नई दिल्ली (New Delhi) 03 फ़रवरी (The News Air): भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस (Congress) नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) पेश किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) पर की गई कथित टिप्पणी को भाजपा ने अपमानजनक बताया।
BJP के सांसदों का कहना है कि राष्ट्रपति पद (President of India) की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Privilege motion against Sonia Gandhi
40 BJP MPs move a privilege motion against Sonia Gandhi over her alleged derogatory remarks about President Droupadi Murmu
MPs met Vice President & Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar, calling remarks disrespectful to India’s… pic.twitter.com/HMf8sYbEwn
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) February 3, 2025
BJP ने क्यों उठाया मुद्दा?
भाजपा नेताओं ने संसद में मांग की कि सोनिया गांधी को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता और सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि –“राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है। किसी भी राजनेता को इस पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का हक नहीं है। सोनिया गांधी ने जो बयान दिया, वह अस्वीकार्य है।”
सोनिया गांधी ने क्या कहा था?
हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने सफाई दी कि सोनिया गांधी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि – “यह भाजपा की साजिश है, सोनिया गांधी का बयान पूरी तरह से संदर्भ से हटाकर दिखाया जा रहा है।”
संसद में हंगामा, BJP और Congress में तीखी बहस
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लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।
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BJP सांसदों ने सोनिया गांधी के बयान को लेकर निंदा प्रस्ताव की मांग की।
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कांग्रेस सांसदों ने इस पर विरोध जताते हुए BJP पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।
क्या है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव?
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) तब लाया जाता है जब कोई सांसद, मंत्री या नेता संसदीय नियमों या संवैधानिक पदों के खिलाफ अनुचित बयान देता है या आचरण करता है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो संबंधित व्यक्ति को सफाई देनी होती है, और अगर दोषी पाया जाता है, तो कार्रवाई भी हो सकती है।
क्या सोनिया गांधी को माफी मांगनी होगी?
BJP की मांग है कि –
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सोनिया गांधी अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें।
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सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति मुर्मू से माफी मांगें।
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अगर वे ऐसा नहीं करतीं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हालांकि, कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भाजपा के इस कदम का पुरजोर विरोध करेगी।
राजनीतिक विवाद क्यों बढ़ रहा है?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि –
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2024 लोकसभा चुनाव के बाद BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
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भाजपा राष्ट्रपति मुर्मू को लेकर किए गए किसी भी अपमानजनक बयान को मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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कांग्रेस इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बता रही है।
इस विवाद ने एक बार फिर BJP बनाम कांग्रेस के राजनीतिक संघर्ष को हवा दे दी है। अब देखना होगा कि संसद में इस मुद्दे पर क्या फैसला लिया जाता है और क्या सोनिया गांधी अपने बयान पर माफी मांगेंगी या नहीं।








