Punjab Himachal Weather Update : उत्तर भारत में मौसम का मिजाज जानलेवा हो गया है। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण मनाली समेत कई इलाकों में 600 से ज्यादा पर्यटक पिछले 24 घंटों से बिना भोजन-पानी के फंसे हुए हैं, वहीं पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश के बाद हाड़ कंपाने वाली ठंड और बिजली संकट ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चंडीगढ़ में ठंड से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि मोहाली के कई इलाके ‘ब्लैकआउट’ के अंधेरे में डूबे हैं।
हिमाचल में ‘स्नो-ट्रैप’: 600 टूरिस्ट फंसे
हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। शिमला के जाखू, कुफरी और नारकंडा में एक फीट से ज्यादा बर्फ जम चुकी है। सबसे बुरा हाल मनाली का है, जहां भारी बर्फबारी के कारण गाड़ियां सड़कों पर ही फंस गई हैं। करीब 600 पर्यटक अपनी गाड़ियों में कैद रहने को मजबूर हैं। माइनस डिग्री तापमान में इनके पास न तो खाने को कुछ है और न ही ठंड से बचने के लिए पर्याप्त कंबल।
दिल्ली से आई टूरिस्ट Rinki ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह मनाली से 8 किलोमीटर पहले पिछले 24 घंटे से फंसी हुई हैं। उनके साथ टैंपो में 5 लोग और हैं, जिन्होंने पूरी रात भूखे-प्यासे बिताई है। ठंड के कारण पर्यटकों की तबीयत अब बिगड़ने लगी है।
मोहाली में ‘ब्लैकआउट’: इन्वर्टर ठप, पानी गायब
पहाड़ों पर बर्फ तो मैदानी इलाकों में बारिश ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। मोहाली, खरड़ और जीरकपुर के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से बिजली गुल है। हैरानी की बात यह है कि बिजली विभाग बिना सप्लाई बहाल किए ही लोगों की शिकायतों को ‘Solved’ बताकर बंद कर रहा है।
बिजली न होने से लोगों के इन्वर्टर जवाब दे गए हैं और मोबाइल तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। बिजली ठप होने का सीधा असर पानी की सप्लाई पर पड़ा है, जिससे हजारों घरों में पानी की बूंद तक नहीं पहुंची है।
ठंड और हादसों का कहर: चंडीगढ़ में मौत
चंडीगढ़ के सेक्टर-27 में मेयर के वार्ड स्थित एक पार्क में बेंच पर एक व्यक्ति का शव मिला है। शुरुआती जांच में मौत की वजह अत्यधिक ठंड बताई जा रही है। वहीं, पटियाला में करंट लगने से एक युवक की जान चली गई और गुरदासपुर में एक पोल्ट्री फार्म पर बिजली गिरने से 8,000 चूजों की मौत हो गई। मनीमाजरा में बारिश के कारण एक घर की छत गिरने से 3 बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए।
जानें पूरा मामला: मौसम का ‘यू-टर्न’
मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यह स्थिति बनी है। 24 और 25 जनवरी को पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर और मोहाली समेत 6 जिलों में बारिश और घने कोहरे का अलर्ट है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर Surendra Pal ने बताया कि 26 जनवरी 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर ठंड, बारिश और कोहरे का दौर शुरू होगा।
विश्लेषण: व्यवस्था की नाकामी उजागर
यह खबर केवल मौसम की मार नहीं, बल्कि प्रशासनिक लाचारी की भी कहानी है। जहां एक तरफ सरकारें ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर’ का दावा करती हैं, वहीं महज एक दिन की बारिश में मोहाली जैसे हाई-टेक शहर का 24 घंटे तक अंधेरे में डूब जाना सिस्टम की पोल खोलता है। उधर, हिमाचल में हर साल बर्फबारी होती है, फिर भी पर्यटकों के लिए कोई अर्ली वॉर्निंग सिस्टम या आपातकालीन राहत का ठोस इंतजाम न होना चिंताजनक है। क्या प्रशासन केवल हादसों के बाद ही जागता है?
‘मुख्य बातें (Key Points)’
हिमाचल: मनाली और आसपास के इलाकों में 600+ पर्यटक गाड़ियों में फंसे, भोजन-पानी का संकट।
बिजली संकट: मोहाली, खरड़ में 24 घंटे से बत्ती गुल, पानी की सप्लाई भी ठप।
हादसे: चंडीगढ़ में ठंड से एक मौत, पटियाला में करंट से युवक की जान गई।
अलर्ट: 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, फिर बढ़ेगी ठंड और बारिश।








