Punjab AAP MLA Vigilance Raid से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Mann) के निर्देश पर आम आदमी पार्टी (AAP – Aam Aadmi Party) के जालंधर सेंट्रल (Jalandhar Central) से विधायक रमन अरोड़ा (Raman Arora) के घर विजिलेंस टीम ने छापेमारी की है। आरोप है कि अरोड़ा ने जालंधर नगर निगम (Jalandhar Municipal Corporation) के माध्यम से लोगों को नोटिस भेजकर उनसे पैसे लेकर मामले निपटा दिए। इस पूरे मामले में FIR दर्ज हो चुकी है, और जांच के दौरान अरोड़ा के घर नोट गिनने की मशीन (cash counting machine) मंगवानी पड़ी।
🚨 Mann Sarkar Big Action Against Corruption!
👉No one is above the law — not even within AAP.
👉Vigilance raids MLA Raman Arora over fake Nagar Nigam notices, extortion & digital scams.This is what real accountability looks like. pic.twitter.com/TLrZZqAxFl
— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 23, 2025
सूत्रों के अनुसार रमन अरोड़ा पर कार्रवाई की तैयारी पहले से चल रही थी। कुछ दिन पहले ही उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी, जिसमें 12 पुलिसकर्मी तैनात थे। AAP नेता और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सन्नी आहलूवालिया (Sunny Ahluwalia) ने दावा किया है कि रमन अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है, हालांकि सरकारी प्रवक्ता ने अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
हैरान करने वाली बात यह है कि महज 4 दिन पहले ही विधानसभा की नई समितियों में अरोड़ा को पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी (Public Undertaking Committee) का सदस्य नियुक्त किया गया था। विजिलेंस सूत्रों ने बताया कि अरोड़ा के करीबी और नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच के ATP सुखदेव वशिष्ठ (ATP Sukhdev Vashisht) की गिरफ्तारी के बाद जांच में विधायक का नाम सामने आया। ATP से पूछताछ और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद विजिलेंस ने अब विधायक पर कार्रवाई की है।
रमन अरोड़ा की सुरक्षा हटाए जाने के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन पर सरकार जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकती है। अरोड़ा ने उस समय कहा था कि उन्हें नहीं पता कि सुरक्षा क्यों हटाई गई, लेकिन वे खुद को आम आदमी पार्टी का ईमानदार नेता मानते हैं और सरकार का हर फैसला उन्हें मंजूर है।
विवाद सिर्फ भ्रष्टाचार के आरोपों तक सीमित नहीं है। सितंबर 2022 में, विधानसभा चुनाव के 7 महीने बाद डीसीपी नरेश डोगरा (DCP Naresh Dogra) के साथ रमन अरोड़ा का झगड़ा भी चर्चाओं में रहा। यह विवाद तब सामने आया जब एक निजी संस्थान के ऑफिस में अरोड़ा समर्थकों पर डोगरा से मारपीट के आरोप लगे। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
दिल्ली (Delhi) में फरवरी 2025 में हुए चुनाव में हार के बाद अब AAP सरकार पंजाब में एक्शन मोड में नजर आ रही है। रमन अरोड़ा पर कार्रवाई से पहले सरकार 3 बड़े अफसरों और नेताओं पर पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। 17 फरवरी 2025 को श्री मुक्तसर साहिब (Sri Muktsar Sahib) के डिप्टी कमिश्नर राजेश त्रिपाठी (DC Rajesh Tripathi) को सस्पेंड किया गया। उसी दिन विजिलेंस चीफ वरिंदर कुमार (Varinder Kumar) को भी हटाया गया और उनकी जगह जी नागेश्वर राव (G Nageshwar Rao) को नियुक्त किया गया। फिर 26 मार्च को IPS एसपीएस परमार (SPS Parmar) को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन बाद में उन्हें भी हटा कर ADGP प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) को विजिलेंस प्रमुख बनाया गया।
AAP सरकार इससे पहले भी दो विधायकों पर कार्रवाई कर चुकी है। 24 मई 2022 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला (Dr. Vijay Singla) को रिश्वत मामले में गिरफ्तार कर कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं 23 फरवरी 2023 को बठिंडा ग्रामीण (Bathinda Rural) के विधायक अमित रतन (Amit Rattan) को विजिलेंस ने चंडीगढ़ स्थित आवास से रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अब रमन अरोड़ा पर विजिलेंस की यह रेड 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले AAP के भीतर और बाहर सियासी हलचल को तेज कर सकती है।













