नई दिल्ली, 09 सितंबर,(The News Air): दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान की सजा को निलंबित कर दिया है। उन्हें डीडीए की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में 6 महीने की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने आज उन्हें राहत देते हुए 2 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया गया है, जो डीडीए को दिए जाने वाले 5 लाख रुपये के मुआवजे का हिस्सा है। हाईकोर्ट ने डीडीए को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। आसिफ मोहम्मद खान को 30 अगस्त को सजा सुनाई गई थी।
निचली अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका
इससे पहले दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बीते माह आसिफ मोहम्मद खान की अपील खारिज करते हुए उन्हें छह महीने की कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही उन्हें डीडीए को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया था। कांग्रेस नेता ने जसोला गांव के इलाके में डीडीए की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े एक मामले में 2018 के फैसले और सजा को चुनौती दी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) विशाल सिंह ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा 2018 में पारित फैसले और सजा के आदेश को बरकरार रखा था। कोर्ट ने कहा था कि जनप्रतिनिधि के रूप में सत्ता का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है और यह जनता के विश्वास को तोड़ने वाला कृत्य है। सत्र अदालत ने माना था कि ट्रायल कोर्ट ने खान को दोषी ठहराने के लिए सबूतों की सही तरह से सराहना की। दोषसिद्धि का विवादित फैसला न्यायसंगत और तर्कसंगत है।
5 फरवरी, 2018 को 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई
भाषा के अनुसार, जनवरी 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खान को आईपीसी की धारा 427/447/434 और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत अपराध के लिए दोषी करार दिया था। अदालत ने फिर 5 फरवरी, 2018 को इन अपराधों के लिए उन्हें 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई थी।
दोषसिद्धि और सजा के आदेश के खिलाफ आसिफ खान ने अपील दायर की। अदालत ने 28 अगस्त को पारित आदेश में कांग्रेस नेता की इस दलील को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया था कि जसोला गांव में डीडीए की जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं हुआ था।








