8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स इन दिनों एक ही सवाल पूछ रहे हैं—आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा, सैलरी कितनी बढ़ेगी और पैसा कब से मिलेगा। देशभर में यह चर्चा इसलिए तेज है क्योंकि 2026 नजदीक है और वेतन बढ़ोतरी की उम्मीदें उससे जुड़ी हैं। इस पूरी बहस के केंद्र में एक शब्द सबसे अहम है, फिटमेंट फैक्टर, जो तय करता है कि मौजूदा वेतन में असल बढ़ोतरी कितनी होगी।
सरल शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर ही वह पैमाना है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय होती है। यही कारण है कि हर कर्मचारी सबसे पहले इसी आंकड़े को जानना चाहता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है। मौजूदा बेसिक सैलरी को इसी फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर, उतनी ज्यादा सैलरी और उतना ही बड़ा फायदा पेंशनर्स को भी मिलता है।
इस विषय पर All India NPS Employees Federation के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Manjit Singh Patel ने फिटमेंट फैक्टर की गणना को आसान भाषा में समझाया है।
2.64 फिटमेंट फैक्टर से सैलरी कैसे बढ़ेगी
अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो नई बेसिक सैलरी सीधे लगभग ₹47,520 हो जाएगी।
इसी तरह, ज्यादा बेसिक सैलरी वालों के लिए बढ़ोतरी का आंकड़ा और बड़ा होगा। यही वजह है कि फिटमेंट फैक्टर को वेतन आयोग की “रीढ़” माना जाता है।
आठवां वेतन आयोग कब से माना जा रहा है लागू
आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू माना जा रहा है। नियमों के हिसाब से बढ़ी हुई सैलरी इसी तारीख से लागू मानी जानी चाहिए। लेकिन व्यवहारिक स्थिति इससे अलग हो सकती है।
बढ़ी हुई सैलरी हाथ में कब आएगी
डॉ. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने, कैबिनेट की मंजूरी और फिर उसे लागू करने की प्रक्रिया में आमतौर पर 18 से 24 महीने का समय लग जाता है।
इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को वास्तविक बढ़ी हुई सैलरी 1 जुलाई 2027 या फिर 1 जनवरी 2028 से मिलने की संभावना ज्यादा है।
कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर
इस देरी का सीधा असर कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय पर पड़ता है। हालांकि, जब भी वेतन आयोग लागू होता है, तब एरियर की उम्मीद भी जुड़ जाती है। इसलिए कर्मचारी फिलहाल फिटमेंट फैक्टर और लागू होने की तारीख पर सबसे ज्यादा नजर बनाए हुए हैं।
विश्लेषण: उम्मीद और इंतजार के बीच कर्मचारी
आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें ऊंची हैं, लेकिन अनुभव बताता है कि फैसला और फायदा मिलने के बीच लंबा इंतजार करना पड़ता है। फिटमेंट फैक्टर अगर 2.64 के आसपास रहता है, तो यह सैलरी और पेंशन दोनों के लिए बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकता है। असली सवाल यही है कि सरकार इसे कितनी जल्दी अमल में लाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू माना जा रहा
- सैलरी बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर
- 2.64 फिटमेंट फैक्टर से बड़ी बढ़ोतरी संभव
- बढ़ी सैलरी 2027 या 2028 से मिलने की संभावना
- पेंशनर्स को भी सीधा फायदा मिलेगा








