8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह कब से लागू होगा और बढ़ी हुई सैलरी-पेंशन खाते में कब आएगी। इस मसले पर ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा, चाहे उसकी रिपोर्ट 2026 के अंत में आए या 2027 में। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक ऐसी बात कही है जिससे कर्मचारियों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
आयोग की रिपोर्ट में देरी से क्या होगा नुकसान?
डॉ. मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, 15 जनवरी 2025 को आयोग की घोषणा हुई थी, लेकिन काम की रफ्तार कछुए की चाल जैसी है। अभी तक केवल ऑफिस सेटअप और डायरेक्टर की नियुक्ति जैसी प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने 18 सवालों के जरिए 16 मार्च तक सुझाव मांगे हैं, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि असली मुद्दे जैसे फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, परिवार यूनिट पर सीधा सवाल नहीं पूछा गया।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अगर रिपोर्ट देर से आती है तो कर्मचारियों को सिर्फ बेसिक और महंगाई भत्ता (डीए) का एरियर मिलेगा। टीए (यात्रा भत्ता), एचआरए (किराया भत्ता) और अन्य भत्तों का एरियर नहीं मिलता। इससे कर्मचारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।
कर्मचारियों की मांग: 200 दिनों में रिपोर्ट
डॉ. पटेल ने मांग रखी है कि आयोग को 200 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया जाए, ताकि सरकार फरवरी 2027 के बजट में एरियर और वेतन वृद्धि का प्रावधान रख सके। अगर इसमें और देरी हुई तो मामला 2028 तक खिसक सकता है।
न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर क्या है मांग?
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये से कम नहीं होना चाहिए। साथ ही परिवार यूनिट को तीन से बढ़ाकर पांच करने की मांग की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो फिटमेंट फैक्टर 2.6 से ऊपर जा सकता है, जिससे वेतन वृद्धि में और इजाफा होगा।
क्या है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है अहम?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिससे 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली मूल वेतन (बेसिक पे) और महंगाई भत्ता (डीए) को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। कर्मचारी 2.6 से ऊपर फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी सैलरी में अच्छा इजाफा हो सके।
मुख्य बातें (Key Points)
आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा, चाहे रिपोर्ट कभी भी आए।
रिपोर्ट देरी से आने पर कर्मचारियों को सिर्फ बेसिक और डीए का एरियर मिलेगा, भत्तों का नहीं।
कर्मचारी संगठनों ने 200 दिनों में रिपोर्ट सौंपने और न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने की मांग की है।
परिवार यूनिट तीन से बढ़ाकर पांच करने पर फिटमेंट फैक्टर 2.6 से ऊपर जा सकता है।
देरी की स्थिति में मामला 2028 तक खिसकने की आशंका है।








