8th Pay Commission Fitment Factor Salary Hike. देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Central Government Employees & Pensioners) की निगाहें अब पूरी तरह से 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। 1 जनवरी 2026 से इसके लागू होने की संभावनाओं के बीच, सैलरी और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इस बीच, All India NPS Employees Federation के राष्ट्रीय अध्यक्ष Manjeet Patel ने फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और सैलरी हाइक को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कर्मचारियों को वास्तविकता से रूबरू कराया है।
2.64 या 3.86? क्या है असली आंकड़ा?
वेतन आयोग के आते ही सबसे ज्यादा चर्चा ‘फिटमेंट फैक्टर’ की होती है, क्योंकि यही वो जादुई आंकड़ा है जिससे गुणा होकर आपकी बेसिक सैलरी तय होती है। फिलहाल बाजार में 3.86 तक के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है। लेकिन, Manjeet Patel ने इन हवाई दावों की हवा निकाल दी है।
उनका कहना है, “3.86 या 4.0 जैसे आंकड़े केवल ‘पब्लिक को अच्छा महसूस कराने’ (Feel Good Factor) के लिए कहे जाते हैं, लेकिन इनमें दम नहीं है।” पटेल के मुताबिक, 2.64 का फिटमेंट फैक्टर सबसे व्यावहारिक (Reasonable) और न्यूनतम आंकड़ा है, जिसे सरकार बिना किसी बड़े बोझ के मान सकती है और इससे कर्मचारियों को भी सीधी राहत मिलेगी।
सैलरी का गणित: कैसे बढ़ेगा पैसा?
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर (Multiplier) होता है। इसे आसान भाषा में समझें—अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए 18,000 को 2.64 से गुणा किया जाएगा। (हालांकि, वीडियो में एक उदाहरण के दौरान आंकड़ों को लेकर अलग कैलकुलेशन का जिक्र हुआ, लेकिन मुख्य जोर 2.64 की मांग पर ही है)।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि फिटमेंट फैक्टर तय करते समय ‘बेसिक पे + ग्रेड पे’ और कई आर्थिक पहलुओं को आधार बनाया जाता है। जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा, सैलरी और पेंशन में उतना ही बड़ा उछाल आएगा।
कब तक मिलेगी खुशखबरी?
भले ही 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है, लेकिन सरकारी प्रक्रिया में वक्त लगता है। मनजीत पटेल ने संकेत दिया है कि सरकार को आयोग की सिफारिशें पूरी तरह मंजूर करने और लागू करने में करीब 2 साल का समय लग सकता है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि कर्मचारियों को इस देरी के बदले एरियर (Arrears) मिलने की पूरी उम्मीद है।
संपादकीय विश्लेषण: उम्मीद बनाम हकीकत
अक्सर वेतन आयोग के समय सोशल मीडिया पर लुभावने आंकड़ों की बाढ़ आ जाती है। 4.0 या 3.86 का फिटमेंट फैक्टर सुनना कानों को अच्छा लग सकता है, लेकिन Manjeet Patel का 2.64 वाला तर्क आर्थिक दृष्टिकोण से ज्यादा संतुलित नजर आता है। सरकार के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को काबू में रखते हुए कर्मचारियों को खुश करना एक चुनौती होगी। ऐसे में, कर्मचारियों को ‘हवाई आंकड़ों’ के बजाय ‘व्यावहारिक बढ़ोतरी’ पर ही भरोसा करना चाहिए। 2.64 का आंकड़ा भी अगर मंजूर होता है, तो यह महंगाई से जूझ रहे मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
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Manjeet Patel ने 3.86 फिटमेंट फैक्टर को खारिज करते हुए 2.64 को व्यावहारिक बताया।
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8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है।
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सिफारिशें लागू होने में 2 साल लग सकते हैं, लेकिन एरियर मिलेगा।
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फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिससे बेसिक सैलरी और पेंशन तय होती है।








