इस साल का पुरस्कार नहीं मिला।

  • ट्रंप ने कहा — “मैंने आठ युद्ध रुकवाए, फिर भी नजरअंदाज किया गया।”

  • नोबेल कमेटी ने कहा — “लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वालों का सम्मान जरूरी है।”

  • 10 दिसंबर को ओस्लो में दिया जाएगा पुरस्कार।

Previous Post

भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में दलितों पर अत्याचारों में वृद्धि: हरभजन सिंह ई.टी.ओ.

Next Post

‘आप’ पंजाब ने मीडिया विंग के पदाधिकारियों का किया ऐलान

Related Posts

Aaj Ka Rashifal 28 January 2026

Aaj Ka Rashifal 28 January 2026: बुधवार को वृषभ और कर्क राशि की होगी चांदी

बुधवार, 28 जनवरी 2026
Yuddh Nashon Viruddh

Yuddh Nashon Viruddh: दूसरे चरण में नशे की जड़ पर होगा बड़ा प्रहार, 1.50 लाख VDC सदस्य बने गांवों के पहरेदार

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
NDA Selection

NDA Selection: पंजाब के 11 कैडेट्स का एनडीए और रक्षा अकादमियों में चयन, गुरनूर सिंह को देशभर में 15वीं रैंक

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
All India Civil Services Tournament

All India Civil Services Tournament: पंजाब टीमों के ट्रायल 29 जनवरी को, जानें कहां होगा चयन

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
Amritsar Drug Bust

Amritsar Drug Bust: पाकिस्तान से जुड़े नार्को-आर्म्स मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक ही परिवार के चार गिरफ्तार

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
CM Mann and Saini

SYL Canal Dispute: पंजाब-हरियाणा में बैठक, जल विवाद सुलझाने पर बनी सहमति

मंगलवार, 27 जनवरी 2026
Next Post
AAP Logo

'आप' पंजाब ने मीडिया विंग के पदाधिकारियों का किया ऐलान

Sanjay Singh -1

भाजपा राज में आईपीएस पूरन कुमार को दलित होने की सजा मिली- संजय सिंह

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।