Punjab De-addiction Centers पर फोकस करते हुए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने नशे के खिलाफ जंग को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता को 1500 से बढ़ाकर 5000 बेड तक कर दिया है। यह फैसला राज्य में नशे की समस्या से लड़ने की सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
अब हर नशा मुक्ति केंद्र (De-addiction Center) में एयर कंडीशनिंग (Air Conditioning) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके। साथ ही, पुराने केंद्रों को भी आधुनिक बनाया जाएगा और नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस फैसले से राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास प्रणाली सुनिश्चित की जा सकेगी।
OOAT (Opioid Substitution Therapy) केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। पहले राज्य में 529 OOAT केंद्र थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 565 कर दिया गया है। यह वृद्धि सीधे तौर पर ज्यादा मरीजों को इलाज मुहैया कराने में मदद करेगी। सरकार ने हर जिले में आवश्यक दवाइयों (Medicines) की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर नशा मुक्ति केंद्रों की सेवाओं में गिरावट पाई गई तो संबंधित अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात को दोहराया कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में प्रशासन की पूरी जवाबदेही तय की जाएगी।
यह निर्णय पंजाब सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य को नशा मुक्त (Drug-Free) बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे न सिर्फ पीड़ितों को बेहतर इलाज मिलेगा बल्कि समाज में नशे के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी जाएगा।








