नई दिल्ली, 03 अगस्त (The News Air): भारत अपनी सैन्य ताकत को और भी मजबूत करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने सेना को आधुनिक बनाने के लिए 100 और K9 वज्र-टी तोपें खरीदने का फैसला किया है। ये तोपें स्वदेशी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) बनाएगी। यह कदम भारत की सैन्य क्षमता को और भी मजबूत करेगा। इससे खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में भारत की ताकत और बढ़ जाएगी।
चीन का सामना करने में मिलेगी मदद
भारत में ही हुआ है निर्माण
K-9 वज्र असल में दक्षिण कोरियाई K9 थंडर 155mm तोप का भारतीय संस्करण है, जिसका निर्माण L&T कंपनी भारत में लाइसेंस के तहत करती है। भारतीय संस्करण में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें फायर कंट्रोल सिस्टम, डायरेक्ट फायर सिस्टम और गोला-बारूद प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। ये सभी L&T द्वारा ही विकसित और निर्मित किए गए हैं।
बेहद खास है ये तोप
K9 वज्र-टी तोपों को खास तौर पर कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इन्हें -20°C तक के तापमान में भी काम करने लायक बनाने के लिए विंटर किट से लैस किया गया है। इन किट में खास बैटरी और लुब्रिकेंट शामिल हैं जो पहाड़ी इलाकों की भीषण ठंड में भी काम कर सकते हैं। K9 प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें 80% से ज्यादा काम भारत में ही हुआ है। L&T के मुताबिक, वज्र-टी सिस्टम के आधे से ज्यादा पुर्जे भारत में ही बने हैं।
पलभर में दुश्मन का सफाया करने में सक्षम
K9 वज्र-टी अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है। इसमें 155mm की तोप लगी है जो 38 किलोमीटर तक निशाना लगा सकती है। तेजी से फायर करने की क्षमता, सेमी-ऑटोमेटिक लोडिंग सिस्टम और बैलिस्टिक खतरों और एंटी-पर्सनल माइंस के खिलाफ मजबूती इसे भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार बनाती है। अपनी मारक क्षमता के अलावा, K9 वज्र अत्याधुनिक डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम से लैस है और यह मल्टीपल राउंड सिमुल्टेनियस इम्पैक्ट (MRSI) जैसे जटिल मोड में भी काम कर सकता है, जिससे युद्ध के मैदान में इसकी प्रभावशीलता और बढ़ जाती है।
हर सेकंड में कर सकती है तीन राउंड फायर
K-9 वज्र में 155mm/52 कैलिबर की तोप लगी है जो हर 15 सेकंड में तीन राउंड फायर कर सकती है। यह 3 मिनट तक 6 से 8 राउंड प्रति मिनट की अधिकतम गति से फायर कर सकती है। HE (हाई एक्सप्लोसिव) प्रोजेक्टाइल के साथ, इसकी अधिकतम फायरिंग रेंज 30 किमी है लेकिन यह 40 किमी की अधिकतम फायरिंग रेंज तक पहुंचने के लिए K307 बेस ब्लीड HE गोला बारूद भी फायर कर सकता है। इसमें पांच लोगों का दल होता है जिसमें एक ड्राइवर, कमांडर, गनर और दो लोडर शामिल हैं।








