कैप्टन अमरिंदर सिंह के CM पद से इस्तीफा देने के 10 बड़े कारण

चंडीगढ़, 17 सितंबर (The News Air)

पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान एक बार फिर से शुरू हो गया है. 40 विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद बुलाई गई कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम को कांग्रेस आलाकमान तय करेगा. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पंजाब के नए सीएम पर फैसला लेंगी. बैठक में इसी सिलसिले में दो प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं. मीटिंग में कुल 78 विधायक मौजूद रहे, जिसमें से कई कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थक भी थे.

पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने बैठक के बाद बताया कि इसमें दो प्रस्ताव पारित हुए हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की सराहना करते हुए रावत ने कहा कि उन्होंने पूरी काबिलियत और योग्यता के साथ नेतृत्व किया और बहुत अच्छी सरकार पंजाब को दी. जो चुनौतियां पंजाब के सामने थीं, उनका उन्होंने सामने किया और हल निकाले. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात करने के बाद अपना पद छोड़ने का फैसला लिया और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

इससे पहले, राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर से मीडिया को संबोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार यह हुआ है. इससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और इसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दे दी थी. 

मीडिया से बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ”जिस पर आलाकमान को भरोसा है, उसे पंजाब का अगला मुख्यमंत्री बनाए. मुझे ऐसा लगा कि उन्हें मुझपर भरोसा नहीं है.” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी कांग्रेस में ही हैं और भविष्य में समय आने पर फैसला लेंगे. 

सूत्रों के मुताबिक, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को फोन करके AICC द्वारा बिना उन्हें विश्वास में लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाए जाने पर ऐतराज दर्ज कराया था. उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से पार्टी में उन्हें दरकिनार किया जाता रहा तो वो बतौर सीएम बने रहने के इच्छुक नहीं हैं.

वहीं, विधायक दल की बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत शामिल थे. इसमें दो केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और हरीश चौधरी भी मौजूद रहे. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी ट्वीट कर कहा, कांग्रेस पार्टी के निर्देश पर 18 सितंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. इधर, पंजाब कांग्रेस के महासचिव परगट सिंह ने स्वीकार किया कि विधायकों ने हाई कमान को लिखी चिट्ठी थी जिसके चलते गुरुवार को CLP की बैठक बुलाई गई है.  

उन्होंने कहा कि ये किसी की अहंकार का सवाल नहीं है. विधायक लंबे समय से बैठक की मांग कर रहे थे, जो अभी तक हुई नहीं थी. वहीं परगट ने माना कि कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और किसी भी तरह का एजेंडा विधायकों तक नहीं पहुंचाया गया है. सिर्फ उनको कांग्रेस दफ्तर में आने और बैठक में भाग लेने के लिए कहा गया है.  

क्या कांग्रेस छोड़ देंगे कैप्टन अमरिंदर?

इस्तीफ के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘राजनीति में विकल्प हमेशा रहता है. मुझे पॉलिटिक्स में 52 साल हो गए हैं. साढ़े 9 साल मैं मुख्यमंत्री रहा हूं. लेकिन दो महीने में तीन बार बैठक करके पार्टी ने जिस तरह मुझ पर दवाब बनाया है उससे मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं. पार्टी हाईकमान को मेरे नेतृत्व पर शक था. इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है. अब वो जिसे चाहें उसे सीएम बना सकते हैं. मुझे नया सीएम स्वीकार नहीं है. मैं अभी कांग्रेस में ही हूं और अपने साथियों और सपोर्टर्स से बात करूंगा और अपने फ्यूचर पॉलिटिक्स करियर पर आगे फैसला लूंगा.’

नए मुख्यमंत्री बनेंगे सुनील जाखड़?

नए मुख्‍यमंत्री का चुनाव करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज शाम पांच बजे होगी. नए मुख्‍यमंत्री के तौर पर सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे चल रहा है. आज सुनील जाखड़ ने एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा, ‘राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के विवाद को सुलझाने के लिए जो कदम उठाया है उस साहसी निर्णय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है. इसके साथ ही अकालियों को झकझोर कर रख दिया है.’ बैठक के लिए पंजाब कांग्रेस भवन में गतिविधियां तेज हो गई है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत और दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन व हरीश राय चौधरी चंडीगढ़ पहुंच गए हैं.

