7th Pay Commission: 18 महीने के DA एरियर पर बढ़ी उम्मीद, अब पीएम मोदी करेंगे फ़ैसला

नई दिल्ली, 20 सितंबर (The News Air)
7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काम की ख़बर है. कर्मचारियों को भले ही 28 परसेंट भत्ता मिलने लगा है, लेकिन 18 महीने के एरियर को लेकर उनमें अब भी निराशा है. सरकार ने जब महंगाई भत्ते को लेकर ऐलान किया था कि तो कहा था कि उन्हें बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता ही मिलेगा, लेकिन एरियर पर सहमति नहीं बनी थी. लेकिन, इसी बीच कर्मचारियों की उम्मीद एक बार फिर बढ़ी है. आइए जानते हैं विस्तार से.
एरियर का फ़ैसला अब पीएम मोदी करेंगे-लेकिन अब ख़बर आ रही है कि 18 महीने के एरियर का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया है, अब पीएम मोदी एरियर को लेकर फ़ैसला करेंगे. इससे एरियर को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं. अगर पीएम मोदी 18 महीने के एरियर को हरी झंडी देते हैं तो क़रीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के खाते में मोटी रक़म आएगी. फ़िलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 28 परसेंट हो चुका है. इसका फ़ायदा केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों और 65 लाख से ज़्यादा पेंशनर्स को मिल रहा है.

PM मोदी से पेंशनर्स की चिट्ठी-भारतीय पेंशन भोगी मंच (BMS) ने DA, DR के एरियर के भुगतान को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. BMS ने पीएम मोदी से अपील की है कि वो इस मामले में हस्तक्षेप करें. BMS ने अपील की है कि आप वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) को एक जनवरी, 2020 से 30 जून 2021 के बीच रोके गए DA/DR के एरियर को जल्द जारी करने का निर्देश दें. इस बारे में तत्काल कार्रवाई पर हम अत्यंत आभारी रहेंगे. पेंशनर्स का तर्क है कि DA/DR जिस अवधि में रोके गए थे उस दौरान खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है और पेट्रोल-डीजल की क़ीमतें, खाने का तेल और दलहन के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हैं.

18 महीने के एरियर पर नहीं हुआ फ़ैसला-आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से मई 2020 में DA बढ़ोतरी को 30 जून 2021 तक के लिए रोक दिया था. 1 जुलाई 2021 से इसे फिर बहाल कर दिया गया है. तब से महंगाई भत्ते की तीन क़िस्त जारी की हैं. इसमें जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 का कुल 11 फ़ीसदी DA जारी किया गया है. हालांकि, इन 18 महीनों के महंगाई भत्ता का एरियर (Dearness allowance arrears) नहीं दिया गया. मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha Monsoon session) में वित्त राज्यमंत्री ने एक लिखित बयान में स्पष्ट किया था एरियर देने पर कोई फ़ैसला नहीं किया गया है.

पेंशनर्स के लिए सही नहीं फ़ैसला-DA/DR का भुगतान कर्मचारियों और पेंशनर्स की जीवनयापन की लागत में बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए होता है. 18 महीने के दौरान लागत में काफ़ी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में इस अवधि का पैसा रोकना कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में नहीं है. चिट्ठी में इस बात ज़िक्र किया गया है कि ज़्यादातर पेंशनर्स बड़ी उम्र के हैं. चिकित्सा के लिए पैसे की ज़रूरत होती है. साथ ही कोविड-19 संकट की वजह से ज़्यादातर पेंशनभोगियों की आय इतनी होती है कि वे सिर्फ़ अपना पेट भर सकते हैं.
BMS ने कहा कि इस बात में शक नहीं है कि देश वित्तीय संकट से जूझ रहा है. ज़्यादातर पेंशनभोगियों ने प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात राहत कोष (PM CARES) में एक दिन की पेंशन का योगदान दिया है. अब उन्हें ज़रूरत है तो सरकार को ‘DA/DR का भुगतान करना चाहिए.

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