8th Pay Commission Budget 2026: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर आई है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग से जुड़े खर्च के लिए अलग बजट प्रावधान कर दिया है। इसका मतलब है कि वेतन और पेंशन में भविष्य में बदलाव की तैयारी अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के डिमांड फॉर ग्रांट्स में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के नाम से बजट लाइन दिखाई दी है। बजट 2026 में इसके लिए ₹23.42 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसमें से लगभग ₹21.32 करोड़ राजस्व व्यय और ₹2.10 करोड़ पूंजीगत व्यय के तौर पर रखे गए हैं।
आयोग के कामकाज के लिए बजट
यह पैसा आयोग के गठन, स्टाफ, दफ्तर, रिसर्च और प्रशासनिक खर्चों के लिए होता है। अभी यह वेतन बढ़ोतरी का पैसा नहीं बल्कि आयोग के काम शुरू करने की तैयारी का बजट है। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आने वाले समय में 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 59 लाख पेंशनर्स की सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करने जा रही है।
आमतौर पर वेतन आयोग महंगाई, जीवन यापन लागत, कर्मचारियों की जरूरत और सरकार की वित्तीय स्थिति को देखकर नई वेतन सिफारिशें देता है। बाद में इन्हीं सिफारिशों के आधार पर बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते और पेंशन में बदलाव होते हैं।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या मिलेगा?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसका मतलब भविष्य में बेसिक वेतन बढ़ाने की संभावना है जिससे DA, HRA और दूसरे भत्ते भी बढ़ते हैं। पेंशनर्स के लिए नई सिफारिशें लागू होने पर बेसिक और फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल बजट में सिर्फ आयोग के कामकाज के लिए शुरुआती धनराशि दी गई। लेकिन यह साफ संकेत है कि आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया अब कागज से आगे बढ़ चुकी है। आने वाले सालों में इसकी सिफारिशें ही तय करेंगी कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब में कितनी बढ़ोतरी पहुंचेगी।
30-40% सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद
8वां वेतन आयोग केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए पर्याप्त वेतन वृद्धि लाने का अनुमान है, जो 30-34% की सीमा में होने का अनुमान है, कुछ अनुमानों के अनुसार कुछ स्तरों के लिए 40% तक। फिटमेंट फैक्टर 1.83 और 2.46 के बीच, या इससे भी अधिक होने की उम्मीद है, जिसमें न्यूनतम बेसिक वेतन में काफी वृद्धि हो सकती है।
लागू होने पर, महंगाई भत्ता (DA) घटक, जो वर्तमान में बेसिक वेतन का 55% है, शून्य पर रीसेट होने की उम्मीद है। सिफारिशों को लागू करने की अनुमानित लागत लगभग ₹1.8 लाख करोड़ है।
NPS कर्मचारी फेडरेशन की मांग
आयोग को मिले इस फंड को लेकर ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत की प्रतिक्रिया भी आई। उन्होंने कहा कि आयोग के कामकाज के लिए वित्त मंत्रालय ने ₹23.42 करोड़ फंड की व्यवस्था कर दी है। उम्मीद है कि अब आयोग जल्द से जल्द ऑफिस में काम करना शुरू करेगा और कर्मचारियों के हित में मिशन 200 दिनों में ही रिपोर्ट तैयार करके भारत सरकार को सौंपेगा ताकि और अधिक देरी से बचा जा सके।
कर्मचारियों का धैर्य जवाब देने लगा
आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉइज फेडरेशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कड़ा पत्र लिखकर मांग की है कि आयोग को तुरंत काम शुरू करने का निर्देश दिया जाए और सिर्फ 200 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का टारगेट तय किया जाए।
फेडरेशन ने साफ कहा है कि 15 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा हुई थी। लेकिन एक साल से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी आयोग जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं हो सका। पहले ही आयोग के आधिकारिक गठन और फंड जारी करने में 1 साल की देरी हो चुकी है और कर्मचारियों का भरोसा अब टूटने लगा है।
कर्मचारी संगठनों की अन्य मांगें
केंद्रीय सरकारी कर्मचारी फेडरेशन जैसे कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने अपनी मांगों को लेकर मुखर रहे हैं। एक प्रमुख मांग नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को समाप्त करना और सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली है।
अन्य महत्वपूर्ण मांगों में शामिल हैं:
- 50% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक वेतन और पेंशन के साथ मर्ज करना
- 1 जनवरी 2026 से प्रभावी वेतन और पेंशन पर 20% अंतरिम राहत प्रदान करना
- FNPO ने विशेष रूप से प्रस्ताव दिया है कि लेवल-1 पर न्यूनतम वेतन ₹54,000 प्रति माह तय किया जाना चाहिए, जिसमें 3.00 का फिटमेंट फैक्टर हो
कब आएगी रिपोर्ट?
8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। हालांकि, आयोग अभी भी अपने प्रारंभिक चरण में है और अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और जमा करने में 16 से 18 महीने लगने की उम्मीद है, संभवतः 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक। संशोधित वेतन के लिए बजटीय प्रावधान आमतौर पर सिफारिशों को अंतिम रूप देने और स्वीकृत करने के बाद किए जाते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- बजट 2026 में 8वें वेतन आयोग के लिए ₹23.42 करोड़ का बजट आवंटन
- ₹21.32 करोड़ राजस्व व्यय और ₹2.10 करोड़ पूंजीगत व्यय
- 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 59 लाख पेंशनर्स को मिलेगा फायदा
- 30-40% सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद, फिटमेंट फैक्टर 1.83-2.46 या अधिक
- NPS कर्मचारी फेडरेशन ने 200 दिन में रिपोर्ट की मांग की
- रिपोर्ट 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक आने की संभावना