घटनाक्रम पर बीजेपी का हमला

वहीं, पंजाब में जारी सियासी घटनाक्रम पर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया है इसकी पटकथा तो उसी दिन लिख दी गयी थी जिस दिन नवजोत सिंह सिधु का कांग्रेस में प्रवेश हुआ था क्योंकि जहां-जहां पांव पड़े ‘संतन’ के तहां-तहां बंटाधार.’ इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जहाज जब डूबने वाला होता है तो हिचकोले खाने लगता है. उन्होंने अंबाला में कहा कि पंजाब कांग्रेस उसी प्रकार ने हिचकोले खा रही है. इसी वजह से इनका आपसी टकराव हो रहा है.

सिद्धू के सलाहकार ने घेरा 

वहीं सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मुस्तफा ने ट्वीट कर लिखा, 2017 में पंजाब ने हमें 80 विधायक दिए, लेकिन दुखद ये है कि कांग्रेस पार्टी एक अच्छा मुख्यमंत्री पंजाब को नहीं दे पाई. पंजाब के दुख और दर्द को समझते हुए अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री का चेहरा बदला जाए. 

ट्वीट से हुई घटनाक्रम की शुरुआत

मिनट दर मिनट बदलते राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 11 बजकर 42 मिनट पर हुई, जब पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने शनिवार को तत्काल सीएलपी की बैठक करने के फैसले के बारे में ट्वीट किया. करीब 10 मिनट बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने सभी विधायकों को सीएलपी की बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया. रावत की घोषणा को हाईकमान की ओर से नए पदाधिकारी को नियुक्त करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसके नेतृत्व में पार्टी मार्च 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव में जाएगी.

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के 10 बड़े कारण

  1. सीएम अमरिंदर ने कहा, मुझ पर शक किया गया. जिन पर कांग्रेस अध्यक्ष को भरोसा है उसे सीएम बना दे. कांग्रेस अध्यक्ष ने जो फैसला किया वो ठीक है.
  2. अमरिंदर सिंह ने कहा, मेरा फैसला आज सुबह हो गया था मैंने कांग्रेस प्रेसिडेंट से बात की थी और उन्हें बता दिया था कि मैं आज इस्तीफा दे रहा हूं. पिछले कुछ महीनों में यह तीसरी बार हो रहा है, 2 महीने में 3 बार आपने विधायक बुलाए
  3. राज्यपाल को इस्तीफा देने के बाद राजभवन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अमरिंदर सिंह ने कहा, भविष्य की राजनीति का विकल्प खुला हुआ है और समय आने पर फैसला लूंगा.
  4. कैप्टन ने कहा कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री को वो नहीं मानेंगे. उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए मेरे रास्ते खुले हैं, सभी विकल्पों पर विचार करूंगा. समर्थकों से बात कर आगे का फैसला लूंगा.
  5. इस्तीफे के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर नवजोत सिंह सिद्धू का नाम उन्हें मंजूर नहीं है. कैप्टन ने कहा कि सिद्धू में सरकार चलाने की क्षमता नहीं है. वे एक मंत्रालय तक चला नहीं पाए.
  6. उन्होंने कहा, पंजाब मेरा है, मैंने यहां सेवा की है और राजनीति में हमेशा ही ऑप्शन रहता है. मैं 52 साल से राजनीति में हूं. मैं किसी भी हालत में पीछे हटने वाला नहीं हूं.
  7. अमरिंदर सिंह ने कहा, मैंने किसानों के लिए काम किया है. किसानों के बच्चों को नौकरी देने की बात कही है. क्या होगा कैसे होगा, कहां होगा पॉलिटिकल ऑप्शन है वो आगे देखेंगे.
  8. इस्तीफा देने के बाद अमरिंदर सिंह ने कहा, मैंने आलाकमान से पहले ही कह दिया था कि मैं इस तरह से काम नहीं करूंगा.
  9. अकाली दल में जानें की अटकलों को विराम देते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि 13 साल से अकाली दल ने मेरे ऊपर केस किए हुए हैं, मेरी उनसे दुश्मनी चल रही है ऐसे में मैं उनके साथ कैसे जा सकता हू
  10. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वो इस बात का जवाब पार्टी हाईकमान से चाहते हैं कि आखिरकार उनसे क्या गलती हुई है.

Leave a Comment