Corruption Exposed: पंजाब विजीलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पी.एस.पी.सी.एल. (PSPCL) के मुख्य खजांची अमृत भूषण को 2,60,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गुरदासपुर (Gurdaspur) जिले के दीनानगर (Dinangar) स्थित पी.एस.पी.सी.एल. कार्यालय से हुई। इस मामले में शिकायत रघुबीर सिंह (Raghubir Singh) द्वारा दी गई थी, जो झंगी सरूप दास (Jhangi Sarup Das), जिला गुरदासपुर (Gurdaspur) के निवासी हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी: जांच के दौरान यह पाया गया कि अमृत भूषण ने 11 के.वी. बिजली लाइनों (11 kV Power Lines) को बदलने का कार्य करवाने के लिए 2,60,000 रुपये की रिश्वत ली थी, लेकिन उसने कभी भी उन लाइनों को बदला नहीं। इसके बाद रघुबीर सिंह (Raghubir Singh) की शिकायत पर विजीलेंस ब्यूरो ने पूरी जांच की और आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
विजीलेंस ब्यूरो की कार्रवाई: राज्य विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज किया गया है। विजीलेंस ब्यूरो ने इस मामले में अमृतसर रेंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया और आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में एक और सफलता: विजीलेंस ब्यूरो की यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि पंजाब सरकार (Punjab Government) भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी स्थिति को सख्त बनाए हुए है और किसी भी सरकारी अधिकारी को नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पी.एस.पी.सी.एल. (PSPCL) और भ्रष्टाचार: पी.एस.पी.सी.एल. एक प्रमुख राज्य सरकारी कंपनी है जो बिजली वितरण और उत्पादन के कार्यों को संभालती है। कंपनी में अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार की घटनाएं सामने आने से यह मुद्दा सरकार के लिए चिंताजनक बन चुका है। ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई से कंपनी की साख और कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाई जा सकती है।
पंजाब विजीलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को यह सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर वे भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








